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मेघालय के वेस्ट जयंतिया हिल्स में 3 संदिग्ध बांग्लादेशी पकड़े गए, छात्र संगठन ने रिश्वत की पेशकश ठुकराकर दर्ज कराई एफआईआरमेघालय
20 सित॰ 2026, 12:20 pm (30 मिनट पहले)· 0

मेघालय के वेस्ट जयंतिया हिल्स में 3 संदिग्ध बांग्लादेशी पकड़े गए, छात्र संगठन ने रिश्वत की पेशकश ठुकराकर दर्ज कराई एफआईआर

मेघालय के वेस्ट जयंतिया हिल्स जिले में छात्र संगठन जेएसयू ने तीन संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़कर पुलिस को सौंपा। संगठन का आरोप है कि मामले को दबाने के लिए दलालों ने लाखों रुपये रिश्वत की पेशकश की थी।

मेघालय के वेस्ट जयंतिया हिल्स जिले में रविवार को तीन संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया। जयंतिया स्टूडेंट्स यूनियन (जेएसयू) के जोवाई सर्कल के सदस्यों ने लाड डेमिथ्रिंग इलाके में इन व्यक्तियों की गतिविधि संदिग्ध दिखने पर उन्हें रोका और बाद में आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जोवाई पुलिस के हवाले कर दिया।

पर्यटक वाहन से आवाजाही और पहचान की जांच

छात्र संगठन के अनुसार, ये तीनों संदिग्ध एक सफेद रंग के मारुति सुजुकी पर्यटक वाहन में सवार होकर जा रहे थे। इस गाड़ी की पंजीकरण संख्या ML 04 E 3485 दर्ज है, जो श्केनप्यर्सिट के निवासी त्रेइबोर किंदैत के नाम पर पंजीकृत है। मौके पर जब संगठन के सदस्यों ने वाहन को रोककर दस्तावेजों की पड़ताल शुरू की, तब पूछताछ के दौरान तीनों व्यक्तियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वे बांग्लादेश के रहने वाले हैं। आवश्यक वैध कागजात न होने के कारण उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया गया।

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लाखों की रिश्वत की पेशकश और एफआईआर दर्ज

पकड़े जाने के बाद इन तीनों व्यक्तियों को सीधे जोवाई पुलिस थाने ले जाया गया, जहां उन्हें औपचारिक तौर पर पुलिस प्रशासन को सौंप दिया गया। जेएसयू ने पुलिस से संपर्क कर इस पूरे प्रकरण में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करवाई। छात्र संगठन का गंभीर आरोप है कि जब कानूनी प्रक्रिया चल रही थी, उसी दौरान इस अवैध आवाजाही से जुड़े दलालों ने संगठन के पदाधिकारियों से संपर्क साधा था। इन बिचौलियों ने पकड़े गए तीनों लोगों को छुड़ाने के एवज में लाखों रुपये की रिश्वत देने की कोशिश की। हालांकि, संगठन ने रिश्वत की इस पेशकश को सिरे से खारिज कर दिया और कानूनी कार्रवाई पर अड़े रहे।

सीमा पार सक्रिय बड़े नेटवर्क की जांच की मांग

जेएसयू की केंद्रीय कार्यकारिणी के शिक्षा सचिव तथा जोवाई सर्कल के सलाहकार बोचेरू मी पोहस्नेम की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में पूरे नेटवर्क की परतें खोलने की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि अवैध रूप से सीमा पार कराने वाले दलालों का एक संगठित गिरोह क्षेत्र में सक्रिय है, जो अवैध प्रवासियों को शरण और परिवहन मुहैया कराता है। संगठन ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से इस पूरे नेटवर्क की व्यापक और त्वरित जांच करने की अपील की है। इसके साथ ही छात्र यूनियन ने स्पष्ट किया है कि वे इस मामले की लगातार निगरानी करेंगे ताकि अवैध घुसपैठ में शामिल किसी भी दोषी को कानूनी सजा से बचने का मौका न मिले।

सवाल-जवाब

संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को कहां पकड़ा गया?
उन्हें मेघालय के वेस्ट जयंतिया हिल्स जिले के लाड डेमिथ्रिंग में पकड़ा गया।
तीनों संदिग्ध किस गाड़ी में सफर कर रहे थे?
वे सफेद रंग के मारुति सुजुकी पर्यटक वाहन में सवार थे, जिसका नंबर ML 04 E 3485 है और यह त्रेइबोर किंदैत के नाम पंजीकृत है।
उन्हें पकड़ने के बाद किस पुलिस स्टेशन को सौंपा गया?
जयंतिया स्टूडेंट्स यूनियन ने उन्हें जोवाई पुलिस स्टेशन ले जाकर पुलिस अधिकारियों के हवाले किया।
छात्र संघ ने दलालों को लेकर क्या आरोप लगाया है?
यूनियन का आरोप है कि नेटवर्क के दलालों ने पकड़े गए व्यक्तियों को रिहा कराने के लिए लाखों रुपये की रिश्वत देने की पेशकश की थी।
इस मामले में संगठन की ओर से आधिकारिक बयान किसने दिया?
जेएसयू की केंद्रीय कार्यकारिणी के शिक्षा सचिव और जोवाई सर्कल के सलाहकार बोचेरू मी पोहस्नेम ने यह बयान जारी किया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·7 मिनट पहले

इस मामले में सबसे गंभीर पहलू रिश्वत की बड़ी पेशकश है, जो यह साबित करती है कि यह केवल बिना दस्तावेज सीमा पार करने का साधारण मामला नहीं है, बल्कि एक सुसंगठित मानव तस्करी और अवैध घुसपैठ सिंडिकेट का हिस्सा है। क्राइम रिपोर्टिंग के नजरिए से, पुलिस को अब केवल तीन संदिग्धों तक सीमित न रहकर उस पर्यटक वाहन के मालिक, ट्रांसपोर्ट नेटवर्क और रिश्वत देने की कोशिश करने वाले बिचौलियों की कॉल डिटेल व वित्तीय लेनदेन की गहन जांच करनी चाहिए। अगर पुलिस इस संगठित तंत्र के नेटवर्क, स्थानीय गाइडों और वित्तीय कड़ियों को कानूनी दायरे में नहीं लाती, तो इस तरह के अंतर-राज्यीय और सीमापार अपराधों पर रोक लगाना मुश्किल होगा।

Ravikash Gupta@ravikash·6 मिनट पहले

करन की बात को आगे बढ़ाते हुए, इस मामले का आर्थिक और वित्तीय पहलू भी बेहद चिंताजनक है। लाखों रुपये की रिश्वत का तुरंत इंतजाम होना यह दर्शाता है कि सीमा पार अवैध आवाजाही के पीछे एक मजबूत समानांतर अर्थव्यवस्था (शैडो इकोनॉमी) और अनौपचारिक नकदी चैनल सक्रिय हैं। इस तरह का अवैध वित्तीय लेनदेन न केवल स्थानीय श्रम बाजार और सार्वजनिक संसाधनों पर दबाव डालता है, बल्कि बिना हिसाब-किताब वाले वित्तीय नेटवर्क को बढ़ावा देता है। जांच एजेंसियों को अब मनी ट्रेल और संदिग्ध नकद प्रवाह की गहन पड़ताल करनी चाहिए, क्योंकि जब तक इस नेटवर्क की वित्तीय लाइफलाइन को नहीं काटा जाएगा, तब तक ऐसे संगठित सिंडिकेट को खत्म करना संभव नहीं होगा।

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