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सिरोही में हॉस्टल के खराब खाने और अव्यवस्था के खिलाफ कलेक्ट्रेट पहुंचीं 50 छात्राएं, कलेक्टर ने दिए निष्पक्ष जांच के आदेशराजस्थान
17 अग॰ 2026, 8:19 am (39 दिन पहले)· 4

सिरोही में हॉस्टल के खराब खाने और अव्यवस्था के खिलाफ कलेक्ट्रेट पहुंचीं 50 छात्राएं, कलेक्टर ने दिए निष्पक्ष जांच के आदेश

राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित सरकारी आदिवासी गर्ल्स हॉस्टल की 50 छात्राएं बदहाल व्यवस्था और मेस के खाने में कीड़े मिलने से नाराज होकर पैदल कलेक्ट्रेट पहुंच गईं। जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने छात्राओं से बात कर एक घंटे तक उनकी समस्याएं सुनीं और मामले में तुरंत संयुक्त जांच समिति का गठन कर कार्रवाई का भरोसा दिया।

राजस्थान के सिरोही जिले में सरकारी आदिवासी बालिका छात्रावास की छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा है। हॉस्टल की बदहाल सफाई व्यवस्था और भोजन में लगातार कीड़े मिलने जैसी बुनियादी समस्याओं से परेशान होकर करीब 50 छात्राएं पैदल ही जिला कलेक्ट्रेट परिसर में अपनी फरियाद लेकर पहुंच गईं। युवा पीढ़ी में सुविधाओं को लेकर बढ़ रहे विरोध प्रदर्शनों की इस नई कड़ी में स्कूली छात्राओं ने प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ मोर्चा खोला। कई बार छात्रावास प्रशासन के सामने अपनी शिकायत रखने के बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकला, तो छात्राओं ने सीधे जिले के उच्च अधिकारियों का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया।

शिकायत करने पर वार्डन का दुर्व्यवहार और अनदेखी

छात्राओं के अनुसार हॉस्टल में भोजन और साफ-सफाई का स्तर लंबे समय से बेहद खराब बना हुआ है। दैनिक आहार में बार-बार कीड़े निकलने की वजह से उनकी सेहत पर संकट बना हुआ था। जब भी छात्राओं ने अपनी इस जायज समस्या को लेकर हॉस्टल वार्डन से बात करने की कोशिश की, तो समाधान करने की बजाय उनके साथ बदतमीजी की गई। छात्राओं ने आरोप लगाया कि शिकायत करने पर हॉस्टल वार्डन उन्हें सामाजिक रूप से नीचा दिखाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का प्रयास करती थीं। बार-बार ध्यानाकर्षण के बावजूद छात्रावास प्रशासन की इस उपेक्षा और अभद्र व्यवहार के कारण अंततः छात्राओं का धैर्य जवाब दे गया।

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जिला कलेक्टर ने सुनी समस्या, दिए तुरंत जांच के आदेश

कलेक्ट्रेट परिसर में छात्राओं के पहुंचने की जानकारी मिलते ही सिरोही के जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने तत्परता दिखाई। कलेक्टर ने सभी छात्राओं को सम्मानपूर्वक अपने कार्यालय कक्ष में बुलाया और लगभग एक घंटे तक उनकी हर एक बात और शिकायत को ध्यान से सुना। हॉस्टल के हालात की गंभीरता को भांपते हुए उन्होंने तुरंत प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक बुलाई।

कलेक्टर ने मौके पर ही उपखंड अधिकारी (SDM), तहसीलदार और शिक्षा विभाग के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक को तलब किया। उन्होंने मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच के लिए इन अधिकारियों की एक संयुक्त जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि जांच समिति की रिपोर्ट प्राप्त होते ही दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जिले भर के हॉस्टलों का होगा ऑडिट, सुरक्षित वाहन से भिजवाया गया

इस घटना के बाद जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने केवल इसी हॉस्टल तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि पूरे सिरोही जिले में संचालित सभी सरकारी हॉस्टलों की व्यापक जांच के आदेश जारी कर दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक हॉस्टल में मेस की गुणवत्ता, पीने के पानी की व्यवस्था, परिसर की साफ-सफाई और वार्डन के व्यवहार से संबंधित पूरा विस्तृत डेटा तैयार किया जाए।

छात्राओं को आश्वस्त करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि बच्चों के स्वास्थ्य, गरिमा और सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। छात्राओं की सुरक्षा और सुविधा का ध्यान रखते हुए प्रशासन ने उन्हें चार सरकारी गाड़ियों के माध्यम से सुरक्षित वापस उनके हॉस्टल भिजवाया। प्रशासनिक त्वरित कार्रवाई से छात्राओं को राहत मिली है और उन्हें उम्मीद है कि जांच रिपोर्ट के बाद हॉस्टल की भोजन व्यवस्था और सुविधाओं में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।

सवाल-जवाब

सिरोही में छात्राओं ने कलेक्ट्रेट का रुख क्यों किया?
सिरोही के सरकारी आदिवासी गर्ल्स हॉस्टल की 50 छात्राएं घटिया भोजन, खाने में कीड़े मिलने और सफाई की बदहाली की शिकायत को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंची थीं।
हॉस्टल की वार्डन पर छात्राओं ने क्या आरोप लगाए?
छात्राओं का आरोप है कि जब उन्होंने खराब खाने की शिकायत की, तो वार्डन ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें सामाजिक रूप से नीचा दिखाने की कोशिश की।
जिला कलेक्टर ने छात्राओं की शिकायत पर क्या कदम उठाया?
सिरोही के जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने एक घंटे तक छात्राओं की समस्या सुनी और SDM, तहसीलदार व शिक्षा विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त जांच समिति का गठन किया।
क्या सिरोही के अन्य हॉस्टलों की भी जांच होगी?
हां, जिला कलेक्टर ने सिरोही जिले के सभी सरकारी हॉस्टलों में मेस की स्थिति, पेयजल, सफाई और वार्डन के व्यवहार का डेटा जुटाकर जांच करने के आदेश दिए हैं।
प्रदर्शन के बाद छात्राओं को हॉस्टल वापस कैसे भेजा गया?
छात्राओं की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए जिला प्रशासन ने उन्हें चार सरकारी गाड़ियों से वापस हॉस्टल भिजवाया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

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