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रद्दी समझकर फेंकते हैं पुराना अखबार तो जान लें ये 5 कमाल के घरेलू इस्तेमालराजस्थान
6 सित॰ 2026, 11:29 pm (18 दिन पहले)· 2

रद्दी समझकर फेंकते हैं पुराना अखबार तो जान लें ये 5 कमाल के घरेलू इस्तेमाल

पुराने अखबार को कूड़ेदान में फेंकने से पहले जान लें कि यह गार्डनिंग, जूते सुखाने, कंपोस्ट बनाने और घर की सफाई जैसे कई कामों में कैसे इस्तेमाल हो सकता है।

घर में रखा पुराना अखबार अक्सर रद्दी वाले के हवाले कर दिया जाता है, जबकि इसे बगीचे की देखभाल से लेकर किचन की सफाई तक कई तरीकों से दोबारा इस्तेमाल में लाया जा सकता है। थोड़ी सी समझदारी से पुराने अखबार का सही उपयोग न सिर्फ पैसे बचाता है बल्कि घर के कई छोटे काम भी आसान बना देता है।

गमलों और बगीचे में उगने वाली फालतू घास से राहत

गार्डन या गमलों की मिट्टी में अनचाही घास उग आना एक आम परेशानी है। इसे रोकने के लिए मिट्टी की सतह पर अखबार की दो-तीन परतें बिछाई जा सकती हैं और ऊपर से सूखी पत्तियां या हल्की मिट्टी डाली जा सकती है। इससे धूप सीधे मिट्टी तक नहीं पहुंच पाती, जिससे बेकार घास का उगना काफी हद तक रुक जाता है।

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बारिश में भीगे जूतों को सुखाने का आसान तरीका

मानसून के दिनों में जूते भीग जाना आम बात है, लेकिन उन्हें प्राकृतिक रूप से सुखाना अक्सर मुश्किल हो जाता है। ऐसे में अखबार को मोड़कर या गोल आकार में लपेटकर जूतों के अंदर ठूंस दिया जाए तो यह भीतर मौजूद नमी को धीरे-धीरे खींच लेता है। जैसे ही अखबार पूरी तरह गीला महसूस हो, उसे तुरंत बदल देना चाहिए ताकि सुखाने की प्रक्रिया लगातार चलती रहे।

रसोई के कचरे से कंपोस्ट बनाने में मददगार

जो लोग घर की रसोई से निकलने वाले कचरे से खाद तैयार करते हैं, उनके लिए भी पुराना अखबार काम का साबित हो सकता है। अखबार को छोटे-छोटे हिस्सों में फाड़कर सब्जी और फल के छिलकों जैसे नम कचरे में मिलाया जा सकता है। इससे कंपोस्ट के मिश्रण में सूखे तत्वों की मात्रा बढ़ती है, जो एक संतुलित खाद तैयार करने में सहायक होती है।

किचन शेल्फ और अलमारियों को धूल से बचाना

रसोई की शेल्फ, अलमारी या स्टोरेज रैक की सतह पर अखबार बिछा देने से धूल और चिकनाई सीधे सतह पर नहीं जमती। हर कुछ हफ्तों में पुराना बिछा हुआ अखबार निकालकर नया रख देने भर से सफाई का पूरा झंझट खत्म हो जाता है और रैक हमेशा साफ-सुथरे नजर आते हैं।

गमलों में ज्यादा पानी जमा होने पर काम आए अखबार

कई बार पौधों में जरूरत से कहीं ज्यादा पानी डाल दिया जाता है, जिससे जड़ों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। ऐसी स्थिति में गमले की ऊपरी मिट्टी पर कुछ देर के लिए अखबार बिछाया जा सकता है, जो अतिरिक्त नमी को सोख लेता है। अखबार गीला होते ही उसे हटाकर जरूरत पड़ने पर दूसरा टुकड़ा रखा जा सकता है।

खिड़की और शीशों की चमक लौटाने में उपयोगी

खिड़कियों और आईनों पर जमे दाग-धब्बे या उंगलियों के निशान हटाने के लिए भी पुराना अखबार बेहतरीन विकल्प है। ग्लास क्लीनर लिक्विड छिड़ककर अखबार से पोंछने पर शीशे बिना रेशे छोड़े चमक उठते हैं, जो कपड़े से पोंछने पर अक्सर मुमकिन नहीं हो पाता।

