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परिवहन विभाग की नई हिदायत के तहत बिना लिखित मंजूरी छुट्टी पर जाने वाले हरियाणा रोडवेज कर्मियों पर होगी कड़ी कार्रवाईहरियाणा
20 अग॰ 2026, 4:16 pm (78 दिन पहले)· 2

परिवहन विभाग की नई हिदायत के तहत बिना लिखित मंजूरी छुट्टी पर जाने वाले हरियाणा रोडवेज कर्मियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

हरियाणा परिवहन निदेशालय ने रोडवेज कर्मियों के लिए पूर्व लिखित स्वीकृति के बिना अवकाश पर जाने पर रोक लगा दी है। आपात स्थिति में फोन या व्हाट्सएप से सूचना देना अनिवार्य किया गया है, जबकि बिना अनुमति गैरहाजिर रहने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।

हरियाणा परिवहन निदेशालय ने राज्य के रोडवेज विभाग में तैनात सभी श्रेणी के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए छुट्टियों के नियमों को अत्यधिक सख्त कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत अब कोई भी कर्मचारी सक्षम प्राधिकारी की पूर्व लिखित अनुमति के बिना आकस्मिक अवकाश (CL) या किसी अन्य प्रकार की छुट्टी पर नहीं जा सकेगा। बिना औपचारिक मंजूरी के काम से अनुपस्थित रहने वाले कर्मियों की इस हरकत को सीधे अनुशासनहीनता माना जाएगा और उनके विरुद्ध विभागीय सेवा नियमों के तहत कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।

अवकाश स्वीकृति के लिए निर्धारित प्रपत्र अनिवार्य

विभाग द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी कर्मचारी को अनुपस्थित होने से पहले संबंधित सक्षम अधिकारी के समक्ष निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन प्रस्तुत करना होगा। लिखित मंजूरी मिलने के बाद ही छुट्टी को वैध माना जाएगा। निदेशालय ने यह भी साफ निर्देश दिए हैं कि तय आवेदन फॉर्म के अतिरिक्त किसी भी अन्य माध्यम से दिए गए प्रार्थना पत्रों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य रोडवेज के दैनिक प्रशासनिक कार्यों को सुव्यवस्थित बनाए रखना और कर्मचारियों की अचानक गैरहाजिरी से उत्पन्न होने वाली समस्याओं को समाप्त करना है।

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आपातकालीन परिस्थितियों के लिए पृथक प्रोटोकॉल

अचानक उत्पन्न होने वाली आपात स्थिति को ध्यान में रखते हुए विभाग ने एक विशेष पदानुक्रमित व्यवस्था भी तैयार की है। यदि कोई कर्मचारी ऐसी स्थिति में फंस जाता है जहां पूर्व लिखित अनुमति लेना संभव न हो, तो उसे तुरंत सूचना देनी होगी। इसके तहत ग्रुप A और ग्रुप B वर्ग के अधिकारियों को अनुपस्थिति वाले दिन ही निदेशक को फोन या WhatsApp के जरिए कारण सहित जानकारी देनी होगी। इसी तरह ग्रुप C और ग्रुप D श्रेणी के कर्मचारियों को अपने संबंधित JDST को फोन अथवा WhatsApp संदेश भेजकर छुट्टी का स्पष्ट कारण बताना होगा।

ड्यूटी पर वापसी के बाद औपचारिक अनुमोदन जरूरी

परिवहन निदेशालय ने स्पष्ट कर दिया है कि आपात स्थिति में फोन या WhatsApp पर दी गई सूचना को अंतिम अवकाश स्वीकृति नहीं माना जाएगा। आकस्मिक परिस्थितियों में अनुपस्थित रहने वाले प्रत्येक कर्मचारी को काम पर लौटने के तुरंत बाद नियमानुसार अपनी छुट्टी का औपचारिक अनुमोदन (regularization) करवाना होगा। इस औपचारिक प्रक्रिया को पूरा किए बिना संबंधित अवधि के अवकाश को स्वीकृत नहीं माना जाएगा, जिससे वेतन तथा सेवा रिकॉर्ड पर प्रभाव पड़ सकता है।

