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रतलाम के पलसोड़ी में बवाल: बुलडोजर लेकर पहुंचा प्रशासन, ग्रामीणों के पथराव में 3 पुलिसकर्मी घायलमध्य प्रदेश
12 जून 2026, 11:12 pm (46 दिन पहले)· 0

रतलाम के पलसोड़ी में बवाल: बुलडोजर लेकर पहुंचा प्रशासन, ग्रामीणों के पथराव में 3 पुलिसकर्मी घायल

रतलाम के पलसोड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित निवेश क्षेत्र के लिए अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम पर ग्रामीणों ने पथराव किया, जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए और पुलिस को आंसू गैस छोड़नी पड़ी।

रतलाम के पलसोड़ी इलाके में प्रस्तावित निवेश क्षेत्र को लेकर शुक्रवार को उस समय तनाव फैल गया, जब अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। बिगड़ते हालात को काबू में लाने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। इस पथराव में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। मिली जानकारी के मुताबिक, पलसोड़ी और उसके आसपास के चार से पांच गांवों की लगभग 1700 हेक्टेयर जमीन इस प्रस्तावित निवेश क्षेत्र में शामिल की गई है, जिसके खिलाफ ग्रामीण काफी समय से आंदोलनरत हैं। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ-साथ जेसीबी और बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचे थे।

कार्रवाई के दौरान पथराव और अफरा-तफरी

कार्रवाई शुरू होते ही बड़ी तादाद में ग्रामीण इकट्ठा हो गए और विरोध जताने लगे। अधिकारियों ने उन्हें समझाने-बुझाने की कोशिश की, लेकिन जब कोई सहमति नहीं बनी तो पुलिस ने करीब 15 से 20 लोगों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद अतिक्रमण हटाने का काम शुरू कर दिया गया। इसी बीच कुछ लोगों ने पुलिस और प्रशासनिक अमले पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। अचानक हुई पत्थरबाजी से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति संभालने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए, जिन्हें उपचार के लिए भेज दिया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और प्रशासन का कहना है कि फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं।

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भारी अमले और मशीनरी के साथ पहुंची थी टीम

अतिक्रमण हटाने के लिए शहर एसडीएम आर्ची हरित, तहसीलदार ऋषभ ठाकुर और आरआई विक्की ठाकुर 10 पटवारियों के साथ मौके पर पहुंचे थे। इनके अलावा सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, आईए थाना प्रभारी गायत्री सोनी, डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव और माणक चौक थाना प्रभारी विक्रम सिंह चौहान समेत करीब 100 पुलिसकर्मी वज्र वाहन के साथ डटे रहे। कार्रवाई के लिए अधिकारी दो पोकलेन, 2 जेसीबी, 5 डंपर और ट्राले भी साथ लाए थे, जबकि एहतियातन फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस को भी मौके पर तैनात किया गया था। उल्लेखनीय है कि अप्रैल महीने में भी इसी मुद्दे पर विरोध हुआ था, जब एसडीएम को जमीन पर बैठकर ग्रामीणों को समझाना पड़ा था।

पुराना है विरोध, जनप्रतिनिधि भी रहे साथ

इंडस्ट्रीज कॉरिडोर को लेकर क्षेत्र के लोग लगातार विरोध जता रहे हैं। अप्रैल माह में हुए प्रदर्शन में बीएपी पार्टी, जयस और कई आदिवासी संगठनों ने ग्रामीणों का साथ दिया था। उस दौरान सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार भी ग्रामीणों के साथ निवेश क्षेत्र में धरने पर बैठ गए थे। इस धरने में जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशुराम निनामा, कांग्रेस नेता लक्ष्मणसिंह डिंडोर, ग्राम पंचायत पलसोड़ी के सरपंच पति गोरधन बोरासी और जुलवानिया सरपंच छोटू भाबर समेत कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए थे। धरने की सूचना मिलते ही सैलाना एसडीएम तरुण जैन, रतलाम तहसीलदार ऋषभ ठाकुर, मनोज जैन, एमपीआरडीसी के अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों की बातें सुनीं और संबंधित दस्तावेज भी सामने रखे। संवाद के लिए एसडीएम और तहसीलदार को विधायक तथा ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर चर्चा करनी पड़ी, लेकिन दोपहर तक किसी हल पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने एक बार फिर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया था।

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