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राजस्थान में मात्र ₹450 में एलपीजी सिलेंडर, मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना का लाभ पाने के लिए जानें नियमराजस्थान
30 अग॰ 2026, 9:45 am (26 दिन पहले)· 2

राजस्थान में मात्र ₹450 में एलपीजी सिलेंडर, मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना का लाभ पाने के लिए जानें नियम

राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के तहत पात्र परिवारों को मात्र ₹450 में घरेलू गैस सिलेंडर मिल रहा है। इस योजना से राज्य के 68 लाख परिवारों को सीधी राहत मिल रही है और अब तक करोड़ों रिफिल बांटे जा चुके हैं।

राजस्थान के आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों को महंगाई के मोर्चे पर बड़ी राहत प्रदान करने के उद्देश्य से सरकार ने एक प्रभावी कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के जरिए राज्यभर के पात्र नागरिकों को मात्र ₹450 की किफायती दर पर घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर (14.2 किग्रा) मुहैया कराया जा रहा है। इस कल्याणकारी पहल का मुख्य मकसद गृहणियों को चूल्हे के जहरीले धुएं से निजात दिलाना, हर घर तक स्वच्छ और सुरक्षित ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना और आम नागरिकों के घरेलू बजट को संतुलित बनाए रखना है।

योजना के प्रमुख आंकड़े और वित्तीय प्रगति

इस महत्वाकांक्षी योजना ने शुरू होने के बाद से राज्य की बड़ी आबादी के जीवन स्तर को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार इस योजना से जुड़े आंकड़े इस प्रकार हैं। राज्य के लगभग 68 लाख परिवारों को इस योजना के तहत पंजीकृत किया गया है और वे लगातार इसका लाभ उठा रहे हैं। पात्र लाभार्थियों द्वारा अब तक कुल 5.87 करोड़ बार रसोई गैस सिलेंडर रिफिल करवाए जा चुके हैं, जो इसकी व्यापक लोकप्रियता को दर्शाता है। इसके अलावा राजस्थान सरकार ने नागरिकों को ₹450 की रियायती दर पर सिलेंडर देने के लिए कुल ₹1,128 करोड़ की सब्सिडी राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाई है।

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मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना की मुख्य विशेषताएं

इस योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को मिलने वाले लाभों और इसकी कार्यप्रणाली को बेहद पारदर्शी रखा गया है। लाभार्थी को 14.2 किलोग्राम का स्टैंडर्ड घरेलू गैस सिलेंडर मात्र ₹450 की सस्ती कीमत पर मिलता है। योजना के नियमों के अनुसार एक परिवार को एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 12 सिलेंडरों पर ही सब्सिडी का लाभ दिया जाता है। इसके अलावा एक उपभोक्ता महीने में केवल 1 सिलेंडर ही इस रियायती दर पर प्राप्त कर सकता है। सब्सिडी के भुगतान के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली का उपयोग किया जाता है, जिसके तहत सिलेंडर बुक कराते वक्त उपभोक्ता को एजेंसी पर पूरा बाजार मूल्य चुकाना होता है और बाद में सिलेंडर की वास्तविक कीमत और ₹450 के बीच की शेष अंतर राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।

योजना के लिए पात्रता मानदंड और शर्तें

योजना का लाभ केवल वास्तविक और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे, इसके लिए राजस्थान सरकार ने कुछ स्पष्ट पात्रता शर्तें तय की हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत पंजीकृत सभी लाभार्थी परिवार इस छूट के दायरे में आते हैं। इसके अलावा राज्य के बीपीएल (BPL) यानी गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार भी इसके पात्र हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत आने वाले सभी पात्र राशन कार्ड धारक इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। साथ ही यह भी अनिवार्य किया गया है कि आवेदक के परिवार की कुल वार्षिक आय ₹10 लाख से कम होनी चाहिए।

आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक ई-केवाईसी (e-KYC)

इस कल्याणकारी योजना का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को किसी भी तरह का कोई अलग या नया आवेदन फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह प्रक्रिया स्वतः सक्रिय रहती है। हालांकि, बिना किसी रुकावट के लगातार सब्सिडी की राशि प्राप्त करने के लिए उपभोक्ताओं को कुछ जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं। संबंधित गैस एजेंसी के माध्यम से एलपीजी कनेक्शन का सत्यापन यानी LPG e-KYC पूरा होना जरूरी है। इसके साथ ही एलपीजी उपभोक्ता संख्या (LPG Consumer ID) का आधार कार्ड से जुड़ा होना अनिवार्य है। इसके अलावा लाभार्थी का बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए और उसमें डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) सेवा भी सक्रिय होनी चाहिए ताकि सब्सिडी का पैसा बिना किसी तकनीकी बाधा के सीधे खाते में पहुंच सके।

सवाल-जवाब

मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के तहत सिलेंडर की कीमत क्या है?
इस योजना के तहत पात्र परिवारों को 14.2 किलोग्राम का घरेलू गैस सिलेंडर मात्र ₹450 में दिया जाता है।
इस योजना का लाभ राजस्थान के कितने परिवारों को मिल रहा है?
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार राज्य के लगभग 68 लाख परिवारों को इस योजना का लाभ मिल रहा है।
एक परिवार को एक साल में कितने सिलेंडरों पर सब्सिडी मिलती है?
एक परिवार को एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 12 सिलेंडरों पर सब्सिडी प्रदान की जाती है।
क्या इस योजना के लिए कोई नया फॉर्म भरना पड़ता है?
नहीं, इस योजना के लिए अलग से कोई नया फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि यह प्रक्रिया स्वतः सक्रिय है।
सब्सिडी की राशि उपभोक्ताओं तक कैसे पहुंचती है?
सिलेंडर की पूरी कीमत चुकाने के बाद शेष अंतर राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
इस योजना के लिए कौन-से परिवार पात्र हैं?
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थी, बीपीएल परिवार और एनएफएसए राशन कार्ड धारक जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय ₹10 लाख से कम है, वे इसके पात्र हैं।
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