उत्तर प्रदेश का विशाल राज्य वर्तमान में बेहद खंडित और अनियमित मानसून के दौर से गुजर रहा है। पूरे राज्य में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बंटा हुआ नजर आ रहा है, जिससे आम नागरिक और किसान इस स्थानीय मौसमी उतार चढ़ाव को लेकर असमंजस में हैं। एक तरफ जहां कुछ जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश ने गर्मी से बड़ी राहत दी है और कृषि के लिए बेहतरीन माहौल तैयार किया है, वहीं दूसरी ओर कुछ इलाके ऐसे हैं जहां आसमान बिल्कुल साफ है और तीखी धूप के साथ जानलेवा उमस ने लोगों का घर से निकलना मुहाल कर दिया है। मौसम का यह तीखा विरोधाभास राज्य भर में दैनिक दिनचर्या और खेती किसानी को सीधे तौर पर प्रभावित कर रहा है।
अयोध्या में राहत की फुहारें
सबसे पहले बात करते हैं धर्मनगरी अयोध्या की, जहां का माहौल पूरी तरह से बदल चुका है। गुरुवार सुबह से ही अयोध्या में झमाझम बारिश का सिलसिला लगातार जारी है, जिसने पूरे शहर को भिगो कर रख दिया है। इस लगातार हो रही बरसात ने स्थानीय लोगों को उस भीषण गर्मी और लू से जबरदस्त राहत दिलाई है जो पिछले कई दिनों से परेशानी का सबब बनी हुई थी। पारे में आई इस अचानक गिरावट ने निवासियों और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मौसम को बेहद खुशनुमा बना दिया है। मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, यह सुहावना मौसम जल्द खत्म होने वाला नहीं है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले 24 घंटों तक अयोध्या जिले में भारी बारिश का यह दौर जारी रहेगा। इसके साथ ही, मौसम मॉडल यह भी इशारा कर रहे हैं कि 25 जुलाई तक रुक रुक कर बरसात होने का सिलसिला यूं ही चलता रहेगा, जिससे आने वाले दिनों में भी ठंडक बरकरार रहेगी।
मेरठ में मौसम का बदलता मिजाज
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तरफ रुख करें तो मेरठ में मौसम पल पल अपना रंग बदल रहा है। मेरठ में दिन की शुरुआत बिल्कुल साफ आसमान और तीखी धूप के साथ हुई थी। हालांकि, वायुमंडल में काफी अस्थिरता बनी हुई है। दोपहर 12:00 बजे के आसपास अचानक आसमान में घने बादल छा गए, जिससे लगा कि तेज बारिश होगी, लेकिन कुछ ही देर में ये बादल छंट गए और मौसम फिर से बदल गया। इस अस्थिर मौसमी पैटर्न पर बात करते हुए मौसम एक्सपर्ट हरिवंश ने बताया कि जैसे जैसे दिन आगे बढ़ेगा, मेरठ में हल्की बारिश या अचानक बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। फिलहाल शहर का तापमान अधिकतम 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के बीच झूल रहा है, जो बादलों की आवाजाही के बीच एक मिला जुला अहसास दे रहा है।
गाजियाबाद की ठंडी हवाएं
पड़ोसी जिले गाजियाबाद में मौसम मेहरबान नजर आ रहा है। गुरुवार सुबह से ही यहां के मौसम में एक बड़ा और सुखद बदलाव देखने को मिला है। पूरे शहर में तेज और शानदार हवाएं चल रही हैं, जिन्होंने उस भारी उमस और गर्मी को पूरी तरह से काट दिया है जो अमूमन इस मौसम में बेहाल करती है। सुबह के समय मौसम इतना सुहाना था कि बड़ी संख्या में लोग खुली और ताजी हवा का लुत्फ उठाने के लिए घरों से बाहर निकल आए। हालांकि बीच बीच में धूप भी अपना असर दिखाने की कोशिश कर रही है, लेकिन लगातार चल रही हवाओं के कारण गर्मी का वह तीखापन महसूस नहीं हो रहा है। मौसम विभाग का मानना है कि राहत देने वाला यह पैटर्न आगे भी बना रहेगा और सुबह शाम चलने वाली ये ठंडी हवाएं लोगों को गर्मी से बचाती रहेंगी।
गोंडा में कृषि के लिए वरदान
