बिहार की राजधानी पटना में NEET पेपर लीक मामले को लेकर चल रहा छात्रों का विरोध प्रदर्शन बुधवार को अचानक बेहद हिंसक रूप ले चुका है। इंसाफ की मांग को लेकर शुरू हुआ यह शांतिपूर्ण मार्च शाम ढलते-ढलते शहर के कई अलग-अलग इलाकों में बड़े बवाल में बदल गया। उग्र होते प्रदर्शनकारियों और पुलिस बल के बीच कई जगहों पर सीधी भिड़ंत हुई, जिसके कारण बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की घटनाएं दर्ज की गईं। इस भारी हंगामे के बीच भीड़ ने राजनीतिक हस्तियों को भी निशाना बनाया और हालात बेकाबू होते देख प्रशासन को पूरे वीवीआईपी इलाके की सुरक्षा तत्काल प्रभाव से बढ़ानी पड़ी।
बीजेपी विधायक रोहित पांडेय का काफिला घिरा
हिंसा का सबसे बड़ा मामला पटना म्यूजियम के पास देखने को मिला, जहां उग्र भीड़ ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक रोहित पांडेय के काफिले पर अचानक हमला बोल दिया। घटनाक्रम के मुताबिक, छात्रों का एक बड़ा हुजूम मुख्यमंत्री आवास और बिहार विधानसभा की तरफ मार्च कर रहा था। उसी रास्ते से गुजर रहे विधायक के काफिले को प्रदर्शनकारियों ने चारों तरफ से घेर लिया। कुछ ही देर में वहां भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आरोप है कि भीड़ ने काफिले पर जमकर पथराव किया, जिससे गाड़ियों में काफी तोड़फोड़ हुई। गनीमत यह रही कि मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और कड़ी मशक्कत के बाद विधायक को सुरक्षित वहां से निकाल लिया गया।
मंत्री रामकृपाल यादव के घर के बाहर तोड़फोड़
छात्रों का गुस्सा सिर्फ एक जगह तक सीमित नहीं था। लोकभवन की ओर निकाले जा रहे मार्च के दौरान कदम-कदम पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी झड़पें हुईं। इसी अफरा-तफरी के बीच एक और बड़ी घटना सामने आई, जहां बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव के आवास को भी निशाना बनाया गया। बताया जा रहा है कि मंत्री के घर के ठीक बाहर खड़ी एक गाड़ी पर भी उग्र छात्रों ने हमला कर दिया और उसमें भारी तोड़फोड़ की गई।
लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल
बुधवार सुबह यह विशाल प्रदर्शन शहर के ऐतिहासिक गांधी मैदान से शुरू हुआ था, जहां हजारों छात्र NEET परीक्षा में हुई कथित धांधली के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए जमा हुए थे। लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतता गया, यह आंदोलन राजधानी के विभिन्न हिस्सों में फैल गया। उग्र होती और तोड़फोड़ करती इस भारी भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पटना पुलिस को सख्त कदम उठाने पड़े। हालात को नियंत्रण में लाने के लिए सुरक्षा बलों ने कई जगहों पर लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले दागे और वाटर कैनन का भी भारी इस्तेमाल किया, जबकि छात्रों की ओर से भी लगातार पत्थरबाजी होती रही।
वीवीआईपी इलाकों में अर्धसैनिक बल तैनात
लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था और नेताओं पर हो रहे सीधे हमलों को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिए। किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए बिहार विधानसभा के सभी मुख्य द्वारों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया। इसके अलावा, मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरे वीवीआईपी इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और वहां भारी संख्या में अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी गई है।




















