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शिलांग में सामान्य हालात बहाल, हिंसा के बाद हटाई गईं केंद्रीय सुरक्षा बल की टुकड़ियांमेघालय
1 सित॰ 2026, 8:44 pm (29 दिन पहले)· 2

शिलांग में सामान्य हालात बहाल, हिंसा के बाद हटाई गईं केंद्रीय सुरक्षा बल की टुकड़ियां

खासी स्टूडेंट्स यूनियन के प्रदर्शन के बाद शिलांग में स्थिति अब नियंत्रण में है, जिसके चलते शहर में तैनात केंद्रीय सुरक्षाबलों को वापस बुला लिया गया है। हालांकि पर्यटन कारोबार को पूरी तरह पटरी पर लौटने में अभी और समय लग सकता है।

पूर्वी खासी हिल्स के उपायुक्त अभिलाष बरनवाल ने मंगलवार को जानकारी दी कि 19 अगस्त को खासी स्टूडेंट्स यूनियन की तरफ से निकाले गए काले झंडे वाले बाइक जुलूस के दौरान भड़की हिंसा के बाद अब शहर के हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।

केंद्रीय बलों की वापसी और आंदोलन पर रोक

अभिलाष बरनवाल के अनुसार, उस हंगामे के बाद शहर की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों को अब हटा लिया गया है। ऐसा इसलिए संभव हो पाया क्योंकि खासी स्टूडेंट्स यूनियन के साथ बातचीत का सिलसिला जारी है और संगठन ने फिलहाल अपने आंदोलन को स्थगित कर दिया है।

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प्रशासन का कहना है कि शहर और पूरे जिले में पर्यटकों की आवाजाही भी फिर से शुरू हो चुकी है। हालांकि अधिकारी ने यह भी साफ किया कि पर्यटकों की संख्या अभी भी 19 अगस्त की घटना से पहले के स्तर तक नहीं पहुंच पाई है।

इस संबंध में अभिलाष बरनवाल ने बताया कि होटल और यात्रा की बुकिंग में सुधार हो रहा है, लेकिन यह दावा नहीं किया जा सकता कि 18 अगस्त जितने पर्यटक अभी वापस आए हैं।

हिंसा की पृष्ठभूमि और कानूनी कार्रवाई

याद दिला दें कि 19 अगस्त को खासी स्टूडेंट्स यूनियन के काले झंडे वाले बाइक मार्च के दौरान जबरदस्त हिंसा हुई थी, जिसके चलते शिलांग के कई हिस्सों में वाहन क्षतिग्रस्त हुए थे और जनजीवन बाधित हुआ था। इस अराजकता को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए ही अतिरिक्त केंद्रीय बलों को मैदान में उतारा गया था।

दूसरी तरफ, इस हिंसा के सिलसिले में सोमवार को खासी स्टूडेंट्स यूनियन के तीन शीर्ष पदाधिकारियों को शिलांग के जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया गया। इन नेताओं पर प्रदर्शन के दौरान मेघालय उच्च न्यायालय के दो वाहनों में तोड़फोड़ करने के नए मामले दर्ज किए गए हैं।

संगठन के अध्यक्ष रेमंड खरजाना, महासचिव रुबेन नजीयार और उपाध्यक्ष पाइनकमेनलांग सनमीयत पहले से ही 19 अगस्त की हिंसा से जुड़े अन्य मामलों में पुलिस हिरासत में बंद हैं।

जब इन छात्र नेताओं के खिलाफ दर्ज नए मामलों के बारे में सवाल पूछा गया, तो उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि इस विषय पर संबंधित पुलिस अधीक्षक ही उचित जानकारी देंगे।

सवाल-जवाब

शिलांग में केंद्रीय सुरक्षा बलों को क्यों हटाया गया है?
खासी स्टूडेंट्स यूनियन के साथ बातचीत जारी रहने और संगठन द्वारा आंदोलन स्थगित किए जाने के बाद सामान्य स्थिति बहाल होने पर बलों को हटाया गया है।
शिलांग में हिंसा की घटना कब हुई थी?
शिलांग में हिंसा 19 अगस्त को खासी स्टूडेंट्स यूनियन के काले झंडे वाले बाइक जुलूस के दौरान हुई थी।
कौन से बड़े छात्र नेताओं को अदालत में पेश किया गया?
संगठन के अध्यक्ष रेमंड खरजाना, महासचिव रुबेन नजीयार और उपाध्यक्ष पाइनकमेनलांग सनमीयत को अदालत में पेश किया गया।
छात्र नेताओं पर हाल ही में कौन सा नया मामला दर्ज हुआ है?
इन नेताओं पर हिंसा के दौरान मेघालय उच्च न्यायालय के दो वाहनों में कथित तोड़फोड़ करने का नया मामला दर्ज किया गया है।
क्या शिलांग में पर्यटकों की संख्या पूरी तरह सामान्य हो गई है?
पर्यटक वापस लौटने लगे हैं लेकिन उनकी संख्या अभी 19 अगस्त की घटना से पहले के स्तर पर नहीं पहुंची है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·29 दिन पहले

खासी स्टूडेंट्स यूनियन के शीर्ष पदाधिकारियों पर मेघालय उच्च न्यायालय के वाहनों में तोड़फोड़ के नए मामले दर्ज होना और उनकी पुलिस हिरासत यह दर्शाती है कि कानून-व्यवस्था की बहाली के साथ कानूनी शिकंजा भी कस रहा है। केंद्रीय बलों की वापसी से भले ही जनजीवन सामान्य होता दिख रहा है, लेकिन अदालत में चल रही इन कानूनी प्रक्रियाओं और पर्यटन कारोबार की सुस्त रफ्तार पर प्रशासन को पैनी नजर रखनी होगी।

Ravikash Gupta@ravikash·29 दिन पहले

करण मल्होत्रा के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए यह समझना आवश्यक है कि शिलांग के आर्थिक चक्र का मुख्य आधार पर्यटन है। स्थानीय प्रशासन और छात्र संगठन के बीच संवाद से भले ही केंद्रीय बलों को हटा लिया गया हो, लेकिन होटलों और यात्रा बुकिंग की धीमी रफ्तार यह संकेत देती है कि आगंतुकों का भरोसा पूरी तरह बहाल होने में समय लगेगा। निवेशकों और आतिथ्य उद्योग के दृष्टिकोण से, कानून-व्यवस्था की स्थिरता और त्वरित न्यायिक प्रक्रिया ही पूर्वोत्तर के इस प्रमुख पर्यटन केंद्र में बाजार के विश्वास को पुनः मजबूत कर सकती है।

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