तेलंगाना में रेल यात्रियों और धार्मिक पर्यटकों के लिए एक बेहद अनोखा अनुभव तैयार किया जा रहा है। केंद्र सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रायगिरि रेलवे स्टेशन का बड़े पैमाने पर कायाकल्प किया जा रहा है। इस पुनर्विकास परियोजना की कुल अनुमानित लागत लगभग 24 करोड़ रुपये है। इस स्टेशन की सबसे बड़ी खासियत इसका पूरी तरह से आध्यात्मिक और धार्मिक वास्तुकला पर आधारित डिजाइन होना है। परियोजना के हिस्से के रूप में इस रेलवे स्टेशन का नाम आधिकारिक तौर पर बदलकर यादाद्री रेलवे स्टेशन कर दिया गया है, ताकि यह स्थानीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक बन सके।
यादगीरगुट्टा मंदिर की तर्ज पर अनोखा धार्मिक स्वरूप
यह स्टेशन प्रसिद्ध यादगीरगुट्टा लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के रूप में जाना जाता है। इसी वजह से रेलवे प्रशासन ने इस स्टेशन की इमारत को पूरी तरह से मुख्य मंदिर के मॉडल की तर्ज पर ही तैयार करने का फैसला किया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को स्टेशन पर उतरते ही यादाद्री की पवित्र दिव्यता और समृद्ध वास्तुकला का अहसास होने लगे। स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार पर एक अत्यंत भव्य और विशाल गोपुरम का निर्माण किया जा रहा है, जो पारंपरिक दक्षिण भारतीय मंदिर वास्तुकला का सर्वोत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। इस ऊंचे गोपुरम के चारों तरफ भगवान महाविष्णु के विभिन्न अवतारों की बारीकी से उकेरी गई मूर्तियों और मनमोहक नक्काशी का काम किया जा रहा है।
सामरिक स्थान और आसपास का विहंगम दृश्य
स्टेशन के मुख्य परिसर के भीतर कदम रखते ही यात्रियों को किसी सामान्य या आधुनिक रेलवे स्टेशन के बजाय एक विशाल और भव्य पारंपरिक मंदिर परिसर में मौजूदगी का अनुभव होता है। भौगोलिक और सामरिक दृष्टिकोण से भी इस स्टेशन का स्थान बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। स्टेशन परिसर में खड़े होकर ही यात्रियों को पहाड़ी पर स्थित प्राचीन वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर का विहंगम दृश्य दिखाई देता है। इसके साथ ही पहाड़ी की तलहटी में बने पवित्र तालाब का भी बेहद स्पष्ट और मनोरम नजारा यहां से नजर आता है, जो श्रद्धालुओं के अनुभव को और अधिक भक्तिमय बना देता है।
24 करोड़ रुपये से मिलेंगी विश्वस्तरीय यात्री सुविधाएं
परियोजना के लिए आवंटित 24 करोड़ रुपये के बजट से केवल स्टेशन की मुख्य इमारत का सौंदर्यीकरण ही नहीं किया जा रहा है, बल्कि यात्रियों की सुविधा के लिए कई अत्याधुनिक बुनियादी ढांचों का विकास भी हो रहा है। परिसर में यात्रियों के लिए विश्वस्तरीय वेटिंग रूम, नया और आधुनिक फुटओवर ब्रिज, लिफ्ट, एस्केलेटर तथा गाड़ियों के लिए व्यापक पार्किंग सुविधाएं तैयार की जा रही हैं। इस व्यापक सांस्कृतिक और ढांचागत बदलाव के बाद यह स्टेशन सिर्फ एक साधारण परिवहन केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में पर्यटन और वास्तुकला का एक प्रमुख नया केंद्र बनकर उभरेगा।



















