पीतल नगरी में खास मसालों और मक्खन के साथ परोसी जाती है मुरादाबादी मूंग दालतुला राशिफल 25 सितंबर 2026: राहु और मंगल के प्रभाव से करियर में आएगी गति, वित्तीय संतुलन और रिश्तों पर दें ध्यानअमेरिकी बॉन्ड यील्ड में जोरदार उछाल और भू-राजनीतिक तनाव से यूरो पस्त, डॉलर मजबूतगोवा वोटर लिस्ट विवाद पर चुनाव आयोग का रुख साफ, मतदाता सूची संशोधन पर विपक्ष ने उठाए सवालनागोया में भारत के पास आज कई मेडल पक्के करने का मौका, निशानेबाजी और कबड्डी पर टिकी निगाहेंशी जिनपिंग के स्वागत में व्हाइट हाउस का शाही मेन्यू, फ्रेंच स्वाद के साथ परोसे गए खास व्यंजनराजस्थान के तीन बड़े शहरों में महापौर चुनने की जंग, जयपुर में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामनेकश्मीरी गेट के पास ई-रिक्शा रोककर लूटपाट, चाकू के वार से युवक की जान गई और दो जख्मीछत और बालकनी पर सब्जियां उगाते समय न करें केमिकल का छिड़काव, पूसा विशेषज्ञ ने सुझाए जैविक खाद के आसान उपायबिटगेट पर बड़ा साइबर हमला, हॉट वॉलेट से उड़ाए गए 351 मिलियन डॉलर
राजस्थान के बाड़मेर में राशन कार्ड में बड़ा फर्जीवाड़ा, 438 परिवारों ने हड़पा गरीबों का हकराजस्थान
16 सित॰ 2026, 7:09 am (9 दिन पहले)· 0

राजस्थान के बाड़मेर में राशन कार्ड में बड़ा फर्जीवाड़ा, 438 परिवारों ने हड़पा गरीबों का हक

बाड़मेर जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत बड़ा घोटाला सामने आया है, जहां 438 अपात्र परिवारों ने गलत तरीके से अंत्योदय योजना का लाभ लेकर राशन हड़पा है। प्रशासन ने इन सभी को सात दिन का अल्टीमेटम देते हुए 32 रुपये प्रति किलो की दर से वसूली और एफआईआर की चेतावनी दी है।

राजस्थान के बाड़मेर जिले से गरीबों के हिस्से के राशन में बड़े पैमाने पर धांधली करने का मामला प्रकाश में आया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत संचालित इस प्रक्रिया में कई लोग अपात्र होने के बावजूद सरकारी मदद का अनुचित लाभ उठा रहे थे। प्रशासन की ओर से की गई गहन जांच के दौरान ऐसे चार सौ अड़तीस परिवारों की पहचान की गई है, जिन्होंने अपनी श्रेणी में अनुचित बदलाव करवाकर अंत्योदय योजना के तहत मिलने वाले खाद्यान्न का लाभ ले लिया। यह योजना समाज के अत्यंत गरीब और जरूरतमंद तबके के लिए बनाई गई है, लेकिन कुछ सक्षम लोगों ने इसमें सेंध लगा दी है।

जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

जिला रसद विभाग ने जब अंत्योदय कार्ड धारकों के रिकॉर्ड की विस्तृत समीक्षा शुरू की, तो इस पूरे फर्जीवाड़े की परतें उधड़ गईं। विभाग का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को चिन्हित करना था जो नियमों के विरुद्ध जाकर सरकारी राशन ले रहे थे। जब जांच के अंतिम आंकड़े सामने आए, तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए। पूरे जिले में चार सौ अड़तीस परिवार ऐसे मिले जिन्होंने अपनी श्रेणी में फेरबदल करवाकर अंत्योदय श्रेणी के तहत मिलने वाला गेहूं प्राप्त किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रसद विभाग ने तत्काल प्रभाव से सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

