केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे (एनडब्ल्यूआर) के पांच अधिकारियों को अलग-अलग रिश्वतखोरी के मामलों में गिरफ्तार किया है। जयपुर और बीकानेर में चलाए गए इन अभियानों के दौरान जांच एजेंसी ने अधिकारियों के पास से और तलाशी अभियानों के दौरान भारी मात्रा में नकदी भी सीज की है। इस कार्रवाई के बाद से ही रेलवे विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
जयपुर में जाल बिछाकर पकड़ा गया घूसखोरी का खेल
सीबीआई के प्रवक्ता की ओर से जारी बयान के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई 13 अगस्त 2026 (गुरुवार) को अंजाम दी गई। एजेंसी को सूचना मिली थी कि उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर स्थित कार्यालय में कार्यरत कार्यालय अधीक्षक नवी मुंबई की एक निजी कंपनी के लंबित कार्य बिलों को पास कराने और प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत की मांग कर रहा था।
इसके बाद सीबीआई की टीम ने रणनीति बनाकर एक विशेष ऑपरेशन चलाया और आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। इस जालसाजी मामले में एनडब्ल्यूआर जयपुर के सहायक वित्तीय सलाहकार, कार्यालय अधीक्षक और वरिष्ठ सेक्शन अधिकारी के साथ-साथ नवी मुंबई की निजी कंपनी के एक कर्मचारी को भी गिरफ्तार किया गया। मौके से 1.46 लाख रुपये की घूस की रकम बरामद की गई। इसके अलावा, जयपुर और दिल्ली में कई ठिकानों पर की गई तलाशी के दौरान सीबीआई ने 9 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी भी जब्त की।
बीकानेर में दूसरी कार्रवाई और कोलकाता से जुड़े तार
भ्रष्टाचार के एक अन्य मामले में सीबीआई ने उत्तर पश्चिम रेलवे के बीकानेर मंडल में दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान एनडब्ल्यूआर बीकानेर के एक वरिष्ठ सेक्शन अधिकारी और लेखा सहायक को गिरफ्तार किया गया। इनके साथ कोलकाता की एक निजी कंपनी के कर्मचारी को भी रिश्वत लेने-देने के आरोप में पकड़ा गया। इस ऑपरेशन में एजेंसी ने 1.20 लाख रुपये की रिश्वत राशि सीज की है। शुरुआती दौर में एजेंसी ने कुल दो लाख रुपये की घूस बरामदगी का आंकड़ा दर्ज किया था।
भीलवाड़ा में मेडिकल छात्र की गिरफ्तारी का मामला
इससे पहले भी सीबीआई ने राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया था। यह मामला राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के पर्चा लीक से जुड़ा हुआ था। सीबीआई ने राजमाता विजय राजे सिंधिया मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे मेडिकल छात्र संदीप को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, संदीप पर नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र हल करने वाले गिरोह में शामिल होने का गंभीर आरोप था, जिसके आधार पर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।























