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फरीदाबाद में खतरनाक AQI के चलते बढ़ी इनडोर पौधों की मांग, नर्सरी में एरिका पाम और रबर प्लांट की जबरदस्त खरीदारीहरियाणा
5 नव॰ 2026, 2:48 pm (1 दिन पहले)· 1

फरीदाबाद में खतरनाक AQI के चलते बढ़ी इनडोर पौधों की मांग, नर्सरी में एरिका पाम और रबर प्लांट की जबरदस्त खरीदारी

फरीदाबाद में बढ़ता प्रदूषण स्तर लोगों को घरों के भीतर भी पौधे लगाने के लिए मजबूर कर रहा है। नर्सरी में एयर प्यूरीफायर माने जाने वाले इनडोर पौधों की मांग तेजी से बढ़ रही है।

फरीदाबाद में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है। कई क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI 400 से 500 के बीच दर्ज किया जा रहा है। इस गंभीर प्रदूषण की वजह से आम नागरिकों को सांस लेने में भारी तकलीफ और घुटन का सामना करना पड़ रहा है। हालात ये हैं कि लोगों को अपने घरों से बाहर निकलते वक्त मास्क का सहारा लेना पड़ रहा है। केवल बाहरी हवा ही नहीं, बल्कि अब लोग अपने घरों के अंदर भी इस जहरीली हवा से बचने के लिए लगातार नए उपाय तलाशने में जुटे हुए हैं।

बढ़ते प्रदूषण के इस दौर का असर अब फरीदाबाद की स्थानीय नर्सरी के कारोबार पर भी साफ नजर आने लगा है। लोग ऐसे पौधों की तलाश में हैं जिन्हें घर के अंदर और बाहर दोनों जगहों पर आसानी से लगाया जा सके। कुछ चुनिंदा पौधे अपनी आकर्षक हरियाली और हवा को शुद्ध करने की क्षमता के कारण इन दिनों लोगों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। नर्सरी संचालकों के पास इन पौधों की मांग अचानक काफी बढ़ गई है, जहां ग्राहक पहुंचकर इन विशेष पौधों के बारे में जानकारी ले रहे हैं और इन्हें अपने घरों की शोभा व सेहत के लिए खरीद रहे हैं।

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नर्सरी में इनडोर पौधों की बढ़ी बंपर डिमांड

नर्सरी संचालक आशु के अनुसार उनकी नर्सरी को संचालित होते हुए करीब छह साल का वक्त हो चुका है। दिल्ली-NCR क्षेत्र में लगातार बिगड़ती हवा की गुणवत्ता के कारण आजकल ग्राहक खासतौर पर ऐसे पौधों के बारे में पूछताछ कर रहे हैं जिन्हें घरो के कमरों के भीतर आसानी से रखा जा सके। वर्तमान में जिन प्रमुख पौधों की सबसे ज्यादा मांग देखी जा रही है, उनमें एरिका पाम, जैपिन वेसिया, मोरपंखी, रबर प्लांट और क्रोटन जैसे नाम शामिल हैं। इन पौधों को लोग बड़ी संख्या में खरीदकर अपने घरों की ओर ले जा रहे हैं। हालांकि इन पौधों की बिक्री पहले भी होती थी, लेकिन मौजूदा समय में प्रदूषण के खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद से लोगों में इनके प्रति जागरूकता और खरीदारी का उत्साह दोनों में भारी इजाफा हुआ है।

आसानी से होती है देखभाल और रखरखाव

इन पौधों की खासियत यह है कि इन्हें घर के अंदर और बाहर दोनों स्थानों पर सुगमता से लगाया जा सकता है। एरिका पाम और रबर प्लांट जैसे पौधे मुख्य रूप से घरों के भीतर लिविंग रूम या अन्य कमरों में सजाने और हवा साफ रखने के लिए खरीदे जा रहे हैं। इसके अलावा मोरपंखी और क्रोटन को भी लोग अपनी व्यक्तिगत पसंद के आधार पर चुन रहे हैं। इन पौधों की सबसे अच्छी बात यह है कि इनकी देखभाल करना बिल्कुल भी जटिल नहीं है। पौधों को स्वस्थ रखने के लिए बस समय-समय पर उचित मात्रा में पानी देने की आवश्यकता होती है और जरूरत पड़ने पर समय पर खाद डाली जाती है। खाद के रूप में वर्मी कंपोस्ट, बायो ऑर्गेनिक खाद और नीम खली का बेहतरीन उपयोग किया जा सकता है।

