राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने बारामती में आयोजित होने वाले आगामी बड़े आयोजन की रूपरेखा सामने रखी है. उन्होंने एक प्रेस वार्ता के दौरान स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 नवंबर को बारामती की धरती पर कदम रखेंगे, जहां वे विद्या प्रतिष्ठान परिसर में नवनिर्मित प्रेरणा स्थल का औपचारिक लोकार्पण करेंगे. पवार स्वयं इस प्रतिष्ठित शैक्षणिक ट्रस्ट की अध्यक्षता संभालते हैं और उन्होंने इस खास मौके पर सत्ता पक्ष के शीर्ष नेताओं के साथ कई उद्योगपतियों को भी आमंत्रित किया है.
प्रतिमा अनावरण और परिसर का भ्रमण
तय कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री का विमान सुबह लगभग 10 बजे बारामती हवाई अड्डे पर उतरेगा. इसके तुरंत बाद वे सीधे विद्या प्रतिष्ठान के प्रांगण में पहुंचेंगे. नक्षत्र गार्डन के भीतर विकसित किए गए प्रेरणा स्थल पर चार टन की भारी भरकम भगवान बुद्ध की प्रतिमा लगाई गई है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री के कर-कमलों द्वारा संपन्न होगा.
इस पूरे परिसर को ऐतिहासिक और सामाजिक प्रेरणा देने वाले स्वरूप में ढाला गया है. यहां आने वाले आगंतुकों के लिए देश की कई महान विभूतियों के तैलचित्र और दुर्लभ छायाचित्र प्रदर्शित किए जाएंगे. इनमें राजमाता जीजाऊ, छत्रपति शिवाजी महाराज, अहिल्यादेवी होल्कर, महात्मा ज्योतिराव फुले, सावित्रीबाई फुले, महात्मा गांधी, डॉक्टर बी. आर. आंबेडकर के साथ पवार की माता शारदाबाई पवार की तस्वीरें भी शामिल हैं.
तकनीक और उद्योग जगत की मौजूदगी
विद्या प्रतिष्ठान में शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीक को जोड़ने के मकसद से एक विशेष कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) केंद्र भी तैयार किया गया है. इस केंद्र में वर्तमान समय तक 640 छात्र प्रवेश ले चुके हैं. प्रधानमंत्री मोदी समेत सभी आमंत्रित विशिष्ट हस्तियां इस तकनीकी केंद्र की कार्यप्रणाली को देखने पहुंचेंगी.
इस समारोह के लिए व्यापार और उद्योग जगत के दिग्गजों को न्योता भेजा गया है. सीरम इंस्टीट्यूट के साइरस पूनावाला, भारत फोर्ज के प्रमुख तथा माइक्रोसॉफ्ट के प्रतिनिधियों को इसमें शामिल होने का आग्रह किया गया है. पवार के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट के प्रमुख ने इस निमंत्रण को अपनी स्वीकृति दे दी है. मंच पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार भी उपस्थित रहेंगी. मुख्य सभा का समय पूर्वाह्न 11.45 बजे तय किया गया है, जिसके उपरांत प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री फडणवीस सभा को संबोधित करेंगे.
सूखा राहत और मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर रुख
आयोजन की जानकारी देने के साथ ही शरद पवार ने राज्य की मौजूदा परिस्थितियों पर अपनी बात रखी. उन्होंने महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में गहराए सूखे के संकट पर चिंता जाहिर की. उन्होंने इस बात की सराहना की कि राज्य प्रशासन इस मानवीय संकट पर दलगत राजनीति किए बिना पीड़ितों की सहायता करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
वहीं दूसरी ओर, मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के पदत्याग की मांग को लेकर जारी प्रदर्शनों पर भी उन्होंने अपनी राय रखी. पवार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आम जनता के भीतर असंतोष का दायरा लगातार फैल रहा है, जिसे देखते हुए केंद्र सरकार को इस पूरे प्रकरण पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए.


















