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श्री साँवलिया सेठ के खजाने में दुनिया भर से पहुंचा चढ़ावा, साठ देशों की मुद्राओं का कुल मूल्य उनसठ लाख रुपयेराजस्थान
4 सित॰ 2026, 10:57 am (21 दिन पहले)· 2

श्री साँवलिया सेठ के खजाने में दुनिया भर से पहुंचा चढ़ावा, साठ देशों की मुद्राओं का कुल मूल्य उनसठ लाख रुपये

चित्तौड़गढ़ स्थित श्री साँवलिया सेठ मंदिर के दान पात्र से पिछले आठ महीनों में लगभग साठ देशों की विदेशी मुद्राएं प्राप्त हुई हैं, जिनकी कुल कीमत करीब उनसठ लाख रुपये आंकी गई है।

चित्तौड़गढ़ का प्रसिद्ध श्री साँवलिया सेठ मंदिर केवल देश के कोने-कोने में ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भक्तों की गहरी आस्था का बड़ा केंद्र बन चुका है। इस बात की तस्दीक मंदिर के दान पात्र यानी भंडार से निकलने वाली विदेशी मुद्राओं का विशाल जखीरा करता है, जिसे गिनने पर दुनिया भर के देशों से आने वाले चढ़ावे की भव्यता का अंदाजा होता है।

पिछले आठ महीनों के दौरान मंदिर के भंडार से करीब साठ देशों की करेंसी बरामद की गई है। इस फेहरिस्त में अमेरिका और कनाडा से लेकर संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया, कुवैत सहित कई यूरोपीय और खाड़ी देश शामिल हैं, जो इस पावन स्थल की बढ़ती हुई अंतरराष्ट्रीय ख्याति और श्रद्धालुओं के अगाध विश्वास को साफ तौर पर उजागर करते हैं।

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विभिन्न देशों से प्राप्त प्रमुख मुद्राएं और उनका विवरण

इस अवधि के दौरान सबसे बड़ा आंकड़ा अमेरिका से सामने आया है, जहां से कुल 45351 डॉलर दान के रूप में अर्पित किए गए। इसके अलावा मुस्लिम बहुल और खाड़ी देशों से भी भारी मात्रा में विदेशी मुद्राएं श्री साँवलिया सेठ के दरबार में पहुंची हैं। इनमें ओमान, बहरीन, कतर, सऊदी अरब, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों की मुद्राएं भी शामिल हैं, जो दुनिया भर में बैठे भक्तों की आस्था का प्रमाण हैं।

मंदिर के भंडार की अलग-अलग तारीखों पर हुई गणना में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। सोलह अप्रैल को हुई गिनती के दौरान एक ही बार में 21127 अमेरिकी डॉलर मिले, जबकि ग्यारह अगस्त को आठ हजार नौ सौ पचपन यूएई दिरहम प्राप्त हुए। इसके अतिरिक्त फरवरी और मार्च के महीनों में ईरान के 463500 रियाल और वियतनाम के 229000 डोंग भी दान पात्र से निकले।

भारतीय रुपयों में विनिमय और राशि का उपयोग

मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दिनेश चंद्र धाकड़ ने बताया कि दान में मिलने वाली इन तमाम विदेशी मुद्राओं को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अधिकृत बैंकों के जरिए भारतीय रुपये में बदला जाता है।

भंडार से प्राप्त सभी विदेशी नोटों की कुल वैल्यू 62800 अमेरिकी डॉलर आंकी गई है।

वर्तमान विनिमय दरों के हिसाब से इस पूरी विदेशी मुद्रा की कुल कीमत लगभग उनसठ लाख रुपये बैठती है। इस प्रकार मिलने वाली समस्त राशि का उपयोग मंदिर के विकास कार्यों, दान व्यवस्था और विभिन्न प्रकार के सामाजिक एवं धार्मिक सेवा प्रकल्पों में पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाता है.

सवाल-जवाब

श्री साँवलिया सेठ मंदिर कहां स्थित है?
यह प्रसिद्ध मंदिर राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित है।
पिछले आठ महीनों में मंदिर में कितने देशों की मुद्राएं मिली हैं?
दान पात्र की गिनती के दौरान लगभग साठ देशों की विदेशी मुद्राएं प्राप्त हुई हैं।
इस अवधि में किस देश से सबसे अधिक अमेरिकी डॉलर मिले?
इस वर्ष अमरीका से कुल 45351 डॉलर प्राप्त हुए हैं जो सबसे बड़ा आंकड़ा है।
विदेशी मुद्राओं की कुल भारतीय कीमत कितनी आंकी गई है?
सभी विदेशी नोटों की कुल वैल्यू लगभग उनसठ लाख रुपये आंकी गई है।
विदेशी मुद्रा को भारतीय रुपये में कैसे बदला जाता है?
इसे भारतीय रिजर्व बैंक से अधिकृत बैंकों के माध्यम से भारतीय मुद्रा में बदला जाता है।
दान में मिली राशि का उपयोग कहां किया जाता है?
इस राशि का उपयोग मंदिर के विकास, भंडार और विभिन्न सामाजिक व धार्मिक सेवा कार्यों में किया जाता है।
मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कौन हैं?
दिनेश चंद्र धाकड़ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी हैं।
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