धर्म नगरी चित्रकूट में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के अनुभव को यादगार बनाने के लिए जिला प्रशासन तथा पर्यटन विभाग की तरफ से बड़े पैमाने पर विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इसी कड़ी में शहर में प्रवेश के मुख्य द्वार माने जाने वाले बेड़ी पुलिया चौराहे के आधुनिकीकरण और कायाकल्प का खाका तैयार किया गया है। लगभग 4 से 5 करोड़ रुपये का बजट मंजूर कर इस पूरे क्षेत्र को एक नया स्वरूप देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्य संपन्न होने के बाद बेड़ी पुलिया चौराहे की सूरत पूरी तरह से बदल जाएगी, जिससे यहां आने वाले लोगों को अध्यात्म के साथ-साथ आधुनिक नागरिक सुविधाओं का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
पर्यटकों का स्वागत करेगी प्रभु श्रीराम की भव्य प्रतिमा और हरित गलियारा
चित्रकूट के धार्मिक महत्व में बेड़ी पुलिया चौराहे की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। जो भी श्रद्धालु या पर्यटक चित्रकूट की पावन भूमि पर कदम रखते हैं, वे इसी चौराहे से होकर प्रमुख मठ-मंदिरों और दर्शन स्थलों की ओर आगे बढ़ते हैं। मुख्य प्रवेश द्वार होने के कारण जिला प्रशासन की मंशा इस स्थल को अत्यंत मनोरम और भव्य बनाने की है। योजना के अंतर्गत चौराहे के केंद्र में प्रभु श्रीराम की विशाल और भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी। प्रतिमा परिसर के चारों तरफ एक सुंदर पार्कनुमा क्षेत्र तैयार होगा, जहां हरी-भरी घास, रंग-बिरंगे पेड़-पौधे और लैंडस्केपिंग के बीच श्रद्धालुओं के बैठने और आराम करने के लिए विशेष स्टोन बेंच लगाई जाएंगी।
इसके साथ ही बेड़ी पुलिया चौराहे से लेकर यूपीटी चौराहे तक जाने वाली मुख्य सड़क के डिवाइडर को भी एक अनोखा धार्मिक और प्राकृतिक रूप दिया जा रहा है। इस मार्ग के बीचों-बीच स्थित डिवाइडर पर पेड़-पौधों और विशेष हरित सजावट के जरिए प्रभु श्रीराम के चरण पादुका चिन्ह उकेरे जा रहे हैं। हरियाली के बीचों-बीच प्राकृतिक रूप से तराशे जाने वाले ये चरण पादुका चिन्ह श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनेंगे और चौराहे में प्रवेश करते ही उन्हें एक अलौकिक धार्मिक अनुभूति कराएंगे।
रेड सैंड स्टोन पाथवे, फव्वारे और LED स्क्रीन से सजेगा पूरा परिसर
इस पूरी विकास परियोजना की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि बेड़ी पुलिया चौराहे पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा विकसित किया जा रहा है। परियोजना के तहत मुख्य प्रवेश द्वार के निर्माण के साथ-साथ पैदल चलने वालों के लिए राजस्थान के प्रसिद्ध रेड सैंड स्टोन से बना पाथवे तैयार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त पूरे परिसर में मजबूत इंटरलॉकिंग पथ का निर्माण किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को पैदल चलने में कोई असुविधा न हो। यात्रियों के मार्ग दर्शन के लिए जगह-जगह आधुनिक साइनेज बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं।
चौराहे के सौंदर्य में निखार लाने के लिए आधुनिक तकनीक और कलात्मकता का सहारा लिया जा रहा है। परिसर में एक शानदार संगीत फव्वारा और आधुनिक लाइटिंग सिस्टम स्थापित किया जाएगा। रात के समय यह रंग-बिरंगी रोशनी और फव्वारे का तालमेल पूरे चौराहे को बेहद खूबसूरत और आकर्षक बना देगा। इसके साथ ही परिसर में बड़ी LED स्क्रीन भी लगाई जा रही है, जिसके माध्यम से श्रद्धालुओं को धार्मिक आयोजनों, चित्रकूट के इतिहास और आवश्यक पर्यटन सूचनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।
शाम के समय पर्यटकों के लिए बनेगा नया आकर्षण केंद्र
सौंदर्यीकरण कार्य पूरा होने के पश्चात बेड़ी पुलिया चौराहा केवल एक ट्रैफ़िक जंक्शन न रहकर पर्यटकों के लिए एक प्रमुख दर्शनीय स्थल में तब्दील हो जाएगा। शाम ढलते ही आधुनिक लाइटिंग और फव्वारों के बीच पार्क में टहलने तथा बैठने की व्यवस्था स्थानीय लोगों और बाहर से आए श्रद्धालुओं दोनों के लिए एक सुखद अहसास लाएगी। प्रशासन को उम्मीद है कि 4 से 5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह आधुनिक और धार्मिक कॉरिडोर चित्रकूट में पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मील का पत्थर साबित होगा।



















