पाली जिले की सीमा से लगे रायपुर उपखंड क्षेत्र में आसमान से आफत बनकर बरसी मूसलाधार बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया है। लगातार हो रही भारी मानसूनी वर्षा के कारण यहां हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। सड़कों और जल संरचनाओं को इस बारिश से काफी नुकसान पहुंचा है, और कई ग्रामीण इलाकों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट चुका है।
झाला की चौकी और भिला मार्ग की मुख्य पुलिया बही
क्षेत्र में लगातार बरस रहे पानी के कारण बुनियादी ढांचे को बड़ा झटका लगा है। झाला की चौकी से भिला को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग पर बनी मुख्य पुलिया पानी के तेज बहाव को झेल नहीं पाई और पूरी तरह बह गई। इस अहम पुलिया के धराशायी होने के बाद इस रास्ते पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। आसपास के तमाम गांवों का संपर्क मुख्य क्षेत्र से कट चुका है, जिसकी वजह से स्थानीय निवासियों को आवागमन के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें मजबूरी में लंबे वैकल्पिक रास्तों का रुख करना पड़ रहा है।
उफनते नालों के बीच जान जोखिम में डालकर सफर
सड़क मार्ग बंद होने और पुलिया टूटने के बाद कई स्थानों पर लोगों को अपनी जान खतरे में डालकर उफनते नालों को पार करना पड़ रहा है। लगातार बारिश के चलते क्षेत्र के सभी छोटे-बड़े नाले उफान पर हैं, जिससे हर तरफ खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन की तरफ से स्थिति को भांपते हुए एहतियात के तौर पर कई सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में समय से पहले ही छुट्टी कर दी गई, ताकि बच्चों को सुरक्षित निकाला जा सके।
कंधों और पीठ पर बच्चों को बिठाकर नाला पार कराते ग्रामीण
स्कूलों में छुट्टी होने के बाद जब छोटे-छोटे मासूम अपने घरों की ओर लौट रहे थे, तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती रास्ते में बह रहे उफनते नालों को पार करने की थी। सेंदड़ा इलाके से सामने आई तस्वीरों ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। इन डरावने दृश्यों में अभिभावक और स्थानीय ग्रामीण छोटे बच्चों को अपनी पीठ और कंधों पर लादकर पानी के तेज बहाव के बीच से नाला पार कराते साफ देखे गए। जरा सी चूक किसी बड़े हादसे का सबब बन सकती थी।
नदियां उफान पर और कृषि के लिए राहत
इस मूसलाधार बारिश के कारण रायपुर उपखंड के बिराटिया खुर्द और मेघड़दा इलाके की सुकड़ी नदी समेत तमाम नदियां और नाले उफान पर बह रहे हैं। मौसम विभाग द्वारा पहले ही जारी किए गए अलर्ट के बीच हुई इस बारिश से आम जनजीवन बुरी तरह लड़खड़ा गया है। कई मार्ग बंद हो जाने की वजह से रोजाना का आवागमन बाधित रहा और स्थानीय बाजारों में भी कामकाज की रफ्तार सुस्त पड़ गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस क्षेत्र में सुबह 8 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक कुल 46 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इससे ठीक पहले रातभर के दौरान 22 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी थी। हालांकि एक तरफ जहां बुनियादी समस्याओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हैं, वहीं दूसरी तरफ इस बारिश से किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है, क्योंकि इससे खरीफ की फसलों को भरपूर फायदा मिलने की उम्मीद जग गई है।
प्रशासन का अलर्ट और निगरानी
मौसम विभाग ने आने वाले कुछ घंटों के दौरान भी भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की चेतावनी दी है। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है और संवेदनशील इलाकों के साथ-साथ सभी नदी-नालों पर पैनी नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने आम जनता से विशेष तौर पर अपील की है कि वे जलभराव वाले इलाकों और उफनते हुए नदी-नालों के आसपास जाने से बचें और पूरी सावधानी बरतें।



