सवाल-जवाब

पुराने अखबार से गमलों में घास उगना कैसे रोका जा सकता है?
मिट्टी के ऊपर अखबार की कुछ परतें बिछाकर ऊपर सूखी पत्तियां या मिट्टी डालने से धूप कम पहुंचती है, जिससे घास की ग्रोथ रुकती है।
बारिश में भीगे जूतों को सुखाने के लिए अखबार का इस्तेमाल कैसे करें?
अखबार को मोड़कर या रोल बनाकर जूतों के अंदर भर दें, यह नमी सोख लेता है और ज्यादा गीला होने पर उसे बदल दें।
क्या पुराना अखबार कंपोस्ट बनाने में इस्तेमाल हो सकता है?
हां, अखबार को छोटे टुकड़ों में काटकर सब्जी-फल के छिलकों जैसे गीले कचरे के साथ मिलाने से कंपोस्ट में सूखा पदार्थ बढ़ता है।
किचन शेल्फ में अखबार बिछाने का क्या फायदा है?
इससे धूल और गंदगी सीधे सतह पर नहीं जमती और अखबार बदलकर सफाई करना आसान हो जाता है।
गमले में ज्यादा पानी डालने पर क्या किया जा सकता है?
मिट्टी के ऊपर थोड़ी देर के लिए अखबार रखने से अतिरिक्त नमी सोखी जा सकती है, गीला होने पर उसे हटा दें।
खिड़की और शीशे साफ करने के लिए अखबार कैसे इस्तेमाल करें?
ग्लास क्लीनर लिक्विड के साथ अखबार से पोंछने पर दाग और उंगलियों के निशान साफ हो जाते हैं और शीशा चमकता है।
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टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·18 दिन पहले

यह लेख घरेलू स्तर पर संसाधनों के पुनर्चक्रण और रीसाइक्लिंग अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने का एक व्यावहारिक उदाहरण है। यद्यपि डिजिटल मीडिया के दौर में प्रिंट सर्कुलेशन और प्रति व्यक्ति समाचार पत्र खपत के वैश्विक आंकड़ों में बदलाव आ रहा है, तथापि घरेलू जीवन में इस पारंपरिक माध्यम का बहुपयोग यह साबित करता है कि सर्कुलर इकोनॉमी केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन की छोटी आदतों और सूक्ष्म स्तर के वित्तीय प्रबंधन से भी जुड़ी हुई है, जिससे अनजाने में ही घरेलू बजट की लागत कम होती है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·18 दिन पहले

रविकाश गुप्ता का यह विश्लेषण बिल्कुल सटीक है कि सूक्ष्म स्तर पर संसाधनों का पुनर्चक्रण कैसे सर्कुलर इकोनॉमी को मजबूत करता है। भू-राजनीतिक उथल-पुथल और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के इस दौर में, जब आयातित वस्तुओं और कागज के कच्चे माल की लागत लगातार बढ़ रही है, घरेलू स्तर पर कागज का ऐसा विवेकपूर्ण उपयोग नीतिगत स्तर पर सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों को जमीनी हकीकत प्रदान करता है। यह चलन स्पष्ट करता है कि नागरिक स्तर पर संसाधन प्रबंधन राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की स्थिरता में प्रत्यक्ष योगदान दे सकता है।

Rohan Verma@rohan-verma·18 दिन पहले

यह व्यावहारिक लेख ऐसे समय में प्रासंगिक है जब शहरी जीवन में कचरा प्रबंधन और घरेलू बजट दोनों बड़ी चिंताएं बन चुके हैं। हालांकि उत्तर प्रदेश के कस्बों और गांवों में पुराने अखबारों का उपयोग पहले से ही रैपिंग या पैकिंग में होता रहा है, लेकिन इसे आधुनिक घरों में सस्टेनेबल लाइफस्टाइल और रिसाइक्लिंग के तौर पर अपनाना शहरी कचरे को कम करने में मदद कर सकता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·18 दिन पहले

यह लेख घरेलू स्तर पर कचरा प्रबंधन और पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने के लिहाज से महत्वपूर्ण है, विशेषकर तब जब शहरी क्षेत्रों में ठोस कचरे का भारी दबाव और landfills की समस्या लगातार बढ़ रही है। इस तरह के छोटे लेकिन प्रभावी उपाय नागरिकों को व्यक्तिगत स्तर पर पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं, जिससेMunicipal waste पर दबाव कम हो सके।

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