राजधानी दिल्ली में बारापुला एलिवेटेड कॉरिडोर के तीसरे चरण के उद्घाटन की तैयारियों के बीच दक्षिण और पूर्वी दिल्ली की कनेक्टिविटी से जुड़े एक बड़े मार्ग पर बड़ा ट्रैफिक बदलाव लागू किया गया है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के जरिए सराय काले खां की दिशा में उतरने वाले रास्ते को वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इस कदम के बाद एक्सप्रेसवे से आने वाले चालकों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लगभग 11 किलोमीटर का लंबा चक्कर काटना पड़ रहा है। पुलिस प्रशासन द्वारा की गई यह व्यवस्था फिलहाल 29 सितंबर तक अस्थायी रूप से लागू रहेगी, जिसके बाद कॉरिडोर चालू होने की स्थिति की समीक्षा कर आगे की रूपरेखा तय की जाएगी।
सराय काले खां चौराहे पर दबाव घटाने की रणनीति
सराय काले खां दिल्ली के सबसे व्यस्त और रणनीतिक चौराहों में गिना जाता है। बारापुला फेज-3 के शुरू होने पर यहां वाहनों की आमद कई गुना बढ़ने की संभावना को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने यह निर्णय लिया है। योजना के अनुसार, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से राजधानी में प्रवेश करने वाले वाहनों को सराय काले खां एग्जिट तक पहुंचने से पहले ही मदनपुर खादर की तरफ मोड़ा जा रहा है। वहां से इन वाहनों को कालिंदी कुंज की ओर भेजा जा रहा है। इस डायवर्जन के कारण अब कालिंदी कुंज और उससे जुड़े आसपास के मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ गया है।
यातायात पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, ट्रैफिक को कालिंदी कुंज की ओर डायवर्ट किया जा रहा है। अधिकारी ने स्पष्ट किया, “ट्रैफिक को कालिंदी कुंज की ओर डायवर्ट किया जा रहा है। इससे वहां दबाव बढ़ सकता है, लेकिन सराय काले खान जैसे संवेदनशील चौराहे पर जाम नहीं बढ़ेगा।”
29 सितंबर को बारापुला फेज-3 का उद्घाटन
पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेज-1 को सीधे सराय काले खां से जोड़ने वाला बारापुला फेज-3 एक सिग्नल-फ्री एलिवेटेड कॉरिडोर है। लंबे समय से प्रतीक्षित इस महत्वपूर्ण परियोजना का उद्घाटन 29 सितंबर को निर्धारित किया गया है। इस उद्घाटन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मौजूद रहेंगी। इस परियोजना के पूरी तरह चालू होने के बाद मयूर विहार और दक्षिण दिल्ली के बीच यात्रा करने वालों को तेज रफ्तार सफर की सुविधा मिलेगी।
ट्रैफिक अधिकारियों का विश्लेषण है कि बारापुला कॉरिडोर शुरू होने से दक्षिण दिल्ली से मयूर विहार की ओर आने-जाने वालों के लिए सराय काले खां पर जाम कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, यह राहत तभी प्रभावी साबित होगी जब दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का सराय काले खां एग्जिट बंद रखा जाए। यदि एक्सप्रेसवे का भारी ट्रैफिक भी सीधे इसी बिंदु पर उतरता रहा, तो दोनों मार्गों का संयुक्त दबाव चौराहे की क्षमता से कई गुना अधिक हो जाएगा।
सराय काले खां की बोतल गर्दन और 14 लेन की चुनौती
सराय काले खां की भौगोलिक और ढांचागत बनावट बेहद जटिल है, क्योंकि यहां कुल पांच हाई-स्पीड ट्रैफिक कॉरिडोर आपस में मिलते हैं। इनमें बारापुला कॉरिडोर, महारानी बाग और आश्रम की तरफ से आने वाली आउटर रिंग रोड, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तथा दिल्ली-नोएडा डायरेक्ट फ्लाईवे शामिल हैं। इसके अलावा नेशनल हाईवे-9 और नेशनल हाईवे-24 की ओर से आने-जाने वाली गाड़ियां भी इसी जंक्शन से होकर गुजरती हैं।
इस पूरे इलाके में सबसे बड़ी समस्या यह है कि करीब 200 मीटर के एक छोटे से हिस्से में पांचों दिशाओं से आने वाला 14 लेन का संयुक्त ट्रैफिक अचानक सिकुड़कर केवल तीन लेन वाले संकरे फ्लाईओवर में समाने को मजबूर हो जाता है। लेन के इस अप्रत्याशित संकुचन के कारण व्यस्त घंटों में यहां कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लगना बेहद आम बात हो चुकी है।
एक्सप्रेसवे खुलने के बाद बदला आवागमन का पैटर्न
अगस्त के महीने में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के हिस्से पर आवागमन शुरू होने के बाद से क्षेत्र के ट्रैफिक पैटर्न में भारी फेरबदल हुआ है। पहले फरीदाबाद और नोएडा के बीच आवागमन करने वाले अधिकांश वाहन चालक कालिंदी कुंज मार्ग का चयन करते थे, लेकिन एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद यह पूरा ट्रैफिक दिल्ली-नोएडा डायरेक्ट फ्लाईवे की ओर स्थानांतरित हो गया। इस बदलाव ने सराय काले खां के मुहाने पर वाहनों का लोड अचानक बढ़ा दिया।
समस्या इसलिए भी विकट बनी हुई है क्योंकि अलग-अलग कॉरिडोरों को आपस में जोड़ने के लिए समर्पित लूप या स्लिप रोड की भारी कमी है। इसके चलते फरीदाबाद से नोएडा जाने वाले वाहन चालकों को महारानी बाग अथवा सराय काले खां जंक्शन पर यू-टर्न लेना पड़ता है, जिससे जगह-जगह गाड़ियां आपस में उलझती हैं और चोक पॉइंट बन जाते हैं।
दीर्घकालिक समाधान और सड़क चौड़ीकरण के प्रस्ताव
मौजूदा स्थिति के स्थायी समाधान के लिए लोक निर्माण विभाग को महारानी बाग से सराय काले खां तक के सड़क हिस्से को चौड़ा करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही एक दीर्घकालिक उपाय के तहत वर्तमान तीन लेन वाले सराय काले खां फ्लाईओवर की क्षमता बढ़ाकर उसे पांच या छह लेन तक चौड़ा करने का प्रस्ताव भी दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत फिलहाल सराय काले खां की ओर से वाहन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर चढ़ तो सकते हैं, लेकिन एक्सप्रेसवे से सीधे सराय काले खां पर उतरने की अनुमति नहीं है।

















