देश की राजधानी में राष्ट्रीय राजनीति और संसदीय कार्यप्रणाली पर पैनी नजर रखने वाली जानी-मानी पत्रकार पायल मेहता का रविवार तड़के मुंबई में अचानक निधन हो गया। उनकी आयु 46 वर्ष थी। वह पेशेवर कारणों से मुंबई के दौरे पर थीं, जहां आधी रात को उनकी शारीरिक स्थिति अत्यंत नाजुक हो गई। आपात स्थिति में उन्हें तुरंत चिकित्सकीय सहायता के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, परंतु डॉक्टरों द्वारा उपचार शुरू किए जाने से पूर्व ही उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके असामयिक प्रस्थान के समाचार से देश के मीडिया हलकों के साथ-साथ समूचे राजनीतिक गलियारे में स्तब्धता छा गई है।
मुंबई में अचानक बिगड़ी थी तबीयत
पायल मेहता के अचानक चले जाने की दुखद परिस्थितियों का विवरण साझा करते हुए वरिष्ठ पत्रकार शीला भट्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मेहता अपनी मुंबई यात्रा पर थीं और उसी दौरान अचानक उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया। रात लगभग दो बजे उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सीय प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही उनकी नब्ज थम चुकी थी। नई दिल्ली के पत्रकारिता जगत में पायल मेहता अपनी कर्मठता, निरंतर सक्रियता और जटिल विषयों को सरलता से सामने लाने के लिए पहचानी जाती थीं। वह निरंतर संसद की कार्यवाही, केंद्र सरकार की नीतियों तथा भारतीय जनता पार्टी से जुड़े अहम घटनाक्रमों पर रिपोर्टिंग करती रही थीं।
शीर्ष नेतृत्व ने दी श्रद्धांजलि
इस आकस्मिक क्षति पर दुख प्रकट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर उनके पत्रकारिता कौशल को याद किया। प्रधानमंत्री ने उन्हें एक अत्यंत परिश्रमी पत्रकार बताया जो जमीनी वास्तविकताओं से गहरे जुड़ी थीं और राष्ट्रीय सरोकारों की स्पष्ट समझ रखती थीं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अपने पेशेवर समर्पण के अतिरिक्त मेहता अपने सहज, स्नेही और आत्मीय स्वभाव के लिए भी पहचानी जाती थीं, जिसके चलते उन्होंने अनगिनत लोगों के दिलों में एक विशेष स्थान बनाया था।
गृह मंत्री अमित शाह ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मुद्दों की तह तक जाकर सटीक जानकारी प्रस्तुत करने वाली एक प्रतिभाशाली पत्रकार का असमय जाना मीडिया जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा शोकाकुल परिजनों और सहयोगियों को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
संसदीय रिपोर्टिंग में निभाई थी विशिष्ट भूमिका
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस दुखद घटना पर भावुक प्रतिक्रिया दी और कहा कि वह बहुत अल्पायु में सबको छोड़कर चली गईं। राजनाथ सिंह ने संसद के भीतर मेहता की निष्ठा और व्यावसायिक ईमानदारी को याद करते हुए उल्लेख किया कि सत्र के दिनों में वह सुबह से देर रात तक संसद परिसर में डटी रहती थीं। पूरे समर्पण के साथ विधायी बहसों और महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रमों पर पैनी निगाह बनाए रखना उनकी कार्यशैली की मुख्य विशेषता थी।
पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने व्यक्त की संवेदना
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस क्षति पर अफसोस जताते हुए इसे भारतीय पत्रकारिता के लिए एक बड़ा नुकसान करार दिया। वहीं विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं ने भी इस असामयिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने शोक संदेश में कहा कि वह एक कर्मठ और लगनशील पत्रकार थीं जिन्हें लोक नीति और जनहित के मुद्दों का व्यापक ज्ञान था। खरगे ने उनके परिजनों, मित्रों और साथी पत्रकारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी शोक प्रकट करते हुए दिवंगत पत्रकार के परिवार, स्नेहीजनों और सहकर्मियों के साथ अपनी सहानुभूति साझा की। दलगत सीमाओं से परे विभिन्न दलों के नेताओं और वरिष्ठ पत्रकारों ने पायल मेहता के योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।



