ये भी पढ़ें

सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ा फागलिया और सेड़वा में

रसद विभाग द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार, इस अनियमितता का सबसे बड़ा केंद्र फागलिया ब्लॉक सामने आया है, जहां सबसे अधिक एक सौ तेरह परिवारों ने गरीबों के कोटे का राशन उठाया है। इसके अलावा सेड़वा ब्लॉक में सतहत्तर और चौहटन में बहत्तर परिवार इस जांच के दायरे में आ चुके हैं। अन्य क्षेत्रों की बात करें तो आडेल में बावन, बाड़मेर शहर में बाईस, बाड़मेर ग्रामीण में बारह, बायतु में पंद्रह, धोरीमन्ना में छह, गडरारोड़ में पंद्रह, रामसर में अठारह और शिव ब्लॉक में सत्रह परिवारों द्वारा अंत्योदय योजना के माध्यम से गलत तरीके से गेहूं लेने के मामले दर्ज किए गए हैं।

सात दिन का अल्टीमेटम और कानूनी कार्रवाई

इस बड़े पैमाने पर हुए खेल का पर्दाफाश होने के बाद जिला प्रशासन और रसद विभाग पूरी तरह से सतर्क हो चुके हैं। बाड़मेर के जिला रसद अधिकारी अश्विनी गुर्जर ने बताया कि चिन्हित किए गए सभी चार सौ अड़तीस परिवारों को आधिकारिक तौर पर नोटिस भेज दिए गए हैं। इन सभी को अगले सात दिनों के भीतर अपने वैध और सही दस्तावेज पेश करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। यदि तय समयसीमा के भीतर ये परिवार अपने दस्तावेज प्रस्तुत करने में असफल रहते हैं या जांच के दौरान कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो इनके खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज की जाएगी।

बकाया गेहूं की कीमत बत्तीस रुपये प्रति किलो की दर से होगी वसूली

अपात्र लोगों के खिलाफ केवल कानूनी कार्रवाई तक ही मामला सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनसे अब तक हड़पे गए कुल गेहूं की बाजार कीमत भी वसूली जाएगी। जिला रसद अधिकारी अश्विनी गुर्जर ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने धोखाधड़ी करके खाद्यान्न प्राप्त किया है, उनसे बत्तीस रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से रिकवरी की जाएगी। गरीबों के हक पर डाका डालने वालों के खिलाफ प्रशासन के इस कड़े रुख से पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। सरकार ने यह साफ कर दिया है कि सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग करने वालों को किसी भी दशा में माफ नहीं किया जाएगा।

गरीबों का निवाला छीनना गंभीर अपराध

सरकारी जनकल्याणकारी योजनाएं उन लोगों के उत्थान के लिए तैयार की जाती हैं जो आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर स्थिति में जीवनयापन कर रहे हैं। अंत्योदय योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे परिवारों को भुखमरी के संकट से बाहर निकालना है जो दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करने में भी असमर्थ रहते हैं। ऐसी स्थिति में सक्षम या अपात्र लोगों द्वारा इन योजनाओं का लाभ उठाना कानूनी रूप से अपराध होने के साथ-साथ एक बड़ा नैतिक गुनाह भी है। रसद विभाग की यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संकेत है कि अब गरीबों का हक मारने वालों पर शिकंजा कसना शुरू हो चुका है।

सवाल-जवाब

बाड़मेर जिले में कितने परिवारों को फर्जी तरीके से राशन लेते पकड़ा गया है?
जिले में कुल 438 परिवारों को फर्जी तरीके से अंत्योदय योजना का लाभ लेते हुए चिन्हित किया गया है।
फर्जीवाड़े के मामले में सबसे आगे कौन सा ब्लॉक रहा है?
फागलिया ब्लॉक में सबसे अधिक 113 परिवारों द्वारा गरीबों का राशन लेने का मामला सामने आया है।
अपात्र परिवारों को दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कितना समय दिया गया है?
रसद विभाग की ओर से सभी चिन्हित परिवारों को 7 दिन के भीतर अपने सही दस्तावेज दिखाने का अल्टीमेटम दिया गया है।
दस्तावेज न दिखाने पर क्या कार्रवाई की जाएगी?
तय समयसीमा में सही दस्तावेज न मिलने पर उन परिवारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
अपात्र लोगों से किस दर से गेहूं की वसूली की जाएगी?
गलत तरीके से उठाए गए गेहूं की वसूली 32 रुपये प्रति किलो के हिसाब से की जाएगी।
इस कार्रवाई का नेतृत्व कौन कर रहा है?
बाड़मेर के जिला रसद अधिकारी अश्विनी गुर्जर इस पूरी जांच और कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Sophie Laurent@sophie-laurent·8 दिन पहले

