डेनिस विलेनुव की चुनिंदा फिल्मों की ब्रिटेन के सिनेमाघरों में वापसी, आईमैक्स में दिखेंगे ड्यून के दोनों भागबैंक ऑफ जापान की मौद्रिक समीक्षा पर टिकी निगाहें, काजुओ उएदा के बयानों से तय होगी जापानी येन की चालफैंटम ब्लेड ज़ीरो गेम रिव्यू: बेहतरीन कुंग-फू एक्शन और शानदार कॉम्बैट के साथ चीनी वुक्सिया गाथा की वैश्विक शुरुआतशादियों में छाया सेलिब्रिटी लुक वाली इमिटेशन ज्वेलरी का जादू, किराए पर लेने की भी सुविधाबेगूसराय के गोविंद कुमार ने छत पर 2 हजार रुपये से शुरू किया पोल्ट्री फार्म, अब हर 5 महीने में लाखों की कमाईत्योहारी मांग और सरकारी नीतियों के सहारे भारतीय एमएसएमई में मजबूत उम्मीदेंजोधपुर जेल में तय समय के बाद पहुंचे आसाराम, फाटक बंद मिलने पर पुलिस ने दर्ज किया केसलाइव: 29 अक्टूबर तक कमजोर होकर डिप्रेशन में तब्दील होगा चक्रवात अर्णब, आईएमडी का पूर्वानुमानडिजिटल सड़न और बॉट्स की बाढ़ के बीच क्या पुराने इंटरनेट का अंत ही नई शुरुआत बनेगा?कर्नाटक एसएसएलसी 2025 में धनलक्ष्मी ने किया कमाल, अब सीए बनकर परिवार को गरीबी से निकालने का संकल्प
रेजिनगर उपचुनाव हारने के बाद हुमायूं कबीर का सियासी यू-टर्न, 2029 में बहरामपुर से लोकसभा चुनाव लड़ने की घोषणापश्चिम बंगाल
9 अक्तू॰ 2026, 11:24 pm (19 दिन पहले)· 1

रेजिनगर उपचुनाव हारने के बाद हुमायूं कबीर का सियासी यू-टर्न, 2029 में बहरामपुर से लोकसभा चुनाव लड़ने की घोषणा

पश्चिम बंगाल के रेजिनगर उपचुनाव में बेटे की पराजय के बाद आम जनता उन्नयन पार्टी प्रमुख हुमायूं कबीर ने संन्यास की बात वापस लेते हुए 2029 में बहरामपुर से अधीर रंजन चौधरी के खिलाफ ताल ठोकने की बात कही है।

पश्चिम बंगाल की रेजिनगर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे सामने आने के बाद राज्य का सियासी माहौल पूरी तरह गर्मा गया है। इस चुनाव में आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर को बड़ा राजनीतिक झटका लगा, जब उनके बेटे गुलाम नबी आजाद को हार का सामना करना पड़ा। उल्लेखनीय है कि रेजिनगर विधानसभा सीट हुमायूं कबीर द्वारा खुद इस्तीफा दिए जाने के चलते ही रिक्त हुई थी। मतगणना के बाद शुक्रवार को सामने आए चुनावी फैसले के फौरन बाद हुमायूं कबीर ने अपने रुख में बड़ा बदलाव दिखाते हुए वर्ष 2029 के आम चुनाव में उतरने का एलान कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि वे 2029 के लोकसभा चुनाव में बहरामपुर संसदीय क्षेत्र से किस्मत आजमाएंगे और कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी को शिकस्त देंगे। इससे ठीक एक दिन पहले, यानी गुरुवार को उन्होंने सक्रिय राजनीति से किनारा करने के संकेत दिए थे।

उपचुनाव प्रक्रिया और पुलिस प्रशासन पर धांधली के गंभीर आरोप

मतगणना में सामने आए परिणाम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए हुमायूं कबीर ने पूरी चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने मतदान को अनुचित बताते हुए आरोप लगाया कि वास्तविक मतदान कराने के बजाय जनादेश छीना गया है। उनके मुताबिक पुलिस तंत्र ने मुस्लिम मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक पहुंचकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने से रोका। उन्होंने बेलडांगा थाने के प्रभारी अधिकारी और पुलिस अधीक्षक पर सांठगांठ करके 5 करोड़ रुपये लेने का सीधा आरोप लगाया और दावा किया कि यह सब मुख्यमंत्री से बेहतर पदस्थापना पाने की मंशा से किया गया।

ये भी पढ़ें

अपनी पार्टी के प्रदर्शन का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि तमाम विपरीत परिस्थितियों के बीच भी उनके बेटे को 54 हजार वोट हासिल हुए। हुमायूं कबीर ने दावा किया कि यदि मतदान वाले दिन पुलिस प्रशासन उन्हें हिरासत में नहीं रखता, तो उनके बेटे को 1 लाख 50 हजार वोट मिलते। इसके साथ ही उन्होंने प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भाजपा प्रत्याशी ने एक ही मतदान केंद्र में जाकर तीन अलग-अलग वोट डाले।

मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद निर्माण और अदालती फैसलों का हवाला

