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नैनीताल में लौटी एक दशक पुरानी रौनक, अमेरिका और फ्रांस समेत कई देशों से पहुंचे 6,320 विदेशी पर्यटकउत्तराखंड
26 अक्तू॰ 2026, 6:26 pm (11 दिन पहले)· 2

नैनीताल में लौटी एक दशक पुरानी रौनक, अमेरिका और फ्रांस समेत कई देशों से पहुंचे 6,320 विदेशी पर्यटक

उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नैनीताल में एक बार फिर विदेशी सैलानियों की संख्या बढ़ने लगी है। पर्यटन विभाग के अनुसार, इस साल अब तक 6,320 विदेशी पर्यटक यहां पहुंच चुके हैं, जिससे स्थानीय कारोबारियों में भारी उत्साह है।

उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों वाले शहर नैनीताल में एक बार फिर से विदेशी पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने लगी है। अमेरिका, फ्रांस और रूस जैसे तमाम देशों से सैलानी यहां की प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और ऐतिहासिक धरोहरों को देखने के लिए पहुंच रहे हैं। पर्यटन विभाग की तरफ से मिले आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक कुल 6,320 विदेशी पर्यटक नैनीताल की यात्रा कर चुके हैं। सैलानियों की इस बढ़ती संख्या से स्थानीय पर्यटन से जुड़े कारोबारियों के चेहरों पर खुशी लौट आई है।

शहर की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से पर्यटन पर टिकी हुई है। ऐसे में विदेशी मेहमानों के आने से होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी चलाने वालों, नौकायन से जुड़े लोगों और स्थानीय बाजारों के दुकानदारों को खासी उम्मीदें बंध गई हैं। व्यापारियों का मानना है कि इस सकारात्मक बदलाव से न केवल पर्यटन कारोबार को एक नई रफ्तार मिलेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। नैनीताल की पहचान उसकी विश्व प्रसिद्ध झील और हरी-भरी पहाड़ियों से है, जो बरसों से पर्यटकों को आकर्षित करती रही हैं।

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दशकों पुराना माहौल और नौकायन का आकर्षण

नैनीताल नाव मालिक समिति के सचिव नरेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि करीब 10 साल पहले शहर में विदेशी पर्यटकों का बहुत अच्छा तांता लगा करता था। विशेष रूप से सितंबर से दिसंबर के महीनों के दौरान, जब देश के आम सैलानियों की भीड़ थोड़ी कम होती थी, तब विदेशी पर्यटक यहां की शांत फिजाओं का लुत्फ उठाने आते थे। हालांकि बीते कुछ वर्षों में इन सैलानियों की संख्या में काफी कमी दर्ज की गई थी, लेकिन मौजूदा महीने में स्थिति काफी हद तक सुधरती नजर आ रही है।

उन्होंने बताया कि नौकायन के दौरान विदेशी सैलानी यहां के नजारों की जमकर तारीफ करते हैं। नैनी झील में बोटिंग करने के लिए विदेशी पर्यटकों को 420 रुपये का टिकट लेना पड़ता है। इसके अलावा कई बार पर्यटक नाविकों को अपनी खुशी से टिप भी देते हैं, जिससे स्थानीय नाविकों की आमदनी में भी इजाफा होता है। हालांकि, कुछ सैलानियों ने शहर के बढ़ते ट्रैफिक और भीड़भाड़ को लेकर अपनी चिंता भी जाहिर की है।

होटल कारोबार और विदेशी मुद्रा का प्रवाह

नैनीताल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट के अनुसार, विदेशी पर्यटकों की यह वापसी पर्यटन उद्योग के लिए बेहद उत्साहजनक खबर है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के दूसरे पर्यटन स्थलों की तरह नैनीताल भी विदेशी मेहमानों को अपनी ओर खींचता है, लेकिन पिछले कुछ समय से इसमें गिरावट आई थी। अब विदेशी सैलानियों के दोबारा आने से होटल कारोबारियों के सामने बेहतर संभावनाएं पैदा हो गई हैं।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पर्यटकों को और अधिक आकर्षित करने के लिए शहर में बुनियादी सुविधाओं का विकास बेहद जरूरी है। खासकर ट्रैफिक मैनेजमेंट को दुरुस्त करना, सड़कों को चौड़ा करना और भीड़भाड़ पर लगाम लगाना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि सैलानियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

