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संजय भाटिया का बीजेपी में बढ़ा कद, एससी मोर्चा के प्रभारी बने राज्यसभा सांसदहरियाणा
10 सित॰ 2026, 4:01 pm (12 दिन पहले)· 3

संजय भाटिया का बीजेपी में बढ़ा कद, एससी मोर्चा के प्रभारी बने राज्यसभा सांसद

भारतीय जनता पार्टी ने अपने विभिन्न मोर्चों के प्रभारियों की घोषणा कर दी है, जिसमें हरियाणा के राज्यसभा सांसद संजय भाटिया को एससी मोर्चा का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।

भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठनात्मक ढांचे में फेरबदल करते हुए विभिन्न मोर्चों के नए प्रभारियों की सूचियां जारी कर दी हैं। इस फेरबदल के तहत हरियाणा के पानीपत से ताल्लुक रखने वाले राज्यसभा सांसद संजय भाटिया के राजनीतिक कद में एक बार फिर उल्लेखनीय इजाफा हुआ है। पार्टी ने उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपते हुए एससी मोर्चा का नया प्रभारी नियुक्त किया है। इस बड़े बदलाव के बाद राजनीतिक गलियारों में उनके राजनीतिक सफर और पृष्ठभूमि को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

कौन हैं संजय भाटिया और उनका शुरुआती जीवन

पार्टी की नई सूची में प्रमुखता से उभरे संजय भाटिया वर्तमान में 59 वर्ष के हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी नेताओं में गिने जाते हैं। उनका जन्म 29 जुलाई 1967 को हुआ था और वह हरियाणा के पानीपत शहर के मॉडल टाउन इलाके के निवासी हैं। उन्होंने अपनी शैक्षणिक यात्रा के दौरान पानीपत के आईबी कॉलेज से बीकॉम की डिग्री हासिल की थी। कॉलेज के शुरुआती दिनों से ही उनका झुकाव राजनीति की ओर हो गया था और वह छात्र जीवन से ही भारतीय जनता पार्टी की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से सक्रिय रूप से जुड़ गए थे।

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राजनीतिक सफर और ऐतिहासिक चुनावी जीत

संगठन के भीतर संजय भाटिया का सफर काफी लंबा और संघर्षपूर्ण रहा है। साल 1987 में वह मंडल सेक्रेटरी के पद पर नियुक्त हुए और इसके महज दो साल बाद यानी 1989 में एबीवीपी के जिला महासचिव की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद साल 1998 में उन्हें भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा का राज्य महासचिव बनाया गया। संगठनात्मक कार्यों में उनकी पकड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह 2015 से 2021 तक पार्टी के स्टेट जनरल सेक्रेटरी के पद पर भी कार्यरत रहे। इसके अलावा वह करनाल सीट से लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं, जहां उन्होंने 53 साल के चुनावी इतिहास का सबसे बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया था। साल 2019 के आम चुनावों में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार कुलदीप शर्मा को 6 लाख 56 हजार 142 वोटों के भारी अंतर से पराजित किया था।

संसद तक का सफर और राजनीतिक समीकरण

लोकसभा में शानदार पारी खेलने के बाद इसी साल मार्च के महीने में हरियाणा में हुए चुनावों के जरिए संजय भाटिया उच्च सदन यानी राज्यसभा के लिए चुने गए और 16 मार्च के बाद उन्होंने अपनी जीत दर्ज की थी। इसके बाद पार्टी संगठन में उन्हें लगातार बड़ी जिम्मेदारियां मिलती रहीं। बीते महीने 17 अगस्त को भाजपा ने उन्हें राष्ट्रीय महामंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी थी। सांगठनिक मामलों में उनकी सक्रियता हमेशा से अहम रही है। क्षेत्रीय राजनीति की बात करें तो संजय भाटिया को पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर का बेहद करीबी माना जाता है। इसके अलावा हरियाणा की राजनीति में वह एक मजबूत पंजाबी चेहरे के तौर पर पहचाने जाते हैं, जिसका असर करनाल और पानीपत जैसे इलाकों में देखने को मिलता है जहां पंजाबी मतदाताओं की संख्या अच्छी खासी है।

सवाल-जवाब

संजय भाटिया को भाजपा में कौन सी नई जिम्मेदारी मिली है?
उन्हें भारतीय जनता पार्टी के एससी मोर्चा का नया प्रभारी बनाया गया है।
संजय भाटिया वर्तमान में किस सदन के सदस्य हैं?
वह राज्यसभा के सांसद हैं और मार्च में हुए चुनावों के बाद इस पद पर पहुंचे हैं।
संजय भाटिया की उम्र कितनी है और उनका जन्म कब हुआ था?
उनकी उम्र 59 वर्ष है और उनका जन्म 29 जुलाई 1967 को हुआ था।
उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में कितने वोटों से जीत दर्ज की थी?
उन्होंने कांग्रेस नेता कुलदीप शर्मा को 6 लाख 56 हजार 142 वोटों के अंतर से हराया था।
उन्हें किस नेता का करीबी माना जाता है?
संजय भाटिया को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का करीबी माना जाता है।
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