राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्र श्रीगंगानगर में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार देखने को मिला है। स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम के तहत जब्त किए गए लगभग 169 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थों को भस्म करके पूरी तरह नष्ट कर दिया। अदालती प्रक्रियाओं से जरूरी स्वीकृतियां मिलने के बाद इस बड़े कदम को पूरा किया गया।
ड्रग डिस्पोजल कमेटी की मौजूदगी में हुआ विनिष्टीकरण
नशीली सामग्रियों के विनिष्टीकरण की यह प्रक्रिया नियमों के तहत गठित विशेष ड्रग डिस्पोजल समिति के दिशा-निर्देशों में संपन्न हुई। इस दौरान सुरक्षा मानकों और पर्यावरण संबंधी नियमों का पूरा ध्यान रखा गया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने आग लगाने से पहले सभी जब्त खेपों का बारीक मिलान किया और फिर उन्हें अग्नि के हवाले कर दिया।
इस पूरी कार्रवाई के समय बीकानेर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) ओमप्रकाश और श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक (SP) हरिशंकर खुद ग्राउंड ज़ीरो पर तैनात रहे। उच्चाधिकारियों की सीधी देखरेख में हुई इस पारदर्शी प्रक्रिया से कानून व्यवस्था का कड़ा संदेश दिया गया है।
101 मामलों की जब्त सामग्री और मादक पदार्थों का ब्योरा
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, नष्ट की गई सामग्री NDPS कानून के अंतर्गत दर्ज कुल 101 अलग-अलग आपराधिक मुकदमों से जुड़ी हुई थी। इन सभी मामलों में कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही माल के खात्मे की अनुमति प्राप्त हुई थी।
नष्ट किए गए मादक पदार्थों की सूची में शामिल प्रमुख सामग्रियां इस प्रकार हैं
- हेरोइन: अंतरराष्ट्रीय बाजार में अत्यधिक कीमती मानी जाने वाली 84 किलोग्राम हेरोइन को पूरी तरह जला दिया गया।
- प्रतिबंधित गोलियां: स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक और नशीली श्रेणी में आने वाली 1600 से अधिक प्रतिबंधित गोलियों को भस्म किया गया।
तस्करी के खिलाफ जिला प्रशासन का सख्त रुख
सीमावर्ती इलाकों में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए पुलिस विभाग लगातार विशेष अभियान चला रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अवैध नशीली दवाओं की आपूर्ति, बिक्री और नेटवर्क से जुड़े अपराधियों पर किसी भी तरह की ढील नहीं बरती जाएगी। श्रीगंगानगर जिले में तस्करों के पूरे संजाल को ध्वस्त करने के लिए आने वाले दिनों में भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



