सख्त रुख का कारण और रूट प्रबंधन

विभागीय समीक्षा में यह बात सामने आई थी कि कई रोडवेज डिपो में ड्राइवर, कंडक्टर और अन्य स्टाफ बिना किसी पूर्व सूचना के ड्यूटी से नदारद हो जाते थे। इस अचानक गैरहाजिरी के कारण बसों का पूरा टाइम-टेबल बिगड़ जाता था, कई निर्धारित रूटों के शेड्यूल रद्द या बदलने पड़ते थे और आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। रोडवेज सेवाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए परिवहन मंत्री अनिल विज और उच्च स्तरीय प्रशासनिक अधिकारियों के परामर्श से इस व्यवस्था को लागू करने का निर्णय लिया गया है।

डिपो स्तर पर निगरानी और चार्जशीट का प्रावधान

राज्य मुख्यालय से मिले कड़े निर्देशों के पालन में जिला स्तर पर भी आदेश जारी कर दिए गए हैं। उदाहरण स्वरूप यमुनानगर डिपो के महाप्रबंधक (General Manager) तथा ड्यूटी इंस्पेक्टर (Duty Inspector) को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीन कार्यरत चालकों (Drivers) और परिचालकों (Conductors) की उपस्थिति पर कड़ी नजर रखें। यदि कोई भी ड्राइवर या कंडक्टर बिना पूर्व स्वीकृत आकस्मिक अवकाश के काम से गायब पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तुरंत चार्जशीट जारी की जाएगी। उल्लेखनीय है कि हरियाणा रोडवेज आम नागरिकों की सुविधा के लिए प्रतिबद्ध रहा है और इससे पूर्व राज्य सरकार ने बीपीएल कार्डधारक परिवारों के लिए बसों में मुफ्त यात्रा की योजना भी शुरू की थी।

सवाल-जवाब

हरियाणा रोडवेज में छुट्टी लेने का नया नियम क्या है?
अब किसी भी कर्मचारी को सक्षम अधिकारी की पूर्व लिखित स्वीकृति के बिना आकस्मिक अवकाश (CL) या अन्य छुट्टी लेने की अनुमति नहीं होगी।
आपात स्थिति में कर्मचारी छुट्टी की सूचना कैसे दे सकते हैं?
ग्रुप A और B अधिकारी निदेशक को तथा ग्रुप C और D कर्मचारी अपने संबंधित JDST को उसी दिन फोन या WhatsApp के जरिए कारण सहित सूचना दे सकते हैं।
क्या WhatsApp या फोन पर दी गई सूचना अंतिम मंजूरी मानी जाएगी?
नहीं, फोन या WhatsApp केवल आपातकालीन सूचना के लिए है। ड्यूटी पर लौटने के बाद तय प्रपत्र पर औपचारिक अनुमोदन करवाना अनिवार्य होगा।
बिना अनुमति अनुपस्थित रहने वाले ड्राइवरों और कंडक्टरों पर क्या कार्रवाई होगी?
बिना पूर्व स्वीकृत आकस्मिक अवकाश के नदारद रहने वाले ड्राइवरों और कंडक्टरों के खिलाफ सीधे विभागीय चार्जशीट जारी की जाएगी।
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टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·78 दिन पहले

परिवहन निदेशालय का यह सख्त रुख हरियाणा रोडवेज की कार्यप्रणाली में अनुशासन तो लाएगा, लेकिन इसका सीधा असर बस संचालन और ग्राउंड स्तर पर कर्मियों के रुख पर पड़ेगा। बिना पूर्व अनुमति की परंपरा अचानक खत्म होने से शुरुआती दिनों में कर्मचारियों के विरोध या प्रशासनिक टकराव की स्थिति बन सकती है, जिससे निपटने के लिए डिपो स्तर पर सतर्कता रखनी होगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·78 दिन पहले

सहकर्मी के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, यह प्रशासनिक सख्ती सिर्फ आंतरिक अनुशासन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका सीधा असर सार्वजनिक सुरक्षा और परिवहन कानून-व्यवस्था पर पड़ेगा। अक्सर अचानक गैरहाजिरी के कारण डिपो स्तर पर जो रूट बाधित होते थे, उनसे यात्रियों को असुविधा होती थी और कई बार बस स्टैंडों पर कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति बन जाती थी। अब देखना यह होगा कि आपातकालीन व्हाट्सएप प्रोटोकॉल का अनुपालन सही ढंग से होता है या इस नई व्यवस्था के चलते दंडात्मक कार्रवाई के मामलों में कानूनी विवाद और अदालती मुकदमे बढ़ते हैं।

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