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राजस्थान में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, रिश्वत के मामलों में उत्तर पश्चिम रेलवे के 5 अधिकारी और 2 निजी कर्मचारी गिरफ्तारराजस्थान
15 अग॰ 2026, 12:19 am (41 दिन पहले)· 3

राजस्थान में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, रिश्वत के मामलों में उत्तर पश्चिम रेलवे के 5 अधिकारी और 2 निजी कर्मचारी गिरफ्तार

सीबीआई ने जयपुर और बीकानेर से उत्तर पश्चिम रेलवे के 5 अधिकारियों समेत 7 लोगों को रिश्वतखोरी के मामलों में गिरफ्तार किया है और कुल लाखों रुपये की नकदी बरामद की है।

केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे (एनडब्ल्यूआर) के पांच अधिकारियों को अलग-अलग रिश्वतखोरी के मामलों में गिरफ्तार किया है। जयपुर और बीकानेर में चलाए गए इन अभियानों के दौरान जांच एजेंसी ने अधिकारियों के पास से और तलाशी अभियानों के दौरान भारी मात्रा में नकदी भी सीज की है। इस कार्रवाई के बाद से ही रेलवे विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

जयपुर में जाल बिछाकर पकड़ा गया घूसखोरी का खेल

सीबीआई के प्रवक्ता की ओर से जारी बयान के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई 13 अगस्त 2026 (गुरुवार) को अंजाम दी गई। एजेंसी को सूचना मिली थी कि उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर स्थित कार्यालय में कार्यरत कार्यालय अधीक्षक नवी मुंबई की एक निजी कंपनी के लंबित कार्य बिलों को पास कराने और प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत की मांग कर रहा था।

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इसके बाद सीबीआई की टीम ने रणनीति बनाकर एक विशेष ऑपरेशन चलाया और आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। इस जालसाजी मामले में एनडब्ल्यूआर जयपुर के सहायक वित्तीय सलाहकार, कार्यालय अधीक्षक और वरिष्ठ सेक्शन अधिकारी के साथ-साथ नवी मुंबई की निजी कंपनी के एक कर्मचारी को भी गिरफ्तार किया गया। मौके से 1.46 लाख रुपये की घूस की रकम बरामद की गई। इसके अलावा, जयपुर और दिल्ली में कई ठिकानों पर की गई तलाशी के दौरान सीबीआई ने 9 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी भी जब्त की।

बीकानेर में दूसरी कार्रवाई और कोलकाता से जुड़े तार

भ्रष्टाचार के एक अन्य मामले में सीबीआई ने उत्तर पश्चिम रेलवे के बीकानेर मंडल में दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान एनडब्ल्यूआर बीकानेर के एक वरिष्ठ सेक्शन अधिकारी और लेखा सहायक को गिरफ्तार किया गया। इनके साथ कोलकाता की एक निजी कंपनी के कर्मचारी को भी रिश्वत लेने-देने के आरोप में पकड़ा गया। इस ऑपरेशन में एजेंसी ने 1.20 लाख रुपये की रिश्वत राशि सीज की है। शुरुआती दौर में एजेंसी ने कुल दो लाख रुपये की घूस बरामदगी का आंकड़ा दर्ज किया था।

भीलवाड़ा में मेडिकल छात्र की गिरफ्तारी का मामला

इससे पहले भी सीबीआई ने राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया था। यह मामला राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के पर्चा लीक से जुड़ा हुआ था। सीबीआई ने राजमाता विजय राजे सिंधिया मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे मेडिकल छात्र संदीप को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, संदीप पर नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र हल करने वाले गिरोह में शामिल होने का गंभीर आरोप था, जिसके आधार पर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।

