कॉकपिट में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद 174 मुसाफिरों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर संवाद किया। इस बातचीत में प्रधानमंत्री ने विकट संकट के पलों में दिखाए गए उनके अद्वितीय संयम और पराक्रम की सराहना की। प्रधानमंत्री ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की, जबकि कैप्टन मच्छार ने उस भयावह स्थिति में यात्रियों की हिफाजत के लिए मिली मानसिक शक्ति और अपने अनुभव को साझा किया।
सह-पायलट का जानलेवा हमला और कॉकपिट का संघर्ष
यह दिल दहला देने वाला वाकया बुधवार को उस वक्त पेश आया जब फ़्लाईदुबई की उड़ान संख्या FZ1073 दुबई से तेल अवीव की ओर जा रही थी। विमान जब आसमान में लगभग 34,000 फीट की क्रूज़िंग ऊंचाई पर था, तभी सह-पायलट ने कथित रूप से विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की नीयत से मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला बोल दिया। इस घातक वार में कैप्टन मच्छार लहूलुहान होकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
हमले के बीच विमान अचानक आसमान से तेजी से नीचे गिरने लगा और उसने 17,000 फीट से अधिक की ऊंचाई बेहद कम समय में गंवा दी। कॉकपिट से तुरंत आपातकालीन संकट संदेश प्रसारित किए गए। विमान में 27 मासूम बच्चों समेत कुल 174 यात्री सवार थे, जिनकी जिंदगी पर मौत का साया मंडरा रहा था। अत्यधिक खून बहने और असहनीय शारीरिक पीड़ा के बावजूद कैप्टन मच्छार ने अपने होश नहीं खोए और कॉकपिट के नियंत्रण पर अपनी पकड़ बनाए रखी।
सऊदी अरब में आपात लैंडिंग और शुरुआती उपचार
कैप्टन स्मित मच्छार ने अभूतपूर्व सूझबूझ का परिचय देते हुए विमान का रुख सऊदी अरब की तरफ मोड़ा। उन्होंने सऊदी अरब के तबुक शहर में स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअज़ीज़ एयरपोर्ट पर विमान को पूरी कुशलता के साथ सुरक्षित उतार लिया। जमीन पर उतरते ही विमान में सवार सभी 174 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिससे एक भीषण मानवीय त्रासदी टल गई।
विमान के उतरते ही गंभीर रूप से जख्मी कैप्टन मच्छार को तत्काल तबुक के स्थानीय अस्पताल में दाखिल कराया गया। वहां डॉक्टरों की टीम ने उनका प्राथमिक इलाज किया और उनकी स्थिति को स्थिर बनाया। शुरुआती देखभाल और चिकित्सकीय आकलन के उपरांत उन्हें बेहतर और गहन चिकित्सा के लिए संयुक्त अरब अमीरात भेजा गया, जहां उन्हें अबू धाबी के अस्पताल में भर्ती किया गया और फिर दुबई के अस्पताल में उनका उपचार आगे बढ़ाया गया।
भारतीय राजनयिकों की सक्रियता और सरकार का रुख
घटना की गंभीरता को देखते हुए खाड़ी देशों में भारतीय मिशन पूरी तरह सक्रिय हो गया। संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने अस्पताल पहुंचकर कैप्टन स्मित मच्छार और उनके परिजनों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। राजदूत ने उनके उपचार की प्रगति का जायजा लिया और कुशलक्षेम पूछा।
भारतीय दूतावास ने आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की कि कैप्टन मच्छार के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है और वे खतरे से बाहर हैं। मिशन ने स्पष्ट किया कि उन्हें उच्च स्तरीय चिकित्सकीय सुविधाएं मुहैया कराने के लिए स्थानीय स्वास्थ्य प्रशासन से लगातार समन्वय बनाया जा रहा है।
विदेश मंत्रालय ने बहादुरी को किया नमन
नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय ने भी पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत नजर रखने की बात कही है। मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास और दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास स्थानीय प्राधिकारियों के साथ नियमित संपर्क बनाए हुए हैं। विदेश मंत्रालय ने इस बात को रेखांकित किया कि कैप्टन स्मित मच्छार का यह कारनामा कर्तव्यनिष्ठा और अदम्य साहस की मिसाल है। सरकारी स्तर पर उनके संपूर्ण स्वास्थ्य सुधार और पुनर्वास की हरसंभव निगरानी की जा रही है।















