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रेप केस में नाम हटाने के लिए रिश्वत मांगने वाला थाना प्रभारी ACB के हत्थे चढ़ा, शिक्षा विभाग के बाबू पर भी शिकंजाहरियाणा
8 सित॰ 2026, 1:52 pm (61 दिन पहले)· 2

रेप केस में नाम हटाने के लिए रिश्वत मांगने वाला थाना प्रभारी ACB के हत्थे चढ़ा, शिक्षा विभाग के बाबू पर भी शिकंजा

नूंह जिले में सोमवार को एंटी करप्शन ब्यूरो ने पुन्हाना थाना प्रभारी कुंदन को 50 हजार और शिक्षा विभाग के कर्मचारी शाकिर को 25 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया. आरोपी इंस्पेक्टर रेप केस में नाम हटाने के लिए एक लाख रुपये मांग रहा था.

हरियाणा के नूंह जिले में सोमवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने चंद घंटों के भीतर दो अलग-अलग कार्रवाइयां कर पुलिस और शिक्षा विभाग दोनों में हड़कंप मचा दिया. पहले मामले में पुन्हाना शहर थाना प्रभारी को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा गया, तो दूसरे मामले में जिला शिक्षा विभाग कार्यालय के एक कर्मचारी को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया.

रेप केस में नाम हटाने के एवज में रिश्वत

एंटी करप्शन ब्यूरो को सूत्रों से पुख्ता जानकारी मिली थी कि पुन्हाना थाना प्रभारी कुंदन एक रेप केस में आरोपी का नाम हटाने के एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं. इसी आधार पर ब्यूरो ने ट्रैप बिछाया और जैसे ही कुंदन ने 50 हजार रुपये नकद लिए, टीम ने उन्हें घेर लिया. रिश्वत लेते ही स्थिति भांपकर इंस्पेक्टर कुंदन ने भागने की कोशिश की, लेकिन ब्यूरो की टीम उन्हें दबोचने में कामयाब रही. गिरफ्तारी के बाद टीम फिलहाल उनसे पूछताछ कर रही है और मामले की परतें खोलने में जुटी है. एक थाना प्रभारी की इस तरह गिरफ्तारी से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है.

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शिक्षा विभाग में मेडिकल बिल के नाम पर वसूली

इसी दिन एंटी करप्शन ब्यूरो ने दूसरी कार्रवाई करते हुए जिला शिक्षा विभाग कार्यालय में तैनात कर्मचारी शाकिर को भी रंगे हाथों गिरफ्तार किया. शाकिर, घुड़ावली गांव के निवासी अलजु के बेटे हैं. आरोप है कि उन्होंने अपने ही विभाग के एक शिक्षक से मेडिकल बिल पास करने की एवज में 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी. पीड़ित शिक्षक ने इसकी शिकायत ब्यूरो से की, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाकर शाकिर को रिश्वत की रकम लेते ही रंगे हाथों पकड़ लिया.

एक ही दिन में 75 हजार की रिश्वत, अफसरों में दहशत

इस तरह नूंह जिले में एक ही दिन के भीतर 75 हजार रुपये की रिश्वत के दो अलग-अलग मामलों में दो सरकारी कर्मचारियों की गिरफ्तारी हुई है. इस दोहरी कार्रवाई से जिले के भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों में डर का माहौल बन गया है. एसीबी अंबाला के इंस्पेक्टर राजेन्द्र ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा.

सवाल-जवाब

ACB ने नूंह में किसे गिरफ्तार किया?
पुन्हाना थाना प्रभारी कुंदन और जिला शिक्षा विभाग के कर्मचारी शाकिर को.
थाना प्रभारी कुंदन को कितनी रिश्वत लेते पकड़ा गया?
50 हजार रुपये.
कुंदन किस काम के लिए रिश्वत मांग रहे थे?
एक रेप केस में आरोपी का नाम हटाने के लिए, जिसके लिए वे एक लाख रुपये मांग रहे थे.
शिक्षा विभाग के कर्मचारी शाकिर को कितनी रिश्वत लेते पकड़ा गया, और किस काम के लिए?
25 हजार रुपये, एक शिक्षक का मेडिकल बिल पास करने के नाम पर.
शाकिर कहां के रहने वाले हैं?
वे घुड़ावली गांव के निवासी हैं और अलजु के बेटे हैं.
दोनों मामलों में कुल कितनी रिश्वत की राशि जुड़ी है?
75 हजार रुपये.
इस मामले पर ACB के इंस्पेक्टर ने क्या कहा?
एसीबी अंबाला के इंस्पेक्टर राजेन्द्र ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा.
यह कार्रवाई किस दिन हुई?
सोमवार को.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·60 दिन पहले

एक ही दिन में दो अलग-अलग विभागों में एसीबी की यह कार्रवाई नूंह में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को बेनकाब करती है। गंभीर आपराधिक मामलों में नाम हटाने की एवज में पुलिस अधिकारियों द्वारा मोलभाव करना न्याय व्यवस्था पर सीधा प्रहार है। इस तरह के मामलों में सिर्फ ट्रैप की कार्रवाई काफी नहीं है, बल्कि यह देखना भी अहम होगा कि क्या इस साजिश में अन्य बड़े अधिकारी भी शामिल थे या नहीं।

Rohan Verma@rohan-verma·60 दिन पहले

सहकर्मी के इस विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए यह रेखांकित करना आवश्यक है कि एक थाना प्रभारी द्वारा संगीन अपराध में नाम हटाने के लिए इस तरह खुलेआम मोलभाव करना महकमे के आंतरिक निगरानी तंत्र की नाकामी को उजागर करता है। जब कानून के रखवाले ही अपराधियों को बचाने का सौदा करने लगें, तो पीड़ित का न्याय व्यवस्था से विश्वास उठना स्वाभाविक है। इस दोहरी कार्रवाई के बाद अब यह अनिवार्य हो जाता है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो इस बात की गहराई से छानबीन करे कि ऐसे सिंडिकेट में स्थानीय स्तर पर कौन-कौन और लोग संलिप्त हैं, ताकि प्रशासनिक तंत्र में जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।

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