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सुल्तानपुर नगर पालिका चुनाव बवाल मामले में विधायक चेतन पटेल पर केस दर्ज, सीआईडी-सीबी को सौंपी गई जांचराजस्थान
23 सित॰ 2026, 10:00 am (2 दिन पहले)· 2

सुल्तानपुर नगर पालिका चुनाव बवाल मामले में विधायक चेतन पटेल पर केस दर्ज, सीआईडी-सीबी को सौंपी गई जांच

राजस्थान के कोटा जिले में सुल्तानपुर नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव के दौरान हुए उपद्रव और झड़प के मामले में पीपल्दा विधायक चेतन पटेल कोलाना पर एफआईआर दर्ज की गई है।

राजस्थान के कोटा जिले में स्थित सुल्तानपुर नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान उपजा विवाद अब कानूनी कार्रवाई के घेरे में आ चुका है। पीपल्दा विधानसभा क्षेत्र के विधायक चेतन पटेल कोलाना के खिलाफ राजकार्य में बाधा डालने और आम रास्ता रोकने समेत कई अलग-अलग कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। सुल्तानपुर थानाधिकारी दौलत साहू की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर मंगलवार की रात यह कार्रवाई की गई। जनप्रतिनिधि से जुड़ा मामला होने के कारण कानूनी नियमों के तहत अब इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच स्थानीय थाना पुलिस के स्थान पर सीआईडी-सीबी को सौंप दी गई है।

पार्षदों के बीच टकराव और पथराव की नौबत

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 21 सितंबर को उस समय हुई जब नगर पालिका अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया चल रही थी। मतदान के दौरान कांग्रेस और भाजपा दलों के पार्षदों के बीच किसी बात को लेकर तीखी तकरार शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना गहरा गया कि कांग्रेस समर्थकों पर भाजपा पार्षदों के वाहन को जबरन रोकने का आरोप लगा। इसके तुरंत बाद तनाव बढ़ गया और मौके पर पथराव जैसे हालात पैदा हो गए। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस बल को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा और व्यवस्था बहाल करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया।

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थाने के बाहर धरना और पुलिस से तकरार

घटना की जानकारी मिलते ही विधायक चेतन पटेल भी अपने समर्थकों के साथ सीधे मौके पर पहुंच गए। इसी दौरान विधायक और पुलिसकर्मियों के बीच तल्ख नोकझोंक और झड़प की नौबत आ गई। टकराव बढ़ने के बाद विधायक अपने समर्थकों के साथ सुल्तानपुर थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। इसके बाद थाने के भीतर भी विधायक की मौजूदगी में जोरदार हंगामा देखा गया। थानाधिकारी की औपचारिक रिपोर्ट पर मामला दर्ज होने के बाद अब सीआईडी-सीबी की जांच शुरू होने से क्षेत्र में सियासी पारा चढ़ गया है।

सवाल-जवाब

विधायक चेतन पटेल के खिलाफ किस मामले में केस दर्ज किया गया है?
सुल्तानपुर नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव के दौरान सरकारी काम में बाधा डालने और रास्ता रोकने समेत अन्य धाराओं में उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ है।
सुल्तानपुर में चुनावी विवाद कब और क्यों शुरू हुआ था?
यह विवाद 21 सितंबर को नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव के दौरान कांग्रेस और भाजपा पार्षदों व समर्थकों के बीच गाड़ी रोकने और पथराव के चलते शुरू हुआ था।
इस मामले की जांच स्थानीय पुलिस के बजाय किसे सौंपी गई है?
जनप्रतिनिधि यानी विधायक से जुड़ा मामला होने के कारण इसकी जांच सीआईडी-सीबी को सौंपी गई है।
यह मामला किस पुलिस अधिकारी की शिकायत पर दर्ज किया गया है?
यह मुकदमा सुल्तानपुर थानाधिकारी दौलत साहू की आधिकारिक शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Divya Reddy@divya-reddy·1 दिन पहले

अरे वाह, थाने के बाहर धरना देने और फिर अंदर जाकर हंगामा करने की हिम्मत! लगता है साहब भूल गए थे कि कानून सबके लिए बराबर होता है।

Ravikash Gupta@ravikash·1 दिन पहले

नेताओं का ऐसा रवैया देखकर हैरानी होती है, पुलिस से ही भिड़ गए विधायक जी। अब सीआईडी जांच में पता चलेगा क्या-क्या हुआ, वैसे ऐसे मामलों से चुनावी माहौल और स्थानीय बाजारों का भरोसा भी हिल जाता है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·1 दिन पहले

रविकेश जी, बात तो सही है आपकी। पर ये समझ नहीं आया कि जब पुलिस बल पहले से तैनात था, तो मामला इतना कैसे बढ़ गया?

Rohan Verma@rohan-verma·1 दिन पहले

जनप्रतिनिधि ही कानून तोड़ेंगे तो आम जनता से क्या उम्मीद करें, जांच निष्पक्ष होनी चाहिए।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 दिन पहले

रोहन जी, बात तो सही है आपकी। जब विधायक ही थाने में हंगामा करेंगे और मामला सीआईडी-सीबी को जाएगा, तो जांच निष्पक्ष होनी ही चाहिए तभी जनता का भरोसा बचेगा।

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