खेती किसानी वाले इलाकों में भी मौसम का अलग अलग असर दिख रहा है। गोंडा में गुरुवार का दिन बेहद शानदार और सुहाना बना हुआ है। सुबह से ही आसमान में बादलों की एक मोटी चादर बिछी हुई है, जिसके कारण तापमान में बड़ी और राहत देने वाली गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि कभी कभार हल्की धूप भी निकल आती है, लेकिन बादलों के घने साये के कारण यह धूप बिल्कुल भी चुभती नहीं है। इसके साथ ही चल रही ठंडी हवाओं ने उमस भरी गर्मी को पूरी तरह से बेअसर कर दिया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि दिन भर बादलों की यह आवाजाही इसी तरह जारी रहेगी और जिले के कई क्षेत्रों में हल्की बारिश होने की भी पूरी उम्मीद है। नमी, कम तापमान और हल्की बारिश का यह सटीक मिश्रण खरीफ की फसलों के लिए, विशेषकर धान जैसी ज्यादा पानी मांगने वाली फसल के लिए, किसी वरदान से कम नहीं माना जा रहा है।
कानपुर में भारी बारिश का अलर्ट
राहत की ऐसी ही एक गहरी लहर प्रमुख औद्योगिक शहर कानपुर में भी देखने को मिल रही है। फिलहाल कानपुर पूरी तरह से सुहावने मौसम की गिरफ्त में है, जिसने स्थानीय कामगारों और निवासियों के चेहरों पर खुशी ला दी है। सुबह से छाए घने बादलों ने शहर के तापमान को काफी नीचे ला दिया है, जिससे इस विशाल शहरी आबादी को भीषण गर्मी और उमस की घुटन से बड़ी आजादी मिली है। लगातार चल रही ठंडी और ताजी हवाओं ने पूरे माहौल को काफी खुशनुमा और जीवंत बना दिया है, जिससे दैनिक यात्रियों के लिए घर से बाहर निकलना आसान हो गया है। औद्योगिक बेल्ट के ऊपर बादलों के इस मजबूत जमावड़े पर नजर रखते हुए, स्थानीय मौसम विभाग ने एक बयान जारी कर संकेत दिया है कि बारिश के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। बादलों की भारी मौजूदगी के कारण, कानपुर शहर के कई अलग अलग इलाकों में किसी भी वक्त अचानक भारी बारिश हो सकती है, इसलिए लोगों को अपने छाते साथ रखने की सलाह दी जा रही है।
बलिया में सूखे की मार
हालांकि, जब हम पूर्वांचल के इलाकों की तरफ बढ़ते हैं, तो मौसम की कहानी एकदम खौफनाक हो जाती है। पूर्वांचल के अहम जिले बलिया को आज बारिश के बादलों ने पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है। बलिया के ऊपर आसमान बिल्कुल साफ है, जिसके चलते सुबह से ही सूरज अपने पूरे रौद्र रूप में चमक रहा है। हवा की गति बेहद धीमी होने के कारण उमस और गर्मी एक जगह ठहर गई है, जिसने आम जनता की परेशानी को कई गुना बढ़ा दिया है। इस भयानक गर्मी के बावजूद, मौसम विभाग के पूर्वानुमान एक छोटी सी उम्मीद जगाते हैं कि देर शाम तक बलिया में भारी बारिश हो सकती है। फिलहाल, शहर का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के उच्च स्तर पर बना हुआ है।
गाजीपुर की जानलेवा उमस
पड़ोसी जिले गाजीपुर में हालात और भी ज्यादा खराब हैं, जहां मौसम की मार ने दैनिक जीवन को बेहाल कर दिया है। यूं तो थर्मामीटर पर आधिकारिक तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दिख रहा है, लेकिन यह आंकड़ा बहुत बड़ा धोखा है। हवा में मौजूद अत्यधिक नमी के कारण, जो असल गर्मी शरीर को महसूस हो रही है, वह 41 डिग्री सेल्सियस के खौफनाक स्तर तक पहुंच गई है। आसमान में घने बादल तो छाए हुए हैं, लेकिन वे बरसने के बजाय एक ढक्कन की तरह काम कर रहे हैं जो गर्मी को बाहर नहीं निकलने दे रहा। दक्षिण पूर्व दिशा से 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही है, जिसने उमस के स्तर को 71 प्रतिशत तक धकेल दिया है। आज के लिए तापमान का दायरा अधिकतम 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों को उम्मीद है कि दोपहर और शाम के समय हल्की से मध्यम बारिश होने से कुछ राहत मिल सकती है।
वाराणसी में मौसम का खेल