आकार के हिसाब से तय किए गए हैं दाम

नर्सरी में बिकने वाले इन पौधों की कीमतें पूरी तरह से उनके आकार और प्रकार पर निर्भर करती हैं। एरिका पाम का पौधा ग्राहकों को 150, 200 और 450 रुपये तक की अलग-अलग रेंज में आसानी से मिल जाता है। इसी तरह जैपिन वेसिया की कीमत लगभग 200 रुपये तय की गई है। क्रोटन का पौधा 200 से 400 रुपये तक के मूल्य में उपलब्ध है। इसके अलावा रबर प्लांट भी करीब 200 रुपये की कीमत पर बेचा जा रहा है। ग्राहक अपनी आवश्यकता, पसंद और अपने तयशुदा बजट के हिसाब से इन पौधों की खरीदारी कर रहे हैं।

देशभर के विभिन्न राज्यों से मंगाई जा रही है वैरायटी

स्थानीय नर्सरी में पौधे खरीदने के लिए केवल फरीदाबाद के विभिन्न शहरी इलाकों से ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी भारी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। घरों के अंदर हरियाली का दायरा बढ़ाने और शुद्ध आबोहवा पाने की चाहत इन ग्राहकों को नर्सरी तक खींच ला रही है। ग्राहकों की पसंद और मांग को पूरा करने के लिए नर्सरी संचालक कोलकाता, आंध्र प्रदेश, हैदराबाद और बरेली जैसे दूरदराज के राज्यों से पौधों की विभिन्न वैरायटी मंगवाते हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से बेहतरीन पौधे समय पर उपलब्ध होने के कारण खरीदारों के पास चयन के लिए ढेरों विकल्प मौजूद रहते हैं। साफ है कि बढ़ते प्रदूषण ने लोगों की जीवनशैली में बदलाव ला दिया है और अब वे घरों के भीतर भी हरियाली को अपनाने के प्रति बेहद जागरूक हो चुके हैं।

सवाल-जवाब

फरीदाबाद में AQI का स्तर कितना पहुंच गया है?
फरीदाबाद के कई इलाकों में AQI का स्तर 400 से 500 के बीच पहुंच गया है।
नर्सरी में सबसे ज्यादा किन पौधों की मांग है?
नर्सरी में एरिका पाम, जैपिन वेसिया, मोरपंखी, रबर प्लांट और क्रोटन की मांग बढ़ गई है।
एरिका पाम की कीमत कितनी है?
एरिका पाम का पौधा आकार के हिसाब से 150, 200 और 450 रुपये तक में मिल जाता है।
पौधों को पोषण देने के लिए कौन सी खाद का इस्तेमाल किया जा सकता है?
इसके लिए वर्मी कंपोस्ट, बायो ऑर्गेनिक खाद और नीम खली का इस्तेमाल किया जा सकता है।
नर्सरी संचालक आशु के अनुसार पौधे कहां से मंगवाए जाते हैं?
नर्सरी के लिए पौधे कोलकाता, आंध्र प्रदेश, हैदराबाद और बरेली से मंगवाए जाते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ananya Iyer@ananya-iyer·1 दिन पहले

प्रदूषण इतना बढ़ गया है कि अब घर के अंदर भी पौधे लाने पड़ रहे हैं। एयर प्यूरीफायर से ज्यादा भरोसा अब एरिका पाम और रबर प्लांट पर होने लगा है, हालात सच में डरावने हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·1 दिन पहले

AQI 400 के पार होने पर अब सांस लेने के लिए घरों में पौधे लगाने की नौबत आ गई है। दिल्ली-एनसीआर की हवा इतनी खराब हो चुकी है कि घर के अंदर भी शुद्ध हवा के लिए नर्सरी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·1 दिन पहले

रविकान्त जी, पौधे घर की शोभा तो बढ़ा सकते हैं, पर AQI 400 पार होने पर वे सचमुच हवा साफ़ कर देंगे, इस बात पर मुझे शक है।

Rohan Verma@rohan-verma·1 दिन पहले

कल ही सेक्टर 14 की नर्सरी गया था, वहाँ सचमुच लंबी कतार लगी हुई थी। हर कोई बस एरिका पाम और रबर प्लांट के बारे में ही पूछ रहा था ताकि घर के अंदर थोड़ा सुकून और शुद्ध हवा मिल सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 दिन पहले

रोहन भाई, सच कहा आपने। हवा इतनी ज़हरीली हो गई है कि अब जीने के लिए घरों में पौधे लगाने की मजबूरी बन गई है।

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