यह घोटाला सार्वजनिक वितरण प्रणाली में डेटा शुद्धता और डिजिटल सत्यापन की कमजोरियों को उजागर करता है। जब तक बायोमेट्रिक आधार सीडिंग और जमीनी स्तर पर स्वतंत्र ऑडिट को पारदर्शी नहीं बनाया जाएगा, तब तक कल्याणकारी योजनाओं में ऐसी सेंधमारी रुकना मुश्किल है। प्रशासन की यह त्वरित रिकवरी और अल्टीमेटम कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन दीर्घकालिक सुधार के लिए तकनीक और मानवीय निरीक्षण का कड़ा संयोजन आवश्यक होगा।

Ravikash Gupta@ravikash·8 दिन पहले

बाड़मेर का यह राशन घोटाला केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि लक्षित वितरण प्रणालियों में तकनीकी और डिजिटल पारदर्शिता की भारी कमी को दर्शाता है। यदि आधार सीडिंग, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और डेटा मैपिंग का सही उपयोग किया जाए, तो इस तरह की श्रेणी में हेरफेर को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सकता है। आगामी दिनों में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए ब्लॉकचेन जैसी अपरिहार्य डिजिटल लेजर तकनीक या उन्नत डेटा ऑडिट को आपूर्ति श्रृंखला में शामिल करना अनिवार्य होना चाहिए, ताकि कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ केवल वास्तव में जरूरतमंद अंतिम व्यक्ति तक ही पहुंचे।

Arjun Mehta@arjun-mehta·8 दिन पहले

यह मामला सिर्फ प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि स्थानीय निगरानी तंत्र की विफलता को उजागर करता है। जब तक ग्राम पंचायत स्तर पर सामाजिक अंकेक्षण को अनिवार्य नहीं किया जाता और डेटा मिलान की प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप को न्यूनतम नहीं किया जाता, तब तक इस तरह के फर्जीवाड़े रुकना मुश्किल हैं। जिला प्रशासन द्वारा की गई वसूली और चेतावनी एक जरूरी कदम है, लेकिन व्यवस्थागत सुधार के बिना यह समस्या बार-बार सामने आती रहेगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·8 दिन पहले

यह घोटाला केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि लक्षित जन वितरण प्रणाली की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर सेंध है। फागलिया और सेड़वा जैसे ब्लॉकों में बड़ी संख्या में अपात्रों द्वारा अंत्योदय योजना का लाभ लेना यह दर्शाता है कि जमीनी स्तर पर सत्यापन प्रक्रिया में भारी लापरवाही बरती गई। सात दिन का अल्टीमेटम और बाजार दर से वसूली की चेतावनी एक सही प्रशासनिक कदम है, लेकिन यह सुनिश्चित करना होगा कि विभागीय मिलीभगत वाले कर्मचारियों पर भी आपराधिक मुकदमे दर्ज हों, अन्यथा ऐसे मामलों में रोक लगाना असंभव होगा।

Rohan Verma@rohan-verma·8 दिन पहले

यह मामला साफ तौर पर साबित करता है कि जिला स्तर पर राशन वितरण प्रणाली के डेटाबेस की नियमित और स्वतंत्र ऑडिटिंग कितनी जरूरी है। जब तक स्थानीय आपूर्ति कार्यालय के उन भ्रष्ट कर्मचारियों या बिचौलियों की पहचान करके बर्खास्त नहीं किया जाता जिनकी मदद से श्रेणी में फर्जी फेरबदल हुआ, तब तक कागजी नोटिस खानापूर्ति ही साबित होंगे। वसूली और एफआईआर की चेतावनी से शुरुआती डर तो बनेगा, पर असली सुधार तभी आएगा जब सिस्टम की जड़ में बैठे तंत्र को दुरुस्त किया जाए।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp