मेरठ में सामने आए एक बेहद खौफनाक और सनसनीखेज हत्याकांड, जिसमें एक महिला ने अपने ही पति को मौत के घाट उतारने के लिए जहरीले सांप का इस्तेमाल किया था, ने अब जेल की सलाखों के पीछे एक नया मोड़ ले लिया है। बीस लाख रुपये के भारी-भरकम जीवन बीमा क्लेम और अपने प्रेमी के साथ बिना किसी बाधा के रहने की चाहत में अपने जीवनसाथी की हत्या की साजिश रचने वाली दामिनी अब चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में बंद है। जेल प्रशासन अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की मुख्य आरोपी को नई जिम्मेदारियां सौंपने के साथ-साथ उसकी गहन मेडिकल जांच की तैयारी कर रहा है, जिसके तहत उसका एक अनिवार्य प्रेग्नेंसी टेस्ट भी कराया जाएगा।
एक सुनियोजित साजिश और दुर्घटना का नाटक
इस खौफनाक अपराध की जड़ें एक सामान्य से दिखने वाले परिवार से जुड़ी हैं। दामिनी और इस हत्याकांड के शिकार हुए अतुल पंवार ने साल 2019 में अपनी मर्जी से प्रेम विवाह किया था। वक्त के साथ उनका परिवार आगे बढ़ा और उनका एक छह साल का बेटा भी है। पेशेवर जिंदगी में भी वे दोनों एक-दूसरे के साझीदार थे और ऐतिहासिक शहर हस्तिनापुर में मिलकर बच्चों के लिए एक किड्स प्ले स्कूल का सफल संचालन कर रहे थे। लेकिन इस हंसते-खेलते परिवार और स्कूल के पीछे एक बेहद खतरनाक धोखा पनप रहा था। दरअसल, दामिनी के उसी प्ले स्कूल में वैन चलाने वाले ड्राइवर तुषार के साथ प्रेम संबंध बन गए थे।
तुषार के साथ अपने रिश्ते को हमेशा के लिए कायम रखने और 20 लाख रुपये का इंश्योरेंस क्लेम हासिल करने के लालच में दामिनी ने एक ऐसी साजिश रची जिसने सबको झकझोर कर रख दिया। 16 और 17 जुलाई 2026 की दरमियानी रात को दामिनी ने अपने ही घर में इस साजिश को अंजाम देना शुरू किया। उसने सबसे पहले अपने पति अतुल को गहरी नींद में सुलाने के लिए उसके दूध में 10 से 12 नींद की गोलियां मिला दीं। जब अतुल वह नशीला दूध पीकर अपने बिस्तर पर पूरी तरह से बेसुध होकर सो गया, तब इस खौफनाक हत्या को अंजाम दिया गया।
दामिनी ने पहले से रची गई योजना के तहत अपने प्रेमी तुषार और दो पेशेवर सपेरों को रात के अंधेरे में अपने घर बुला लिया। इसके बाद उन्होंने बिस्तर पर बेहोश पड़े अतुल को एक बेहद जहरीले सांप से कटवा दिया ताकि पुलिस और समाज को यह लगे कि उसकी मौत किसी प्राकृतिक हादसे में हुई है। हत्या के तुरंत बाद दामिनी ने एक दुखी पत्नी होने का जबरदस्त नाटक किया और आनन-फानन में अतुल को अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन वहां मौजूद डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि, पुलिस की कड़ी जांच के सामने दुर्घटना की यह झूठी कहानी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी और पूरी सच्चाई सामने आ गई, जिसके बाद पुलिस ने दामिनी और उसके प्रेमी तुषार दोनों को फौरन गिरफ्तार कर लिया।
जेल की कठोर दिनचर्या और मानसिक तनाव
बाहरी दुनिया की आजादी छिन जाने के बाद मेरठ की जेल में दामिनी को एक बिल्कुल अलग और सख्त दिनचर्या का सामना करना पड़ रहा है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया है कि जेल प्रशासन ने दामिनी के पढ़े-लिखे होने का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। इसके चलते उसे जेल के अंदर लाइब्रेरियन और महिला बंदियों को पढ़ाने के लिए शिक्षिका का काम सौंपा गया है। इसके अलावा, जेल के मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत उसका एक प्रेग्नेंसी टेस्ट भी होने वाला है।
जेल के सख्त नियम और अचानक बदली हुई जिंदगी दामिनी के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल रही है। उसे जेल के अंदर गंभीर एंग्जाइटी का सामना करना पड़ रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह उसकी नींद का रूटीन है। जेल के बाहर उसे हमेशा देर रात तक जागने की आदत थी, लेकिन जेल के कड़े नियमों के मुताबिक वहां बंद सभी कैदियों को शाम 7 से 8 बजे तक हर हाल में सो जाना होता है। सोने के वक्त में हुए इस बड़े बदलाव ने उसकी रातों की नींद उड़ा दी है। इसके साथ ही, वह हर पल अपने छह साल के छोटे बेटे से मिलने के लिए भी तड़प रही है।
दूसरी तरफ, इस पूरी साजिश में उसका साथ देने वाला प्रेमी तुषार भी जेल की दीवारों के पीछे बंद है और वह भी इस नए माहौल में ढलने के लिए संघर्ष कर रहा है। पुरुषों की बैरक में रखे गए तुषार ने शुरुआत में काफी जिद्दी रवैया अपनाया और जेल में आने के बाद पहले दस दिनों तक जेल प्रशासन द्वारा दिया गया कोई भी काम करने से साफ इनकार कर दिया। इसके अलावा, जेल का ढांचा ऐसा है कि तुषार की बैरक महिला बैरक से काफी दूर स्थित है। इस दूरी के कारण दोनों आरोपियों का रोजमर्रा की जिंदगी में आमना-सामना होना या बातचीत करना पूरी तरह से नामुमकिन है।
एक ही जगह पर पतियों की हत्यारिन महिलाओं का जमावड़ा
मेरठ की चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में वर्तमान में कुल 62 महिला बंदी अपनी सजा काट रही हैं। इन सभी महिलाओं को मुख्य रूप से जेल की दो बैरकों, 12A और 12B में रखा गया है। लेकिन जेल के इन आंकड़ों में एक बेहद अजीब और खौफनाक समानता छिपी है। इन 62 महिला कैदियों में से कुल पांच महिलाएं ऐसी हैं जो बिल्कुल दामिनी की तरह ही अपने-अपने पतियों की हत्या करने के गंभीर आरोप में जेल की सजा काट रही हैं।
जेल के भीतर दामिनी का सामना मुस्कान नाम की एक अन्य हाई-प्रोफाइल महिला बंदी से हुआ है। मुस्कान का आपराधिक इतिहास बिल्कुल दामिनी की कहानी से मिलता-जुलता है। मुस्कान पर भी यह आरोप है कि उसने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर अपने पति सौरव की बेरहमी से हत्या कर दी थी। यह एक अजीब इत्तेफाक है कि दामिनी-तुषार और मुस्कान-साहिल, दोनों ही प्रेमी जोड़े इसी मेरठ जेल में बंद हैं। हालांकि, तुषार की तरह ही साहिल भी पुरुषों की एक अलग बैरक में बंद है, जिससे कोई भी महिला बंदी अपने प्रेमी से मुलाकात नहीं कर सकती।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक शर्मा के मुताबिक, एक ही बैरक में लंबे समय तक साथ रहने के कारण दामिनी और मुस्कान के बीच अब अक्सर बातचीत होती रहती है। हालांकि, दोनों ने अब तक अपनी बातचीत को काफी सामान्य रखा है और अपनी निजी जिंदगी या अपने मुकदमों से जुड़ी कोई भी गहरी या संवेदनशील बात एक-दूसरे के साथ साझा नहीं की है।
जेल के रिकॉर्ड इस खौफनाक समूह की पूरी जानकारी देते हैं। पतियों की हत्या के आरोप में बंद अंजलि, कोमल, मुस्कान और दामिनी को एक साथ बैरक 12A में रखा गया है, जबकि ऐसी ही एक अन्य आरोपी महिला रविता को पास की ही बैरक 12B में रखा गया है। एक ही जुर्म में बंद इन पांच महिलाओं के एक जगह इकट्ठा होने से जेल के अंदर एक अलग ही माहौल बन गया है। इस बीच, कानूनी प्रक्रिया लगातार जारी है और माना जा रहा है कि मुस्कान के मर्डर केस में अदालत की तरफ से किसी भी दिन अंतिम फैसला सुनाया जा सकता है।



















