नवजात बछड़े के जन्म के तुरंत बाद दूध पिलाने के वैज्ञानिक लाभ जानिए डॉ. प्रकाश चंद्र हिमांशु सेसरकारी विभागों में स्थाई और एडहॉक पदों के बीच वेतन अधिकार एवं सुरक्षा का बड़ा अंतर जानिएमानिकपुर के जंगलों में स्थित आनंदी माता मंदिर का 100 साल पुराना कुआं, भीषण सूखे में भी नहीं सूखता इसका पानीबंगाल के सरकारी स्कूलों में इस्कॉन परोसेगा शाकाहारी खाना और प्रशासन देगा अंडा, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलानपाकिस्तानी हैंडलर्स का नया षड्यंत्र बेनकाब, CJP सदस्यता पर 50 हजार प्रति माह देने का झांसामेडिकल दाखिले में एम्स की होड़ के बीच दिल्ली के 5 सरकारी कॉलेज भी डॉक्टर बनने के लिए हैं बेहतरीन विकल्पदैनिक राशिफल 31 जुलाई 2026 मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का भविष्यफल, जानिए किन 4 राशियों को सेहत पर देना होगा विशेष ध्यानगाज़ा में नई रक्षात्मक दीवारें खड़ी कर रहा इज़राइल, विस्थापित परिवारों की बढ़ी मुसीबतेंफ्रेंच रिवेरा में कैटी पेरी और जस्टिन ट्रूडो का वेकेशन, सनस्क्रीन लगाते तस्वीरें वायरल होने से इंटरनेट पर बढ़ी हलचलभारत में लॉन्च हुआ एक्सक्लूसिव मिनी कनवर्टिबल का स्टारडस्ट एडिशन, कीमत 62.90 लाख रुपये
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का सवाल: राम मंदिर घोटाले में बड़ों की जांच क्यों नहीं?उत्तर प्रदेश
28 जून 2026, 9:04 pm (32 दिन पहले)· 2

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का सवाल: राम मंदिर घोटाले में बड़ों की जांच क्यों नहीं?

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने राम मंदिर दान घोटाले में छोटे लोगों पर एफआईआर और बड़े लोगों की जांच न होने पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने एसआईटी के गठन, भाजपा सदस्यता और गाय को राज्य माता का दर्जा देने जैसे मुद्दों पर भी अपनी राय रखी।

रामपुर में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने राम मंदिर दान घोटाले पर कड़े सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, उनकी हैसियत इतनी बड़ी रकम गबन कर पाने की नहीं है। इसलिए पूरे मामले में ऊपर के स्तर तक भी जांच होनी चाहिए।

बड़े लोगों की जांच क्यों नहीं?

शंकराचार्य ने साफ कहा कि यदि इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितता सच में हुई है, तो यह काम केवल छोटे कर्मचारियों के बस की बात नहीं। उनके अनुसार, इस मामले में बड़े पदों पर बैठे लोगों की भूमिका की जांच भी जरूरी है। सिर्फ छोटे लोगों पर एफआईआर दर्ज करना पर्याप्त नहीं है।

ये भी पढ़ें

प्रधानमंत्री कार्यालय की पहल पर बना था ट्रस्ट

शंकराचार्य ने याद दिलाया कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री कार्यालय की पहल पर हुआ था। ट्रस्ट के सदस्यों का चुनाव और मंदिर निर्माण से जुड़े अहम फैसले भी उसी व्यवस्था के तहत लिए गए। इसलिए उनका मानना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच अनिवार्य है और किसी को भी संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।

एसआईटी के गठन की प्रक्रिया पर आपत्ति

उन्होंने एसआईटी बनाने के तरीके पर भी सवाल उठाए। शंकराचार्य के अनुसार, किसी भी मामले में पहले जांच शुरू होती है और उसके बाद विशेष जांच दल यानी एसआईटी गठित किया जाता है। लेकिन इस मामले में जांच की प्रक्रिया स्पष्ट किए बिना ही एसआईटी के गठन का प्रचार कर दिया गया, जिसे वे असामान्य मानते हैं।

भाजपा की सदस्यता नागरिकता का प्रमाण नहीं

शंकराचार्य ने भाजपा और नागरिकता के बीच खींचे जा रहे संबंध पर भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि देश में ऐसा माहौल बनाया जा रहा है, जैसे भाजपा की सदस्यता ही नागरिकता का प्रमाण हो।

गाय को 'राज्य माता' का दर्जा मिलना चाहिए

इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गौ-भक्ति पर भी सवाल उठाए। शंकराचार्य का कहना था कि यदि सरकार वास्तव में गौ-भक्त है, तो गाय को "राज्य माता" का दर्जा दिया जाना चाहिए। केवल बातों से गौ-भक्ति साबित नहीं होती।

सवाल-जवाब

शंकराचार्य ने राम मंदिर दान मामले में किस पर सवाल उठाए?
उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई है, वे इतनी बड़ी रकम गबन करने में सक्षम नहीं हैं और बड़े पदों पर बैठे लोगों की भी जांच होनी चाहिए।
राम मंदिर ट्रस्ट का गठन किसकी पहल पर हुआ था?
शंकराचार्य के अनुसार, ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री कार्यालय की पहल पर हुआ था और सदस्यों का चयन भी उसी प्रक्रिया से किया गया।
एसआईटी के गठन पर शंकराचार्य को क्या आपत्ति है?
उनका कहना है कि पहले जांच शुरू होती है, फिर एसआईटी बनती है, लेकिन इस मामले में जांच की प्रक्रिया स्पष्ट हुए बिना ही एसआईटी बनाने का प्रचार कर दिया गया।
शंकराचार्य ने भाजपा को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि देश में ऐसा माहौल बन रहा है जैसे भाजपा की सदस्यता ही नागरिकता का प्रमाण हो।
शंकराचार्य ने गाय के बारे में क्या मांग रखी?
उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गौ-भक्त है तो गाय को 'राज्य माता' का दर्जा दिया जाना चाहिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR