नगालैंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और जगह-जगह हुए भूस्खलन के कारण जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। कई इलाकों का संपर्क मुख्य सड़क मार्ग से पूरी तरह कट जाने के बाद भारतीय वायुसेना (IAF) ने मोर्चा संभाला है। राज्य सरकार के समन्वय से चलाए गए एक व्यापक हवाई बचाव अभियान के तहत मंगलवार को 100 से अधिक फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इसके साथ ही वायुसेना के विमानों और राज्य सरकार के हेलीकॉप्टरों की मदद से उन दुर्गम क्षेत्रों में खाद्य सामग्री और दवाएं पहुंचाई गईं, जहां जमीनी रास्ते पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो चुके हैं।
दुर्गम क्षेत्रों में हवाई राहत सामग्री और परीक्षार्थियों का रेस्क्यू
नगालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NSDMA) के अधिकारियों के अनुसार, इस मानसूनी बारिश ने राज्य के कई जिलों में भारी तबाही मचाई है। विशेष रूप से मोन और लोंगलेंग जिलों में भूस्खलन के कारण सड़क तंत्र पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है, जिससे ये जिले पूरी तरह से अलग-थलग पड़ गए थे। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य प्रशासन ने भारतीय वायुसेना से तत्काल सहायता मांगी। वायुसेना ने तत्परता दिखाते हुए फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टर तैनात किए।
इस हवाई रेस्क्यू ऑपरेशन की एक महत्वपूर्ण बात यह रही कि इसमें नगालैंड लोक सेवा आयोग (NPSC) की कंबाइंड एजुकेशन सर्विसेज परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थियों को भी सुरक्षित निकाला गया। सड़क मार्ग बंद होने के कारण ये परीक्षार्थी रास्ते में ही फंस गए थे और उनकी परीक्षा छूटने का खतरा पैदा हो गया था। वायुसेना ने इन अभ्यर्थियों को समय पर सुरक्षित निकालकर बड़ी राहत दी। इसके अतिरिक्त, प्रभावित इलाकों में हवा के जरिए आवश्यक राहत सामग्री गिराई गई, जिसमें खाद्य पैकेट, आवश्यक दवाएं, मेडिकल किट, कपड़े और दैनिक उपयोग का सामान शामिल है। NSDMA ने स्पष्ट किया है कि जब तक मौसम और जमीनी हालात सामान्य नहीं हो जाते, तब तक यह हवाई अभियान जारी रहेगा।
विभिन्न जिलों में राशन और जमीनी सहायता वितरण तेज
हवाई अभियानों के अलावा राज्य के अन्य प्रभावित हिस्सों में जमीनी स्तर पर भी राहत कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं। मोक्कोकचुंग जिले से राहत सामग्री से भरे कई ट्रकों को तुली के लिए रवाना किया गया है। वहीं, चांगटोंग्या क्षेत्र में सड़क संपर्क बाधित होने के कारण फंसे और विस्थापित हुए परिवारों के बीच सूखा राशन और जरूरी सामान वितरित किया गया है। स्थानीय प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि कोई भी परिवार भोजन या आवश्यक वस्तुओं की कमी से न जूझे।
इमरजेंसी रिलीफ फंड से प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद
आपदा की इस घड़ी में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (DDMA) ने प्रभावित नागरिकों को आर्थिक सहायता पहुंचाने का काम भी शुरू कर दिया है। इसके तहत इमरजेंसी रिलीफ फंड (ERF) के माध्यम से वित्तीय मदद दी जा रही है। वोखा जिले में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण जिन लोगों के मकानों और सुरक्षा दीवारों को नुकसान पहुंचा है, उन्हें तुरंत आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
इसी तरह, शामातोर जिले में स्थिति का जायजा लेते हुए डिप्टी कमिश्नर अरिकुंबा ने बारिश से प्रभावित दो परिवारों को मौके पर ही सहायता राशि सौंपी। वहीं, जुन्हेबोटो जिले में भूस्खलन से प्रभावित हुए पांच अन्य परिवारों को भी ERF के तहत राहत राशि दी गई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि राज्य के सभी जिलों को मलबे की सफाई करने, बंद सड़कों को फिर से खोलने और आपातकालीन व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले ही आवश्यक वित्तीय बजट आवंटित कर दिया गया है।
प्रशासन हाई अलर्ट पर, मुख्यमंत्री ने लिया जायजा
नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि राज्य में राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि होम गार्ड्स, सिविल डिफेंस और SDRF की टीमें अन्य आपदा प्रबंधन एजेंसियों और प्रशासनिक विभागों के साथ मिलकर दिन-रात काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, सभी एजेंसियां आपस में बेहतर समन्वय बनाकर काम कर रही हैं ताकि प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके। फिलहाल राज्य सरकार, भारतीय वायुसेना, SDRF और विभिन्न जिला प्रशासनों की टीमें हाई अलर्ट पर हैं और प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है।



