धर्मनगरी वाराणसी में मौसम लगातार आंख मिचौली का खेल खेल रहा है। सुबह से ही शहर में धूप और छांव का एक अंतहीन सिलसिला चल रहा है। एक पल आसमान में काले और घने बादलों की परेड नजर आती है जो बारिश का संकेत देती है, तो अगले ही पल तीखी धूप निकल आती है जो तुरंत ही उमस के स्तर को बढ़ा देती है। वाराणसी का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। स्थिति को और स्पष्ट करते हुए मौसम वैज्ञानिक प्रोफेसर मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि फिलहाल अगले दो दिनों तक जिले में भारी बारिश को लेकर कोई आधिकारिक चेतावनी जारी नहीं की गई है।
मिर्जापुर में लगातार ठंडक
इसके विपरीत, मिर्जापुर जिले में एक लंबा और बेहद संतोषजनक बारिश का दौर चल रहा है, जो सूखे क्षेत्रों की तुलना में एकदम अलग तस्वीर पेश कर रहा है। पिछले दो दिनों से रुक रुक कर हो रही लगातार बरसात ने जिले के परिदृश्य और माहौल को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। इस निरंतर बारिश ने पूरे क्षेत्र को गहराई से ठंडा कर दिया है, और समग्र तापमान में एक बड़ी और सुखद गिरावट दर्ज की गई है। इस नमी ने आसपास की हरियाली को भी एक नई जान दे दी है। वर्तमान रडार डेटा का विश्लेषण करने वाले पूर्वानुमानकर्ताओं का कहना है कि यह बेहद अनुकूल, ठंडा और बारिश वाला मौसम अभी कम से कम एक से दो दिन तक मजबूती से ऐसे ही बरकरार रहेगा, जिससे निवासियों को आराम का एक लंबा समय मिलेगा।
मुरादाबाद में भयानक गर्मी
लेकिन हर जिले की किस्मत मिर्जापुर जैसी अच्छी नहीं है। मुरादाबाद इस समय सूखी और भीषण गर्मी के एक भयानक और निर्दयी प्रकोप को झेल रहा है। भोर होने के साथ ही आसमान से आग बरस रही है और तेज, झुलसा देने वाली धूप ने पूरे वातावरण को इतना गर्म कर दिया है कि इसे सहना लगभग असंभव सा लग रहा है। इस खतरनाक मौसम ने अनिवार्य रूप से दिन के समय एक स्थानीय लॉकडाउन जैसी स्थिति पैदा कर दी है, जहां थके हुए निवासियों ने अपने ठंडे घरों में सुरक्षित रूप से कैद रहना ही बेहतर समझा है। लोग केवल नितांत आवश्यकता या अपरिहार्य काम होने पर ही इस खतरनाक गर्मी में बाहर निकलने का जोखिम उठा रहे हैं। शहर का मौजूदा तापमान 33 डिग्री सेल्सियस पर जिद्दीपन से अटका हुआ है, जो भारी परेशानी का कारण बना हुआ है। मौसम मॉडल्स मुरादाबाद के निवासियों के लिए कोई भी सांत्वना नहीं दे रहे हैं, और यह सुझाव दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में यह प्रचंड गर्मी और ज्यादा बढ़ेगी तथा और भी अधिक कष्टदायक हो जाएगी, जबकि इस दुष्चक्र को तोड़ने के लिए बारिश होने की दूर दूर तक कोई संभावना नजर नहीं आ रही है।
आगरा में नमी का कहर
अंत में बात ताजनगरी आगरा की, जहां दिन की शुरुआत हल्की धूप और हल्के बादलों के मिले जुले रूप के साथ हुई। इस मिश्रण के कारण एक चिपचिपी उमस बनी हुई है जो पूरे दिन परेशान कर सकती है। दोपहर या शाम के समय छिटपुट हल्की बारिश होने की थोड़ी उम्मीद जरूर है जो क्षणिक राहत दे सकती है। आज का तापमान अधिकतम 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। पूर्व दिशा से चलने वाली हल्की हवा थोड़ा सुकून तो दे रही है, लेकिन हवा में नमी ज्यादा होने की वजह से उमस का अहसास लगातार बना हुआ है। आगे की बात करें तो मौसम विभाग का अनुमान है कि कल यानी 24 जुलाई को भी बिल्कुल ऐसा ही मौसम रहने वाला है। आसमान में बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना बनी रहेगी। कल का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के करीब रहेगा। हालांकि आगरा में फिलहाल किसी भारी बारिश की उम्मीद नहीं है, लेकिन बादलों और हल्की फुहारों का यह दौर अगले कुछ दिनों तक यूं ही जारी रहने की संभावना है।



















