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पाली के धनपत लॉज में ₹100 में मिलता है शुद्ध देसी घी का भोजन, 1967 से कायम है मां के हाथ वाला स्वादराजस्थान
3 सित॰ 2026, 7:59 am (22 दिन पहले)· 2

पाली के धनपत लॉज में ₹100 में मिलता है शुद्ध देसी घी का भोजन, 1967 से कायम है मां के हाथ वाला स्वाद

राजस्थान के पाली स्थित धनपत लॉज में पिछले 60 से 70 वर्षों से ₹100 में शुद्ध देसी घी, गट्टे की सब्जी और गरमा-गरम रोटियों से सजी पारंपरिक राजस्थानी थाली परोसी जा रही है।

राजस्थान के पाली शहर में स्थित धनपत लॉज पिछले सात दशकों से अपने ठेठ राजस्थानी जायके और सादगी के लिए एक अलग पहचान बनाए हुए है। बाजार के भारी-भरकम मसालों और व्यावसायिकता से दूर, इस भोजनालय में पकाया जाने वाला खाना लोगों को घर के बने भोजन की याद दिलाता है। यहां भोजन करने के बाद पेट में किसी प्रकार का भारीपन महसूस नहीं होता, बल्कि मन को एक खास तृप्ति मिलती है, जैसे मां के हाथों से बना खाना खाया गया हो। इस भोजनालय का मुख्य उद्देश्य महंगाई के दौर में अधिक मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि लोगों को संतुष्टि के साथ भोजन कराना है।

देसी घी की महक और पारंपरिक राजस्थानी थाली

धनपत लॉज की थाली अपनी सादगी और शुद्धता के लिए जानी जाती है। यहां आने वाले ग्राहकों की थाली में दो बड़ी और गरमा-गरम रोटियां परोसी जाती हैं। इसके साथ ही राजस्थानी रसोई का खास आकर्षण देसी गट्टे की सब्जी, मसालेदार भिंडी की सब्जी और गाढ़ी दाल शामिल की जाती है। इस पूरी भोजन थाली का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि सभी व्यंजनों को शुद्ध देसी घी के साथ परोसा जाता है। बनाने की पारंपरिक विधि ही इस भोजन के अनोखे स्वाद और खुशबू का सबसे बड़ा कारण है।

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साल 1967 से बिना बदले कायम है स्वाद और गुणवत्ता

इस ऐतिहासिक भोजन स्थल की शुरुआत वर्ष 1967 में हुई थी। लगभग 60 से 70 सालों के लंबे सफर में इस दुकान ने अपने मूल स्वाद और पहचान में कोई समझौता नहीं किया है। सात दशक बीत जाने के बावजूद, धनपत लॉज (जिसे धनराज लॉज भी कहा जाता है) में मिलने वाले भोजन की ताजगी, गुणवत्ता और पारंपरिक मिठास आज भी वैसी ही बनी हुई है जैसी शुरुआत के दिनों में थी। यही कारण है कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी लोग यहां भोजन करने आते रहे हैं।

वीर दुर्गादास नगर में ₹100 में भरपेट भोजन

यह प्रसिद्ध लॉज पाली शहर के वीर दुर्गादास नगर क्षेत्र में स्थित है। आज के समय में जहां खान-पान की चीजें काफी महंगी हो चुकी हैं, वहीं धनपत लॉज में महज 100 रुपये में शुद्ध, पौष्टिक और भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाता है। पाली के स्थानीय निवासियों के अलावा वहां से होकर गुजरने वाले मुसाफिर और पारंपरिक राजस्थानी खाने के शौकीन बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं। कम कीमत में बेहतरीन स्वाद और अपनत्व के कारण सालों बाद भी यहां ग्राहकों का तांता लगा रहता है।

सवाल-जवाब

धनपत लॉज राजस्थान के किस शहर में स्थित है?
धनपत लॉज (जिसे धनराज लॉज भी कहा जाता है) राजस्थान के पाली शहर में वीर दुर्गादास नगर में स्थित है।
धनपत लॉज में भोजन की थाली की कीमत कितनी है?
यहाँ भरपेट, शुद्ध और पौष्टिक राजस्थानी भोजन की थाली महज 100 रुपये में मिलती है।
धनपत लॉज की थाली में कौन-कौन से व्यंजन परोसे जाते हैं?
थाली में दो बड़ी गरमा-गरम रोटियां, देसी गट्टे की सब्जी, मसालेदार भिंडी की सब्जी और गाढ़ी दाल शुद्ध देसी घी के साथ दी जाती है।
धनपत लॉज की शुरुआत किस वर्ष हुई थी?
इस भोजनालय की शुरुआत साल 1967 में हुई थी और यह पिछले लगभग 60 से 70 वर्षों से संचालित हो रहा है।
यहाँ के खाने की मुख्य खासियत क्या है?
यहाँ का खाना भारी बाजारू मसालों से मुक्त, शुद्ध देसी घी में बना और घर जैसा सादा होता है, जिससे पेट में भारीपन महसूस नहीं होता।
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