सवाल-जवाब

सीबीआई ने किन स्थानों पर यह कार्रवाई की है?
सीबीआई ने राजस्थान के जयपुर और बीकानेर शहरों में उत्तर पश्चिम रेलवे के दफ्तरों से जुड़े मामलों में कार्रवाई की है, जबकि छापेमारी दिल्ली तक की गई।
रेलवे के कौन-कौन से अधिकारी गिरफ्तार किए गए हैं?
जयपुर से सहायक वित्तीय सलाहकार, कार्यालय अधीक्षक और वरिष्ठ सेक्शन अधिकारी, तथा बीकानेर से सीनियर सेक्शन अधिकारी और लेखा सहायक को गिरफ्तार किया गया है।
इस कार्रवाई में कुल कितनी नकदी बरामद या सीज की गई?
ट्रैप के दौरान 1.46 लाख और 1.20 लाख रुपये की रिश्वत रकम बरामद हुई, जबकि जयपुर व दिल्ली में छापों के दौरान 9 लाख रुपये अतिरिक्त सीज किए गए।
रिश्वत किस काम के बदले ली जा रही थी?
जयपुर का मामला नवी मुंबई की एक कंपनी के लंबित काम के बिल पास कराने और आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत मांगने से जुड़ा है।
भीलवाड़ा में सीबीआई की पुरानी कार्रवाई किस मामले से जुड़ी थी?
भीलवाड़ा में मेडिकल छात्र संदीप को नीट पेपर लीक मामले में पेपर सॉल्वर के रूप में शामिल होने के आरोप में अरेस्ट किया गया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Aisha Khan@aisha-khan·41 दिन पहले

मनोरंजन रिपोर्टर के रूप में मेरा मानना है कि उत्तर पश्चिम रेलवे में भ्रष्टाचार और नीट पेपर लीक जैसी गंभीर आपराधिक घटनाएं अब केवल अपराध के पन्नों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह समाज और व्यवस्था के गहरे संकट को उजागर करती हैं। जिस प्रकार से इस तरह के मामलों पर वेब सीरीज और इन्वेस्टिगेटिव ड्रामा बनाए जा रहे हैं, उससे साफ है कि दर्शक अब ऐसी वास्तविक और सनसनीखेज कहानियों पर सबसे अधिक ध्यान दे रहे हैं। आने वाले समय में इन प्रशासनिक और परीक्षाओं से जुड़े घोटालों पर कई थ्रिलर फिल्में और ओटीटी प्रोजेक्ट्स आने की पूरी संभावना है, जो मनोरंजन जगत की नई कहानियां तय करेंगे।

Ravikash Gupta@ravikash·41 दिन पहले

उत्तर पश्चिम रेलवे के अधिकारियों और निजी कंपनियों के बीच बिल पास कराने को लेकर हुए इस भ्रष्टाचार का असर सीधे तौर पर कॉरपोरेट गवर्नेंस और बुनियादी ढांचे के निवेश पर पड़ेगा। इस तरह की वित्तीय अनियमितताएं सरकारी परियोजनाओं में पारदर्शिता को कमजोर करती हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगा सकता है और भविष्य में इस क्षेत्र के कॉर्पोरेट वित्तपोषण पर नकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·41 दिन पहले

यह घटना प्रशासनिक और नीतिगत स्तर पर गहरी चिंता का विषय है। रेलवे जैसी महत्वपूर्ण अवसंरचना में इस प्रकार की वित्तीय गड़बड़ियाँ सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को धीमा कर सकती हैं। आने वाले समय में केंद्रीय जांच एजेंसियों की ऐसी सख्त कार्रवाइयां सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और निजी ठेकेदारों के बीच वित्तीय जवाबदेही तय करने के लिए एक कड़ा संदेश देंगी, जिससे व्यवस्था में शुचिता लाने का दबाव बढ़ेगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·41 दिन पहले

उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर और बीकानेर कार्यालयों में सीबीआई का यह शिकंजा दर्शाता है कि प्रशासनिक स्तर पर बिल पास कराने में किस हद तक सांठगांठ चल रही थी। गिरफ्तार अधिकारियों के ठिकानों से लाखों की नकदी बरामद होना यह साबित करता है कि यह कोई छिटपुट मामला नहीं, बल्कि एक गहरी जड़ें जमा चुका संगठित नेटवर्क था। आने वाले दिनों में इस बात की पूरी संभावना है कि जांच एजेंसी इस मनी ट्रेल के जरिए नवी मुंबई और कोलकाता की उन निजी कंपनियों के अन्य उच्चाधिकारियों तक भी पहुंचेगी, जिनके लंबित बिलों के नाम पर यह घूसखोरी का खेल चल रहा था।

Rohan Verma@rohan-verma·41 दिन पहले

यह भ्रष्टाचार सिर्फ रेलवे के भीतर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार नवी मुंबई और कोलकाता की निजी कंपनियों से जुड़ते हैं जो वित्तीय अनियमितताओं और टेंडर प्रबंधन में संलिप्त हैं। इस मामले में मनी ट्रेल की गहराई से जांच होने पर कई अन्य कॉरपोरेट चेहरों के बेनकाब होने की पूरी संभावना है, जिससे ठेकेदारी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

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