पीतल नगरी में खास मसालों और मक्खन के साथ परोसी जाती है मुरादाबादी मूंग दालतुला राशिफल 25 सितंबर 2026: राहु और मंगल के प्रभाव से करियर में आएगी गति, वित्तीय संतुलन और रिश्तों पर दें ध्यानशी जिनपिंग के स्वागत में व्हाइट हाउस का शाही मेन्यू, फ्रेंच स्वाद के साथ परोसे गए खास व्यंजनराजस्थान के तीन बड़े शहरों में महापौर चुनने की जंग, जयपुर में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामनेकश्मीरी गेट के पास ई-रिक्शा रोककर लूटपाट, चाकू के वार से युवक की जान गई और दो जख्मीछत और बालकनी पर सब्जियां उगाते समय न करें केमिकल का छिड़काव, पूसा विशेषज्ञ ने सुझाए जैविक खाद के आसान उपायवृश्चिक राशिफल 25 सितंबर 2026: 12वें भाव में शुक्र जगाएगा सुख-सुविधाओं की चाहत, बजट और सेहत का रखें ध्यानपंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि, अंत्योदय और एकात्म मानववाद के विचार को किया यादजीनियस एक्ट के तहत स्टेबलकॉइन के सख्त नियमों पर फेडरल रिजर्व ने मांगी जनता से रायदैनिक राशिफल 25 सितंबर 2026: कुंभ में चंद्रमा और राहु की युति से ग्रहण योग, जानें सभी 12 राशियों का हाल
नर्सरी की फिजूलखर्ची से बचें, इन 5 पौधों की छोटी सी डंडी से घर में ही उगाएं नई हरियालीराजस्थान
29 अग॰ 2026, 7:30 am (27 दिन पहले)· 2

नर्सरी की फिजूलखर्ची से बचें, इन 5 पौधों की छोटी सी डंडी से घर में ही उगाएं नई हरियाली

घर में पौधे उगाने का शौक पूरा करने के लिए बार-बार पैसे खर्च करने की आवश्यकता नहीं है। गुलाब, मनी प्लांट और तुलसी जैसे 5 पौधों को बिना बीज के केवल डंडी की कटिंग से आसानी से नया पौधा बनाया जा सकता है।

घर के आँगन या बालकनी को हरे-भरे पौधों से सजाना बहुत से लोगों का पसंदीदा शौक होता है। लेकिन बार-बार नर्सरी से महंगे पौधे खरीदना, नए गमले लाना या बीज खरीदने का खर्च हर किसी के बजट में फिट नहीं बैठता। अच्छी खबर यह है कि खूबसूरत गार्डन तैयार करने के लिए हमेशा पैसे खर्च करने की आवश्यकता नहीं होती। कई ऐसे लोकप्रिय पौधे हैं जिन्हें बीज के बिना, केवल उनकी छोटी-सी डंडी या कटिंग की मदद से आसानी से उगाया जा सकता है। इसके लिए किसी विशेष उपकरण या महंगे गमलों की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि सही देखभाल और सामान्य मिट्टी में ही नया पौधा तैयार हो जाता है।

गुलाब और मनी प्लांट: आसानी से जड़ पकड़ने वाले पौधे

गुलाब का पौधा अपनी सुंदरता और खुशबू के लिए जाना जाता है, और इसे कटिंग के जरिए उगाना बेहद सरल है। इसके लिए पौधे की किसी स्वस्थ और हल्की मोटी डंडी का चुनाव करें। कटिंग रोपने से पहले उसकी निचली पत्तियों को हटा देना चाहिए ताकि सारा पोषण जड़ें बनाने में लगे। इसे नमी युक्त मिट्टी में लगाएं और इस बात का ध्यान रखें कि गमले में पानी जमा न हो। इस कटिंग को ऐसी जगह रखना चाहिए जहाँ पर्याप्त रोशनी आए, लेकिन सीधी तेज धूप न पड़ती हो। सही वातावरण मिलने पर कुछ ही हफ्तों में डंडी से नई जड़ें निकलने लगती हैं और ताजी पत्तियां दिखाई देने लगती हैं।

ये भी पढ़ें

मनी प्लांट को भी कटिंग से तैयार करना बेहद आसान माना जाता है। इसके लिए ऐसी मजबूत डंडी चुनें जिसमें कम से कम एक या दो गांठें यानी नोड मौजूद हों। इस डंडी को साफ पानी से भरे कांच के गिलास या बोतल में डालकर ऐसी जगह रख दें जहाँ हल्की रोशनी आती हो। कुछ ही दिनों के भीतर नोड वाले हिस्से से सफेद जड़ें बाहर आने लगती हैं। जब जड़ें अच्छी तरह विकसित और मजबूत हो जाएं, तब इस कटिंग को मिट्टी से भरे गमले में स्थानांतरित किया जा सकता है। मिट्टी में लगाने के बाद इसे नियमित लेकिन नियंत्रित मात्रा में पानी देना चाहिए।

