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सीतापुर में सरकारी अफसर बनकर 27 लाख ऐंठने वाला फरार दंपती धरा गयाउत्तर प्रदेश
1 अक्तू॰ 2026, 6:21 pm (27 दिन पहले)· 2

सीतापुर में सरकारी अफसर बनकर 27 लाख ऐंठने वाला फरार दंपती धरा गया

सस्ते सोने और नोट बदलने का झांसा देकर लाखों रुपये ठगने वाले पति-पत्नी को पुलिस ने दबोच लिया है। आरोपियों के पास से 14 लाख रुपये नकद, जेवर और फर्जी पहचान पत्र बरामद हुए हैं।

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में पुलिस के हत्थे एक ऐसा शातिर दंपती चढ़ा है जो खुद को बड़ा सरकारी अफसर बताकर लोगों की गाढ़ी कमाई हड़प रहा था। सस्ते दाम पर नीलामी का सोना दिलाने और कटे-फटे या खराब नोट बदलवाने का झांसा देकर इस जोड़े ने स्थानीय लोगों से करीब 27 लाख रुपये की चपत लगाई और फरार हो गया। पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि यह कोई पहली वारदात नहीं थी, बल्कि यह जोड़ा पिछले कई सालों से अलग-अलग राज्यों में लोगों को अपना शिकार बनाता आ रहा था।

फर्जी पहचान बनाकर मोहल्ले में जमाई धाक

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कन्नौज निवासी रोहित बाजपेयी और उसकी पत्नी अन्नू बाजपेयी उर्फ चंद्रा के रूप में हुई है, जो मूल रूप से नेपाल के चितवन की रहने वाली है। इस दंपती ने सीतापुर शहर के प्रेम नगर इलाके में एक मकान किराये पर लिया था। वहां रहते हुए दोनों ने खुद को सरकारी विभाग का वरिष्ठ अधिकारी बताया और आसपास के लोगों के बीच अपनी गहरी पैठ बना ली। रसूखदार दिखने की वजह से पड़ोसियों और जान-पहचान वालों को उन पर जरा भी संदेह नहीं हुआ।

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सस्ते सोने और नोट बदलने के नाम पर वसूली

सीतापुर के पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने पूरे मामले की जानकारी साझा करते हुए बताया कि आरोपियों ने अपने मकान मालिक रामनरेश जायसवाल को सबसे बड़ा निशाना बनाया। उन्हें सरकारी नीलामी से बेहद कम कीमत पर सोना दिलाने का लालच दिया गया और इस बहाने उनसे अकेले 20 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। इसके अलावा खराब नोट बदलने का भरोसा देकर 2 लाख रुपये लिए गए। आरोपियों ने इलाके के एक अन्य शख्स से 1 लाख रुपये और कपड़े धोने वाले एक स्थानीय लॉन्ड्री संचालक से 4 लाख रुपये की ठगी की। इस तरह कुल मिलाकर 27 लाख रुपये जुटाए गए।

रुपये समेटकर कई शहरों में बदले ठिकाने

रकम हाथ लगते ही दोनों आरोपी 14 सितंबर को चुपचाप सीतापुर छोड़कर भाग निकले। पुलिस से बचने के लिए उन्होंने लगातार अपने ठिकाने बदले और आगरा, कोटा, बैतूल से लेकर चेन्नई तक शरण ली। जांच में यह भी पता चला कि लोगों से ठगे गए पैसों में से आरोपियों ने करीब 6 लाख रुपये के सोने के जेवर और दो महंगे मोबाइल फोन खरीदे थे, ताकि नकदी को आसानी से खपाया जा सके।

लाखों की नकदी और फर्जी पहचान पत्र बरामद

पुलिस टीम ने बुधवार को आखिरकार दोनों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 14 लाख रुपये की नकद रकम, लगभग 38.740 ग्राम सोने के आभूषण और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए। इसके साथ ही उनके पास से पीएनबी, आयकर विभाग, आधार कार्ड और पैन कार्ड के फर्जी पहचान पत्र भी जब्त किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल वे लोगों पर रौब जमाने और खुद को असली अधिकारी साबित करने के लिए करते थे।

पांच राज्यों में फैला है आपराधिक नेटवर्क

पुलिस पूछताछ में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ कि यह दंपती वर्ष 2005 से ही इसी तरह की ठगी की गतिविधियों में लिप्त रहा है। उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और बिहार में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इनके पूरे नेटवर्क, पुराने मुकदमों और ठगी में शामिल अन्य संभावित मददगारों का ब्योरा जुटाने में लगी हुई है।

सवाल-जवाब

सीतापुर में दंपती पर कितने रुपये की ठगी का आरोप है?
आरोपी दंपती पर लोगों से कुल करीब 27 लाख रुपये ठगने का आरोप है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम क्या हैं?
आरोपियों के नाम रोहित बाजपेयी (निवासी कन्नौज) और उसकी पत्नी अन्नू बाजपेयी उर्फ चंद्रा (निवासी चितवन, नेपाल) हैं।
मकान मालिक से आरोपियों ने किस बात के लिए पैसे लिए थे?
मकान मालिक रामनरेश जायसवाल से नीलामी में सस्ता सोना दिलाने के नाम पर 20 लाख रुपये और खराब नोट बदलने के नाम पर 2 लाख रुपये लिए गए थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से क्या-क्या सामान बरामद किया?
पुलिस ने 14 लाख रुपये नकद, 38.740 ग्राम सोने के आभूषण, चार मोबाइल फोन और पीएनबी व आयकर विभाग के फर्जी पहचान पत्र बरामद किए हैं।
आरोपी किन-किन अन्य राज्यों में धोखाधड़ी के मामलों में शामिल रहे हैं?
पुलिस के अनुसार आरोपी 2005 से सक्रिय हैं और उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और बिहार में भी मामले दर्ज हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Tanvi Desai@tanvi-desai·27 दिन पहले

नेपाल से लेकर चेन्नई तक भागते रहे, फिर भी पुलिस से बच नहीं पाए। गजब का दिमाग है!

Ravikash Gupta@ravikash·27 दिन पहले

लॉन्ड्री वाले से चार लाख ठग लिए, सोचकर ही बुरा लगता है कि उसने कितनी मेहनत से जोड़े होंगे। ऐसे शातिर लोगों को सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि कोई और इनकी बातों में न आए।

Arjun Mehta@arjun-mehta·27 दिन पहले

रविकेश जी, बिल्कुल सही कहा आपने। एक आम आदमी की मेहनत की कमाई इस तरह ठगा जाना बेहद दर्दनाक है, इन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

Karan Malhotra@karan-malhotra·27 दिन पहले

सिर्फ 20 लाख बचाने के चक्कर में मकान मालिक ने गंवा दिए, लालच बुरी बला है।

Rohan Verma@rohan-verma·27 दिन पहले

करण भाई, लालच तो ठीक है पर इतने शातिर लोग 2005 से घूम रहे थे और पुलिस को अब जाकर पता चला?

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