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संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर अराजकता फैलाने का आरोप, विपक्ष के दिल्ली प्रदर्शन पर योगी आदित्यनाथ का कड़ा प्रहारउत्तर प्रदेश
12 अक्तू॰ 2026, 12:25 pm (17 दिन पहले)· 1

संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर अराजकता फैलाने का आरोप, विपक्ष के दिल्ली प्रदर्शन पर योगी आदित्यनाथ का कड़ा प्रहार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शन पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस जीत का श्रेय खुद लेती है और हारने पर ईवीएम को दोष देती है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। गोरखपुर में अपनी बात रखते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल अव्यवस्था पैदा कर रहे हैं, जिससे सामान्य नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चुनावी परिणामों पर विपक्ष के रवैये को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस को चुनाव में जीत हासिल होती है तो वह इसे अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि करार देती है, लेकिन पराजय का सामना करते ही इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम और चुनाव आयोग पर ठीकरा फोड़ने लगती है।

संवैधानिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया पर दोहरे रवैये की आलोचना

योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी राजनीति के तौर तरीकों की तीखी आलोचना करते हुए इसे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा, "चुनाव जीते तो इनका पुरुषार्थ और हारे तो ईवीएम और चुनाव आयोग दोषी।" मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि संवैधानिक मर्यादाओं और स्वायत्त संस्थाओं की साख पर प्रश्नचिह्न लगाना किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं हो सकता।

मुख्यमंत्री के अनुसार, इस प्रकार का आचरण अब कांग्रेस की कार्यप्रणाली की नियमित आदत बन चुका है। उन्होंने कहा कि पार्टी को अपनी कार्यशैली और अविश्वास उत्पन्न करने वाले नेतृत्व में बदलाव लाने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि देश में अस्थिरता पैदा करने या संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने की कोशिशों को आम जनता लंबे समय तक सहन नहीं करेगी। अगर विपक्षी दल इसी रास्ते पर चलते रहे, तो वर्तमान में उनके पास बचा-खुचा राजनीतिक आधार भी पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।

उत्तर प्रदेश के चुनावी इतिहास और जनादेश का दिया हवाला

कांग्रेस के राजनीतिक पतन की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश की जनता विपक्ष के इस व्यवहार को करीब से देख रही है। कांग्रेस नेतृत्व को आत्ममंथन करना चाहिए कि आखिर देश का मतदाता उन्हें लगातार क्यों अस्वीकार कर रहा है। उन्होंने राजनीतिक आंकड़े साझा करते हुए स्मरण कराया कि 1985 के बाद से कांग्रेस उत्तर प्रदेश की सत्ता में कभी वापसी नहीं कर सकी। यानी राज्य की जनता ने कांग्रेस को आज से 41 वर्ष पहले ही पूरी तरह सत्ता से विदा कर दिया था।

योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश की तरह ही देश के अनेक राज्यों ने एक-एक करके कांग्रेस से मोहभंग होने के बाद उसे सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी इन चुनावी नाकामियों और कमजोरियों को छिपाने के लिए विपक्षी दल जनता की लोकतांत्रिक भावनाओं और जनादेश से चुनी गई वैध सरकारों के खिलाफ माहौल तैयार करने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले कई दिनों से लगातार इस प्रकार की स्थितियां बनाकर सामान्य जनजीवन को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।

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सवाल-जवाब

योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में विपक्ष के प्रदर्शन पर क्या आरोप लगाया?
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी गठबंधन अव्यवस्था फैलाकर जनता को परेशान कर रहा है और संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश कर रहा है।
चुनावी नतीजों और ईवीएम को लेकर योगी आदित्यनाथ ने क्या टिप्पणी की?
उन्होंने कहा कि जब विपक्ष चुनाव जीतता है तो उसे अपना पुरुषार्थ बताता है, लेकिन हारने पर ईवीएम और चुनाव आयोग पर दोष मढ़ देता है।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के शासन को लेकर क्या आंकड़ा दिया गया?
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि 1985 के बाद से पिछले 41 वर्षों में कांग्रेस उत्तर प्रदेश की सत्ता में वापस नहीं आ पाई है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व को क्या सलाह दी?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपना भ्रष्ट व्यवहार और अविश्वास पैदा करने वाला नेतृत्व बदलना चाहिए तथा संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े नहीं करने चाहिए।
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टिप्पणियाँ 5

Aisha Khan@aisha-khan·15 दिन पहले

नेता लोग जनता के रोजमर्रा के जाम और परेशानियों पर कब सोचना शुरू करेंगे? रोज़ के हंगामे से आम आदमी की ज़िंदगी का क्या हाल होता है, इस पर कोई कुछ क्यों नहीं बोलता?

Ravikash Gupta@ravikash·15 दिन पहले

चुनाव हारने पर हर बार ईवीएम और संस्थाओं पर ठीकरा फोड़ना विपक्ष की पुरानी आदत बन चुका है। जनता सब समझती है, तभी तो दशकों से इन्हें बाहर का रास्ता दिखा रही है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·15 दिन पहले

रविकेश जी, आपकी बात तो ठीक है पर ये बताइए कि जनता अगर सच में सब समझती है तो फिर विपक्ष लगातार सड़क पर उतरने को मजबूर क्यों हो रहा है?

Karan Malhotra@karan-malhotra·16 दिन पहले

विरोध प्रदर्शन के नाम पर आम जनता को परेशान करना और कानून-व्यवस्था बिगाड़ना किसी भी हाल में सही नहीं है। चुनाव हारने पर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना पुरानी आदत बन चुकी है।

Rohan Verma@rohan-verma·16 दिन पहले

करण जी, बिल्कुल सही कहा। हार का ठीकरा हमेशा ईवीएम पर फोड़ना और जनता को परेशान करना इनका पुराना तरीका है।

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