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राष्ट्रीय राजधानी में जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों पर लगी रोक, धरने के लिए तीन नए मैदान तयभारत
12 अक्तू॰ 2026, 2:00 pm (18 दिन पहले)· 2

राष्ट्रीय राजधानी में जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों पर लगी रोक, धरने के लिए तीन नए मैदान तय

दिल्ली पुलिस के नए आदेश के अनुसार जंतर-मंतर पर अब धरने और रैलियां आयोजित नहीं होंगी। विरोध प्रदर्शनों के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी ग्राउंड को चुना गया है।

राष्ट्रीय राजधानी के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर अब किसी भी प्रकार के धरने, प्रदर्शन और रैलियों के आयोजन की अनुमति नहीं होगी। सार्वजनिक विरोध प्रदर्शनों को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने अब शहर के तीन अलग-अलग मैदानों को नए धरना स्थलों के रूप में निर्धारित किया है। पुलिस की ओर से इस संबंध में एक विस्तृत प्रशासनिक आदेश जारी कर दिया गया है, जिसके बाद पुराने धरना स्थल पर सभाएं करने पर पूर्ण विराम लग गया है।

विरोध प्रदर्शनों के लिए चुने गए तीन नए मैदान

जारी किए गए आधिकारिक निर्देशों के अनुसार, सार्वजनिक सभाओं, जन आंदोलनों और धरनों के आयोजन के लिए तीन नए इलाके चिन्हित किए गए हैं। इन स्थानों में मध्य दिल्ली का ऐतिहासिक रामलीला मैदान, उत्तरी दिल्ली का बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली में स्थित सीबीडी ग्राउंड शामिल हैं। इन तय किए गए मैदानों में ही अब राजनीतिक पार्टियों, कर्मचारी संगठनों और आम नागरिकों को अपनी मांगों को लेकर सभाएं करने की इजाजत मिलेगी।

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गृह मंत्रालय की विशेष समिति की सिफारिशें

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे बदलाव की रूपरेखा केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गठित एक विशेष समिति ने तैयार की है। गृह मंत्रालय ने विरोध दर्ज कराने और लोकतांत्रिक मांगों को रखने के लिए बेहतर और उपयुक्त विकल्पों की तलाश करने के उद्देश्य से इस समिति का गठन किया था। समिति को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी कि वह मौजूदा स्थलों की तुलना में ऐसे वैकल्पिक स्थानों की पहचान करे, जहां व्यवस्था और सुरक्षा के लिहाज से धरने आसानी से संचालित किए जा सकें। समिति द्वारा सौंपी गई सिफारिशों और रिपोर्ट का गहन मूल्यांकन करने के बाद ही जंतर-मंतर के स्थान पर इन तीन मैदानों पर अंतिम मुहर लगाई गई है।

व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े नए दिशा-निर्देश

पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार के निर्देश पर जारी इस आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इन तीनों निर्धारित मैदानों पर सभाएं आयोजित करने के लिए जल्द ही नियम और व्यवस्था से जुड़ा एक अलग आदेश भी लाया जाएगा। नए दिशा-निर्देशों में आवेदन प्रक्रिया, अनुमति की शर्तें, भीड़ नियंत्रण के मानक और सुरक्षा व्यवस्था की रूपरेखा तय की जाएगी, ताकि प्रदर्शनों के दौरान आम लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो।

जंतर-मंतर का आंदोलनकारी इतिहास

देश की लोकतांत्रिक राजनीति में जंतर-मंतर लंबे समय से प्रमुख जन आंदोलनों और सत्याग्रहों का मुख्य केंद्र रहा है। संसद भवन और केंद्र सरकार के प्रमुख मंत्रालयों के बेहद नजदीक होने की वजह से यह जगह राजनीतिक दलों, श्रमिक संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्र गुटों की पहली पसंद हुआ करती थी। देश के अलग-अलग कोनों से आने वाले लोग अपनी आवाज हुक्मरानों तक पहुंचाने के लिए इसी सड़क पर जुटते थे, लेकिन सुरक्षा और व्यवस्था के नए प्रबंधन के तहत अब इस पारंपरिक स्थल पर पाबंदी लगा दी गई है।

सवाल-जवाब

क्या दिल्ली के जंतर-मंतर पर अब प्रदर्शन करने की अनुमति मिलेगी?
नहीं, दिल्ली पुलिस के नए आदेश के अनुसार जंतर-मंतर पर अब किसी भी तरह के धरने और प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी।
दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के लिए कौन से तीन नए स्थान तय किए गए हैं?
प्रशासन ने विरोध प्रदर्शनों और रैलियों के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी ग्राउंड को निर्धारित किया है।
नए धरना स्थलों की पहचान किस आधार पर की गई है?
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गठित एक विशेष समिति की सिफारिशों के आधार पर इन तीन नए स्थलों का चयन किया गया है।
यह आदेश किस पुलिस अधिकारी की ओर से जारी किया गया है?
यह नया आदेश पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार की ओर से जारी किया गया है।
नए स्थलों पर प्रदर्शन करने के नियम क्या होंगे?
आदेश के अनुसार इन तीनों मैदानों पर प्रदर्शन और व्यवस्था से जुड़े विस्तृत नियमों का एक अलग आदेश जल्द जारी किया जाएगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Amit Patel@amit-patel·17 दिन पहले

जंतर-मंतर पर वो पुराना वक्त याद आ गया जब हर छोटी-बड़ी मांग के लिए वहीं दौड़ते थे। संसद के पास होने की वजह से सरकार तक आवाज़ तुरंत पहुंचती थी, लेकिन अब बुराड़ी और सीबीडी ग्राउंड जैसे दूर के इलाकों में जाने से प्रदर्शनों की चमक ही फीकी पड़ जाएगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·17 दिन पहले

जंतर-मंतर जैसी ऐतिहासिक जगह पर रोक लगाना ठीक नहीं लगा। संसद के पास होने से बात जल्दी पहुँचती थी, अब बुराड़ी या सीबीडी ग्राउंड जाने से आवाज़ उतनी दूर तक नहीं गूँजेगी।

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·17 दिन पहले

अर्जुन जी, बात तो ठीक है पर सुरक्षा और वीवीआईपी मूवमेंट का भी तो सोचना पड़ेगा। संसद के पास ट्रैफिक जाम से रोज़ लोग परेशान होते थे।

Rohan Verma@rohan-verma·17 दिन पहले

जंतर-मंतर पर रोक लगना निराश करने वाला है, आंदोलनकारियों के लिए अब आवाज उठाना और भी मुश्किल हो जाएगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·17 दिन पहले

रोहन भाई, बात तो सही है पर बुराड़ी और सीबीडी ग्राउंड जैसे दूर के इलाकों में लोग पहुंचेंगे कैसे? इससे आंदोलन का असर तो कम होगा ही।

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