तुलसी की डंडी से नया पौधा तैयार करने की विधि

धार्मिक और औषधीय महत्व रखने वाली तुलसी की कई किस्मों को कटिंग के माध्यम से आसानी से बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए पौधे से एक स्वस्थ और मजबूत डंडी काट लें और उसकी निचली पत्तियों को अलग कर दें। तैयार कटिंग को साफ पानी में रखकर या हल्की नम मिट्टी में रोपकर नया पौधा उगाया जा सकता है। शुरुआती दिनों में तुलसी की कटिंग को ऐसे स्थान पर रखें जहाँ अच्छी रोशनी उपलब्ध हो, लेकिन सीधी कड़क धूप से बचाव रहे। मिट्टी में नमी का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है, क्योंकि पानी का भराव कटिंग को सड़ा सकता है। अनुकूल परिस्थितियां मिलते ही डंडी से जड़ें फूटने लगती हैं और पौधा नई पत्तियों के साथ पनपने लगता है।

गुड़हल और चमेली की कटिंग से खूबसूरत फूल पाएं

फूलदार पौधों में गुड़हल और चमेली भी ऐसे पौधे हैं जिन्हें सही तरीका अपनाकर कटिंग से तैयार किया जा सकता है। इन पौधों की कटिंग लेने के लिए हमेशा स्वस्थ और पुरानी मजबूत शाखाओं का ही चयन करना चाहिए। डंडी लगाने से पहले नीचे के पत्तों को हटा दें और उसे हल्की नमी वाली मिट्टी में गहराई से लगाएं। मिट्टी में पानी की मात्रा का खास ध्यान रखें, क्योंकि अत्यधिक नमी या पानी का ठहराव कटिंग को नुकसान पहुँचा सकता है। इन्हें हमेशा सीधी तेज धूप से बचाकर ऐसी जगह रखें जहाँ छनकर रोशनी आती हो। इन पौधों में जड़ें बनने और नए पत्ते आने में थोड़ा समय लग सकता है, इसलिए कटिंग लगाने के बाद सब्र रखना बेहद जरूरी होता है।

कटिंग रोपते समय ध्यान रखने योग्य बुनियादी बातें

घर में मौजूद पौधों से नए पौधे तैयार करके आप बिना किसी अतिरिक्त खर्च के अपने बगीचे का विस्तार कर सकते हैं। इसके लिए सही जल निकासी वाले गमलों और उपजाऊ हल्की मिट्टी का प्रबंध करना चाहिए। कटिंग लगाने के बाद मिट्टी में हमेशा हल्की नमी बनी रहनी चाहिए, लेकिन अत्यधिक पानी देने से बचें ताकि जड़ें सड़ें नहीं। मौसम के बदलाव और पौधे की व्यक्तिगत जरूरतों के हिसाब से उनकी देखभाल करना आवश्यक है। यदि सही रोशनी, नमी और तापमान का संयोजन मिले, तो एक छोटी सी डंडी धीरे-धीरे जड़ों का विकास करके एक स्वस्थ और पूर्ण पौधे का रूप ले लेती है।

सवाल-जवाब

क्या गुलाब के पौधे को कटिंग से उगाना आसान है?
हाँ, स्वस्थ और थोड़ी मोटी डंडी को निचली पत्तियां हटाकर नम मिट्टी में लगाने से कुछ ही हफ्तों में जड़ें निकल आती हैं।
मनी प्लांट की कटिंग पानी में रखते समय किस बात का ध्यान रखना चाहिए?
मनी प्लांट की डंडी में कम से कम एक या दो नोड होना जरूरी है, जिससे पानी में रखने पर जड़ें आसानी से निकल सकें।
तुलसी की कटिंग को कैसी जगह रखना चाहिए?
तुलसी की कटिंग को ऐसी जगह रखें जहाँ पर्याप्त रोशनी मिले, लेकिन सीधी तेज धूप न पड़ती हो ताकि नमी बनी रहे।
गुड़हल और चमेली की कटिंग खराब होने का मुख्य कारण क्या है?
मिट्टी में जरूरत से ज्यादा पानी देने और तेज धूप में रखने से गुड़हल और चमेली की कटिंग सड़कर खराब हो सकती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·26 दिन पहले

यह लेख बागवानी से जुड़े वित्तीय पहलुओं पर प्रकाश डालता है, जो मध्यवर्गीय परिवारों के लिए बजट प्रबंधन का एक व्यावहारिक समाधान है। हालांकि, अपराध और न्याय मामलों के जानकार के रूप में, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इस प्रकार की घरेलू वानस्पतिक गतिविधियां शहरी आवासीय क्षेत्रों में सार्वजनिक संपत्ति या अवैध पौध चोरी जैसे छोटे-मोटे कानूनी विवादों को रोकने में भी अप्रत्यक्ष रूप से मदद करती हैं, क्योंकि लोग नर्सरी पर निर्भर रहने के बजाय स्व-निर्भर बनते हैं।

Rohan Verma@rohan-verma·26 दिन पहले

यह लेख घरेलू स्तर पर संसाधनों के स्व-प्रबंधन को बढ़ावा देता है, जो शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में अनियोजित खर्चों पर लगाम लगाता है। सुरक्षा और प्रशासनिक दृष्टिकोण से देखें तो, जब लोग अपनी बालकनी या आँगन में ही पौधे तैयार करने लगते हैं, तो सार्वजनिक पार्कों या सरकारी जमीनों से पौधों और हरियाली की अनधिकृत कटाई या चोरी जैसी छोटी-मोटी स्थानीय शिकायतों में भी कमी आती है। यह पहल आत्मनिर्भरता के साथ-साथ समुदाय स्तर पर पर्यावरण के प्रति कानूनी और सामाजिक जागरूकता को भी सुदृढ़ करती है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp