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पाली से जालोर के बीच 616 करोड़ रुपये से सुधरेगा स्टेट हाईवे, रोहट से बागरा तक सफर बनेगा सुगमभारत
29 अक्तू॰ 2026, 6:25 am (1 घंटे पहले)· 2

पाली से जालोर के बीच 616 करोड़ रुपये से सुधरेगा स्टेट हाईवे, रोहट से बागरा तक सफर बनेगा सुगम

राजस्थान में रोहट से आहोर और बागरा तक फैले स्टेट हाईवे-64 का 616 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पुनर्विकास किया जाएगा, जिससे यात्रा समय में भारी कमी आएगी।

पश्चिमी राजस्थान के पाली और जालोर जिलों के बीच नियमित सफर करने वाले यात्रियों को जर्जर डामर और धूल भरी पटरियों से जल्द स्थाई राहत मिलने जा रही है। रोहट से शुरू होकर आहोर होते हुए बागरा तक जाने वाले प्रमुख मार्ग के कायाकल्प की योजना को आधिकारिक स्तर पर प्रशासनिक हरी झंडी दे दी गई है। सालों से खस्ताहाल स्थिति में पड़े इस रास्ते पर रोजाना सफर करने वाले हजारों दैनिक यात्रियों और मालवाहक वाहनों को गड्ढों की वजह से गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब इस पूरे कॉरिडोर के आधुनिकीकरण के बाद क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को एक नया आधार मिलेगा।

हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल पर तैयार होगा आधुनिक कॉरिडोर

इस पूरी विकास योजना को राष्ट्रीय राजमार्ग-65 (NH-65) पर स्थित रोहट से आगे बढ़ाते हुए आहोर तथा राष्ट्रीय राजमार्ग-325 (NH-325) के रास्ते बागरा तक विकसित किया जा रहा है। आधिकारिक कार्ययोजना के मुताबिक स्टेट हाईवे-64 (SH-64) के उन्नयन, नए सिरे से निर्माण और आगामी रखरखाव की जिम्मेदारी राजस्थान स्टेट हाईवे डेवलपमेंट प्रोग्राम यानी आरएचएमपी (RHMP) के तहत तय की गई है। सड़क का यह काम हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) के आधार पर पूरा कराया जाएगा, जिससे निर्माण के बाद भी कई सालों तक रास्ते की गुणवत्ता और नियमित मरम्मत सुनिश्चित की जा सकेगी।

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भूमि अवाप्ति और निर्माण पर 616 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति

प्रशासन ने इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए वित्तीय खाका पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। मार्ग को चौड़ा करने और आवश्यक घुमावों को सीधा करने के लिए जमीन जुटाने के मद में 36 करोड़ 58 लाख रुपये की धनराशि भूमि अधिग्रहण हेतु स्वीकृत की गई है। वहीं, मुख्य कैरिजवे के मजबूत निर्माण, पुलियाओं और डामरीकरण के लिए 580 करोड़ 15 लाख रुपये का बड़ा बजट आवंटित हुआ है। दोनों मदों को मिलाकर इस पूरे हाईवे प्रोजेक्ट पर कुल 616 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च होगी, जिससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों का बुनियादी ढांचा पूरी तरह बदल जाएगा।

जनप्रतिनिधि के प्रयासों के बाद धरातल पर उतरेगी परियोजना

क्षेत्रीय स्तर पर इस सड़क की बदहाली को दूर कराने के लिए पाली विधायक भीमराज भाटी लगातार राज्य सरकार के समक्ष मांग रख रहे थे। उनके सतत प्रयासों और लगातार पैरवी के चलते आखिरकार इस परियोजना के टेंडर और वित्तीय आवंटन का रास्ता साफ हुआ है। बजट मंजूरी मिलने के बाद अब संबंधित निर्माण एजेंसियां धरातल पर काम शुरू करने की तैयारी में हैं, जिससे स्थानीय बाशिंदों और ट्रांसपोर्टरों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।

व्यापारिक गतिविधियों, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

रोहट, आहोर और बागरा के बीच सीधी और निर्बाध आवाजाही स्थापित होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से पाली और जालोर के कृषि उत्पाद, ग्रेनाइट और व्यापारिक सामान आसपास की प्रमुख मंडियों तक कम समय में पहुंच सकेंगे। इसके साथ ही, सुगम मार्ग मिलने से क्षेत्र के ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों की पहुंच आसान होगी, जिससे ढाबों, सर्विस स्टेशनों और स्थानीय दुकानों के जरिए युवाओं के लिए रोजगार के नए साधन तैयार होंगे।

आधे समय में पूरा होगा सफर, ईंधन की भी होगी बचत

वर्तमान समय में गड्ढों और संकरे रास्तों के चलते चालकों को न केवल धीमी गति से चलना पड़ता है, बल्कि वाहनों के कलपुर्जों के टूटने और अतिरिक्त ईंधन जलने का आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ता है। आधुनिक तकनीक से बनने वाले इस सुरक्षित हाईवे के पूरा होने से सड़क हादसों में उल्लेखनीय गिरावट आने की उम्मीद है। अधिकारियों का मानना है कि निर्माण कार्य संपन्न होते ही दोनों छोरों के बीच लगने वाला आवागमन का समय घटकर करीब आधा रह जाएगा, जिससे आम नागरिकों के दैनिक जीवन में सीधा सकारात्मक असर पड़ेगा।

सवाल-जवाब

रोहट से बागरा सड़क परियोजना की कुल स्वीकृत लागत कितनी है?
इस पूरे स्टेट हाईवे प्रोजेक्ट के लिए कुल 616 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है।
भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य पर अलग-अलग कितना पैसा खर्च होगा?
भूमि अधिग्रहण के लिए 36 करोड़ 58 लाख रुपये और निर्माण कार्य के लिए 580 करोड़ 15 लाख रुपये का बजट रखा गया है।
यह सड़क किस मॉडल और योजना के तहत बनाई जा रही है?
यह सड़क राजस्थान सरकार की आरएचएमपी योजना के अंतर्गत हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) के तहत विकसित की जाएगी।
इस परियोजना में कौन-कौन से मुख्य कस्बे आपस में जुड़ेंगे?
यह परियोजना रोहट, आहोर और बागरा को आपस में आधुनिक राजमार्ग के जरिए सीधे जोड़ेगी।
नई सड़क बनने से यात्रियों के सफर के समय पर क्या असर पड़ेगा?
सड़क का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इस पूरे मार्ग पर यात्रा का समय घटकर आधा रह जाएगा।
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टिप्पणियाँ 5

Nyra Kaif@nyra-kaif·17 मिनट पहले

सड़क बनने की बात तो अच्छी है, पर क्या सच में 616 करोड़ रुपये लगने के बाद भी ये गड्ढे-मुक्त रह पाएगी? हमारे यहाँ हाईवे बनते ही कुछ महीनों में उखड़ने लगते हैं, इसलिए थोड़ा शक तो होता ही है।

Ravikash Gupta@ravikash·39 मिनट पहले

पाली-जालौर मार्ग के सुधरने से लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी और ग्रेनाइट व कृषि उत्पादों की आवाजाही तेज़ हो जाएगी।

Sandeep Yadav@sandeep-yadav·38 मिनट पहले

रविकश जी, आप बिल्कुल सही कह रहे हैं! पिछले साल जब मैं पाली से जालोर की तरफ जा रहा था, तो गाड़ी के गड्ढों में हाल बेहाल हो गए थे।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

616 करोड़ मंजूर हो गए, टेंडर भी निकल गए — अब बस यही देखना है कि जमीन पर काम उतनी ही तेजी से होता है या फिर अगले पाँच साल भी लोग इन्हीं गड्ढों पर झेलते रहें। HAM मॉडल में रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार पर होती है, तो उम्मीद तो है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·59 मिनट पहले

Karan, HAM मॉडल पर भरोसा समझ आता है — पर क्या किसी ने यह बताया कि भूमि अधिग्रहण कब तक पूरा होगा? अक्सर वहीं अटक जाते हैं ये प्रोजेक्ट।

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