ऐतिहासिक इमारतें और ब्रिटेन जैसी वास्तुकला

नैनीताल में ब्रिटिश काल के दौरान बनाई गई कई ऐतिहासिक और हेरिटेज इमारतें आज भी मौजूद हैं। इन भवनों की बनावट और वास्तुकला ब्रिटेन की इमारतों से काफी मिलती-जुलती है, जो विदेशी पर्यटकों के लिए एक बड़ा आकर्षण केंद्र बनती है। शहर की प्राकृतिक छटा के साथ-साथ यह ऐतिहासिक विरासत भी अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को अपनी ओर खींचने का काम करती है।

कारोबारियों का मानना है कि विदेशी पर्यटकों के आने से देश में विदेशी मुद्रा का प्रवाह भी बढ़ता है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं और सरकार को भी पर्यटन राजस्व के रूप में लाभ मिलता है। यदि शहर में विदेशी सैलानियों की यह आवक इसी तरह बनी रही, तो आने वाले समय में पर्यटन उद्योग और अधिक ऊंचाईयों को छू सकता है।

सुविधाओं के विकास से बढ़ सकती है संख्या

इस साल अब तक 6,320 विदेशी पर्यटकों का पहुंचना इस बात का संकेत है कि नैनीताल अपनी खोई हुई चमक वापस पा रहा है। हालांकि, केवल प्राकृतिक खूबसूरती ही विदेशी मेहमानों को रोके रखने के लिए काफी नहीं है। इसके लिए साफ-सफाई, यातायात की बेहतर व्यवस्था और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देना होगा। यदि आने वाले समय में बुनियादी समस्याओं का समाधान प्रभावी ढंग से किया जाता है, तो नैनीताल वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूती से उभर सकता है।

सवाल-जवाब

इस साल अब तक कितने विदेशी पर्यटक नैनीताल आ चुके हैं?
पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक 6,320 विदेशी पर्यटक नैनीताल पहुंच चुके हैं।
नैनीताल में कौन-कौन से देशों से सैलानी पहुंच रहे हैं?
अमेरिका, फ्रांस और रूस समेत दुनिया के विभिन्न देशों से पर्यटक नैनीताल आ रहे हैं।
नैनी झील में नौकायन के लिए कितना टिकट शुल्क है?
नैनी झील में नौकायन के लिए विदेशी पर्यटकों को 420 रुपये का टिकट देना पड़ता है।
नैनीताल नाव मालिक समिति के सचिव कौन हैं?
नैनीताल नाव मालिक समिति के सचिव नरेंद्र सिंह चौहान हैं।
नैनीताल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष कौन हैं?
नैनीताल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट हैं।
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टिप्पणियाँ 5

Pooja Bhatt@pooja-bhatt·10 दिन पहले

नैनी झील की बोटिंग के लिए 420 रुपये का टिकट वाकई काफी सही लगा।

Ravikash Gupta@ravikash·10 दिन पहले

नैनीताल में विदेशी सैलानियों का लौटना वाकई सुकून की बात है, लेकिन क्या प्रशासन सच में ट्रैफिक और भीड़भाड़ को ठीक कर पाएगा? सैलानियों की संख्या तो बढ़ रही है, पर शहर की सड़कें कब सुधरेंगी?

Arjun Mehta@arjun-mehta·10 दिन पहले

रविकेश जी, बिल्कुल सही कहा आपने। पिछली बार जब मैं नैनीताल गया था, तो मॉल रोड पर एक छोटी सी दूरी तय करने में ही घंटों जाम में फंसे रहे थे।

Karan Malhotra@karan-malhotra·10 दिन पहले

नैनीताल में विदेशी सैलानियों का लौटना बढ़िया है, लेकिन ट्रैफिक और भीड़ बढ़ने से स्थानीय लोगों और पर्यटकों को जो परेशानी होगी, उससे निपटने के लिए प्रशासन ने क्या तैयारी की है?

Rohan Verma@rohan-verma·10 दिन पहले

करण भाई, ट्रैफिक की चिंता ठीक है, पर मुझे लगता है कि 6,320 का आंकड़ा थोड़ा बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया है।

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