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सोलन के धर्मपुर में पीएनबी एटीएम तोड़ने वाला राजस्थान से पकड़ा गया, साथी की तलाश जारीहिमाचल प्रदेश
4 नव॰ 2026, 8:25 am (2 दिन पहले)· 1

सोलन के धर्मपुर में पीएनबी एटीएम तोड़ने वाला राजस्थान से पकड़ा गया, साथी की तलाश जारी

हिमाचल प्रदेश के सोलन में पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम का कैश वॉल्ट तोड़कर नकदी चुराने की कोशिश करने वाले एक आरोपी को पुलिस ने राजस्थान के डीग से गिरफ्तार कर लिया है।

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में पंजाब नेशनल बैंक के एक एटीएम को निशाना बनाने की नाकाम कोशिश के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। धर्मपुर थाना क्षेत्र के तहत आने वाली चेवा पंचायत में स्थित इस एटीएम के कैश डिस्पेंसर वॉल्ट को नुकसान पहुंचाकर पैसे निकालने का प्रयास किया गया था। इस वारदात की छानबीन में जुटी पुलिस की टीम ने अंतरराज्यीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए राजस्थान से मुख्य आरोपी को धर दबोचा है, जबकि इस साजिश में शामिल उसका दूसरा साथी फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर है।

चेवा पंचायत में आधी रात को हुई थी वारदात

पुलिस अधीक्षक सोलन साईं दत्तत्रेया वर्मा के अनुसार, यह घटना 9 और 10 अक्टूबर 2026 की दरमियानी रात को अंजाम दी गई थी। देर रात दो संदिग्ध चेवा पंचायत में मौजूद पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम बूथ के भीतर दाखिल हुए। बूथ के अंदर पहुंचते ही उन्होंने मशीन के कैश डिस्पेंसर वॉल्ट को जबरन तोड़ने की कोशिश शुरू कर दी ताकि अंदर रखी नकदी पर हाथ साफ किया जा सके। दोनों आरोपियों ने अपनी करतूत छिपाने के लिए बाकायदा योजना बनाई थी, जिसके तहत एटीएम के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे, कार्ड रीडर स्लॉट और रसीद प्रिंटर के शीशों पर काला रंग पोत दिया गया ताकि कैमरों में उनकी तस्वीरें और हरकतें दर्ज न हो सकें।

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अलार्म बजने से भागे आरोपी, मशीन को पहुंचाया भारी नुकसान

सीसीटीवी पर कालिख पोतने और वॉल्ट पर हमला करने के बावजूद आरोपियों की यह साजिश पूरी तरह धरी की धरी रह गई। जैसे ही उन्होंने कैश डिस्पेंसर को तोड़ने के लिए जोर-जबरदस्ती की, एटीएम का सुरक्षा अलार्म अचानक जोर से बज उठा। सायरन की आवाज गूंजते ही दोनों आरोपी बुरी तरह घबरा गए और पकड़े जाने के डर से बिना पैसे लिए फौरन वहां से भाग खड़े हुए। हालांकि वारदात में नकदी तो नहीं बची, लेकिन आरोपियों ने भागने से पहले एटीएम मशीन, उसके संवेदनशील उपकरणों और पूरे केबिन परिसर को तोड़फोड़ कर काफी नुकसान पहुंचाया।

साइबर सेल की मदद से राजस्थान के डीग से गिरफ्तारी

वारदात सामने आने के बाद धर्मपुर पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर संख्या 177/2026 दर्ज की गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए धर्मपुर थाना पुलिस और सोलन जिला साइबर सेल की एक संयुक्त विशेष जांच टीम तैयार की गई। जांच दल ने घटनास्थल के आसपास मिले सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल सुरागों और तकनीकी साक्ष्यों की गहन पड़ताल की, जिससे आरोपियों के बारे में अहम जानकारियां हाथ लगीं।

तकनीकी साक्ष्यों का पीछा करते हुए पुलिस टीम राजस्थान पहुंची और 29 अक्टूबर को वीरेंद्र सिंह पूनिया को गिरफ्तार कर लिया। 43 वर्षीय आरोपी वीरेंद्र सिंह पूनिया पुत्र बनी सिंह राजस्थान के डीग जिले के गांव एवं तहसील डीग का निवासी है। पुलिस फिलहाल हिरासत में लिए गए आरोपी से कड़ी पूछताछ कर रही है और उसके पुराने आपराधिक इतिहास की पड़ताल कर रही है। वहीं घटना में शामिल दूसरे फरार आरोपी की पहचान भी सुनिश्चित कर ली गई है और उसे जल्द पकड़ने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

सवाल-जवाब

सोलन में एटीएम चोरी का यह प्रयास कब और कहां हुआ?
यह घटना 9 और 10 अक्टूबर 2026 की मध्य रात्रि को सोलन जिले के धर्मपुर थाना क्षेत्र स्थित चेवा पंचायत के पीएनबी एटीएम में हुई।
गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम क्या है और वह कहां का रहने वाला है?
गिरफ्तार आरोपी का नाम वीरेंद्र सिंह पूनिया (43) है, जो राजस्थान के डीग जिले के गांव एवं तहसील डीग का निवासी है।
आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए क्या तरीका अपनाया था?
आरोपियों ने एटीएम बूथ में लगे सीसीटीवी कैमरे, कार्ड रीडर स्लॉट और रसीद प्रिंटर पर काला रंग पोत दिया था।
एटीएम से नकदी चुराने की यह कोशिश कैसे नाकाम हुई?
कैश डिस्पेंसर वॉल्ट को तोड़ते समय एटीएम का सुरक्षा अलार्म अचानक बज गया, जिससे घबराकर आरोपी बिना पैसे लिए भाग निकले।
पुलिस ने मामले में कौन सी कानूनी कार्रवाई की है?
धर्मपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत एफआईआर 177/2026 दर्ज की गई और तकनीकी जांच के बाद 29 अक्टूबर को आरोपी को पकड़ा गया।
क्या इस वारदात में कोई अन्य आरोपी भी शामिल था?
हां, घटना में एक दूसरा आरोपी भी शामिल था जिसकी पहचान कर ली गई है और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए तलाश कर रही है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Meera Joshi@meera-joshi·2 दिन पहले

सीसीटीवी पर काला रंग पोतने के बाद भी पकड़े जाने का डर नहीं था क्या? मुझे हैरानी है कि इतनी तैयारी के बाद भी अलार्म बजते ही ऐसे भाग खड़े हुए। दूसरा साथी भी जल्दी पकड़ा जाना चाहिए।

Arjun Mehta@arjun-mehta·2 दिन पहले

कैमरे पर कालिख पोतने और अलार्म बजने के बावजूद ये लोग राजस्थान से यहाँ तक पहुँचे कैसे, और दूसरा साथी अब तक पुलिस के हाथ क्यों नहीं आया?

Ravikash Gupta@ravikash·2 दिन पहले

अर्जुन भाई, आज के समय में डिजिटल फुटप्रिंट और साइबर सेल की तकनीक इतनी तेज़ है कि अपराधी चाहे जितने भी कैमरे पर कालिख पोत लें, बच नहीं सकते। दूसरा साथी भी जल्द पकड़ा जाएगा।

Rohan Verma@rohan-verma·2 दिन पहले

सीसीटीवी पर कालिख पोतने से क्या होता है, अलार्म ने तो पोल खोल ही दी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·2 दिन पहले

रोहन भाई, सही कहा आपने! सीसीटीवी पर कालिख पोतने से शातिर तो बन गए, पर आधुनिक अलार्म सिस्टम से नहीं बच पाए।

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