चुनावी नतीजों के इतर हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में प्रस्तावित बाबरी मस्जिद के निर्माण कार्य पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्हें किसी भी राजनीतिक दल या भारतीय जनता पार्टी से कोई प्रमाण पत्र लेने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति हमेशा मंदिर केंद्रित रही है, और जब उन्होंने बाबरी मस्जिद की आधारशिला रखी थी तब विरोधियों ने भी मंदिर निर्माण की नींव रखी थी।

मस्जिद निर्माण की वैधानिक स्थिति को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि इस परियोजना के संचालन के लिए बाकायदा एक ट्रस्ट गठित किया गया है, जिसकी पूरी जानकारी भारत सरकार को भी है। उन्होंने बताया कि कलकत्ता उच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मस्जिद का नाम तय करने का वैधानिक अधिकार ट्रस्ट के पास सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के फैसलों के अनुरूप यह ढांचा बाबरी के नाम से ही तैयार किया जाएगा। उन्होंने समयसीमा साझा करते हुए बताया कि इस मस्जिद का निर्माण 6 दिसंबर 2028 तक पूरा कर लिया जाएगा, जहां एक साथ 1 लाख मुस्लिम नमाजी नमाज अदा कर सकेंगे।

संन्यास की बात से पलटे, बहरामपुर से ताल ठोकने और विदेश जाने की बात कही

गुरुवार को विधायकी छोड़ने और राजनीति से हटने की मंशा जताने वाले हुमायूं कबीर ने शुक्रवार को संन्यास के मुद्दे पर पूरी तरह यू-टर्न ले लिया। अपने नए राजनीतिक कार्यक्रम की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि साल 2029 के मार्च और अप्रैल महीने में होने वाले आम चुनाव में वे बहरामपुर लोकसभा सीट से अपनी उम्मीदवारी पेश करेंगे।

अधीर रंजन चौधरी पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता की भाजपा के साथ अंदरूनी सांठगांठ है। उन्होंने दावा किया कि वे शुक्रवार और शनिवार को दिल्ली जाकर नितिन गडकरी से मुलाकात करते हैं। हुमायूं कबीर ने संकल्प दोहराया कि वे आगामी लोकसभा चुनाव में अधीर रंजन चौधरी को पराजित करके दिखाएंगे और उस चुनावी जीत के बाद भारत छोड़कर दुबई चले जाएंगे। इसके अलावा हुमायूं कबीर ने यह भी ऐलान किया कि मुख्यमंत्री और शुभेंदु के खिलाफ उनके रुख के तहत वे अब भविष्य में विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने नहीं जाएंगे।

सवाल-जवाब

रेजिनगर उपचुनाव में हुमायूं कबीर की पार्टी से कौन उम्मीदवार था?
आम जनता उन्नयन पार्टी से हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद उम्मीदवार थे, जिन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।
हुमायूं कबीर ने 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर क्या घोषणा की है?
उन्होंने एलान किया है कि वे मार्च-अप्रैल 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव में बहरामपुर सीट से अधीर रंजन चौधरी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे।
हुमायूं कबीर ने चुनाव प्रक्रिया पर क्या आरोप लगाए हैं?
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने मुस्लिम मतदाताओं को वोट डालने से रोका और स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने 5 करोड़ रुपये लिए।
मुर्शिदाबाद में प्रस्तावित मस्जिद निर्माण को लेकर उन्होंने क्या समयसीमा बताई?
उन्होंने कहा कि यह मस्जिद 6 दिसंबर 2028 तक बनकर तैयार हो जाएगी, जहां एक साथ 1 लाख लोग नमाज पढ़ सकेंगे।
क्या हुमायूं कबीर ने राजनीति से संन्यास ले लिया है?
नहीं, उन्होंने संन्यास के संकेत देने के बाद यू-टर्न ले लिया और 2029 का लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ravikash Gupta@ravikash·19 दिन पहले

कल ही राजनीति छोड़ने की बात कर रहे थे और आज सीधे 2029 में चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। हार का गुस्सा समझ आता है, पर इतनी जल्दी पाला कैसे बदल जाता है? और अगर पुलिस ने वाकई 5 करोड़ लिए थे, तो इसका कोई पुख्ता सबूत जनता के सामने लाएंगे या सिर्फ हवा में तीर चला रहे हैं?

Dr. Aditya Sharma@aditya-sharma·19 दिन पहले

रविकेश जी, बात तो आपकी ठीक है, पर 5 करोड़ के आरोप पर सबूत कौन मांग रहा है? राजनीति में पलटी मारना तो इनका पुराना खेल है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·19 दिन पहले

कल ही राजनीति छोड़ने की बात करने वाले हुमायूं कबीर ने हारते ही 2029 का लोकसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। क्या पुलिस पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाकर वे अपनी हार की खीझ मिटा रहे हैं?

Arjun Mehta@arjun-mehta·19 दिन पहले

करण, बिल्कुल सही कहा आपने! बंगाल में जब मैं कुछ साल पहले रिपोर्टिंग के लिए गया था, तो नेताओं के ऐसे यू-टर्न देखकर हैरानी होती थी। हार पचती नहीं तो बहाने शुरू हो जाते हैं।

Rohan Verma@rohan-verma·19 दिन पहले

कल ही राजनीति छोड़ने की बात कर रहे थे, हारते ही सीधे 2029 का प्लान ले आए। इतनी जल्दी यू-टर्न समझ नहीं आया।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp