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शिलांग के पिंथोरुमख्राह में वाहन से 40.12 ग्राम हेरोइन बरामद, असम और मेघालय के दो तस्कर गिरफ्तारमेघालय
21 सित॰ 2026, 4:15 pm (10 दिन पहले)· 1

शिलांग के पिंथोरुमख्राह में वाहन से 40.12 ग्राम हेरोइन बरामद, असम और मेघालय के दो तस्कर गिरफ्तार

मेघालय पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने शिलांग में असम नंबर के एक वाहन को रोककर 7 लाख रुपये मूल्य की 40.12 ग्राम हेरोइन पकड़ी है और दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

मेघालय की राजधानी शिलांग में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर नकेल कसते हुए पुलिस की विशेष टीम ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने शहर के पिंथोरुमख्राह इलाके में एक सुनियोजित घेराबंदी के दौरान 40.12 ग्राम संदिग्ध हेरोइन बरामद की, जिसकी गैरकानूनी बाजार में अनुमानित कीमत करीब 7 लाख रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई के दौरान मौके से दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।

सिलचर से शिलांग तक मादक पदार्थ पहुंचाने की गुप्त सूचना

मादक पदार्थों की इस खेप को लेकर सुरक्षा एजेंसियों को पहले से ही खुफिया जानकारी मिल रही थी। प्राप्त सूचना के अनुसार असम के सिलचर से नशीले पदार्थों की एक खेप शिलांग शहर में आपूर्ति के लिए लाई जा रही थी। इस इनपुट की पुष्टि होते ही ANTF के जवानों ने पिंथोरुमख्राह के रणनीतिक स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी और आने-जाने वाले संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू कर दी।

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तलाशी में चार साबुनदानी से मिला मादक पदार्थ

निगरानी के दौरान पुलिस टीम ने पंजीकरण संख्या ML-05-AD-1301 वाले एक वाहन को रोका। वाहन में दो व्यक्ति सवार थे, जिनकी पहचान असम के कछार जिले के पनग्राम निवासी जमीर हुसैन लस्कर (पुत्र स्वर्गीय मकबूल अली लस्कर) और शिलांग के नोंगमेंसोंग स्थित उमकडैत निवासी जॉय रिंथाथियांग (पुत्र स्वर्गीय डी. चाइन) के रूप में हुई। अनिवार्य कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए जब वाहन और दोनों व्यक्तियों की गहन तलाशी ली गई, तो उनके पास से चार साबुन की पेटियां बरामद हुईं, जिनमें नशीला पाउडर छिपाकर रखा गया था।

एनडीपीएस कानून के तहत मुकदमा और नेटवर्क की पड़ताल

बरामद पदार्थ के नमूनों का परीक्षण करने पर उसके हेरोइन होने की पुष्टि हुई, जिसका कुल शुद्ध वजन 40.12 ग्राम दर्ज किया गया। प्रतिबंधित खेप को जब्त करते हुए दोनों आरोपियों को स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ (NDPS) अधिनियम, 1985 के सख्त प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। मेघालय पुलिस इस पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क के मुख्य स्रोत और स्थानीय खरीददारों की पहचान करने के लिए आगे की जांच में जुटी है, जिससे राज्य में चल रहे ड्रग्स आपूर्ति तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।

सवाल-जवाब

शिलांग में पुलिस ने कितनी हेरोइन जब्त की है?
पुलिस ने 40.12 ग्राम हेरोइन बरामद की है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 7 लाख रुपये है।
यह कार्रवाई किस इलाके में और किस टीम द्वारा की गई?
यह कार्रवाई शिलांग के पिंथोरुमख्राह क्षेत्र में मेघालय पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स द्वारा की गई।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान क्या है?
आरोपियों की पहचान असम के कछार निवासी जमीर हुसैन लस्कर और शिलांग के नोंगमेंसोंग निवासी जॉय रिंथाथियांग के रूप में हुई है।
मादक पदार्थ को वाहन में किस तरह छिपाया गया था?
हेरोइन को वाहन के भीतर चार प्लास्टिक की साबुनदानियों में छिपाकर रखा गया था।
आरोपियों पर किस कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है?
दोनों आरोपियों के खिलाफ स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ (NDPS) अधिनियम, 1985 के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Riya Menon@riya-menon·9 दिन पहले

यह खबर दर्शाती है कि पूर्वोत्तर राज्यों में अवैध नशीले पदार्थों का परिवहन किस प्रकार स्थानीय जीवनशैली, युवा वर्ग और सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित कर रहा है। असम और मेघालय के बीच सक्रिय इस अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश होना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अपराधियों द्वारा सप्लाई चेन मजबूत करने के प्रयास जारी हैं और इसे रोकने के लिए सख्त निगरानी की आवश्यकता है।

Ravikash Gupta@ravikash·9 दिन पहले

यह घटना पूर्वोत्तर राज्यों में सक्रिय अंतरराज्यीय अवैध ड्रग्स आपूर्ति तंत्र की गहराई को दर्शाती है। असम के सिलचर से मेघालय के शिलांग तक मादक पदार्थों की यह खेप वित्तीय अपराधों और मनी लॉन्ड्रिंग के मोर्चे पर भी गंभीर चिंता पैदा करती है, क्योंकि इस तरह के नकद आधारित अवैध कारोबार से संगठित अपराधों को बढ़ावा मिलता है और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था व निवेश माहौल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। पुलिस और वित्तीय खुफिया एजेंसियों को इस तस्करी के वित्तीय स्रोतों और हवाला नेटवर्क की भी गहराई से जांच करनी चाहिए।

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·9 दिन पहले

अंक ज्योतिषीय और पारंपरिक गणनाओं के दृष्टिकोण से देखें तो, जब किसी संगठित अपराध में दो अलग-अलग राज्यों के व्यक्ति इस प्रकार संलिप्त पाए जाते हैं, तो यह उस समयावधि के नकारात्मक ग्रहीय प्रभावों को दर्शाता है जो सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करते हैं। ऐसे मामलों में केवल तस्करों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि इस अवैध नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने के लिए वित्तीय लेन-देन और उन गुप्त स्रोतों का गहन विश्लेषण आवश्यक है जो इस प्रकार के असामाजिक कृत्यों को आर्थिक बल प्रदान करते हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·9 दिन पहले

असम के सिलचर से शिलांग तक ड्रग्स की यह खेप इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि पूर्वोत्तर में अंतरराज्यीय तस्कर गिरोह सक्रिय हैं। एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस को इस तस्करी के मुख्य सरगना तक पहुँचना होगा, तभी इस आपूर्ति तंत्र को तोड़ा जा सकेगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·9 दिन पहले

पूर्वोत्तर राज्यों में मादक पदार्थों की तस्करी अब स्थानीय अपराध से कहीं आगे बढ़कर क्षेत्रीय सुरक्षा और सुशासन के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। असम के सिलचर से मेघालय तक फैले इस अंतरराज्यीय नेटवर्क से स्पष्ट है कि तस्कर सीमाओं का लाभ उठा रहे हैं। पुलिस और खुफिया एजेंसियों के लिए यह आवश्यक है कि वे केवल छोटे वाहकों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहें, बल्कि वित्तीय लेन-देन और आपूर्ति श्रृंखला के मूल स्रोतों को ध्वस्त करने के लिए समन्वित रणनीति अपनाएँ, ताकि इस अवैध कारोबार पर स्थायी लगाम लग सके।

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