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सुरक्षा बलों पर हमले के आरोप में मणिपुर से दो भाई गिरफ्तार, काकचिंग से केवाईकेएल कैडर भी चढ़ा हत्थेमणिपुर
16 सित॰ 2026, 3:00 pm (41 दिन पहले)· 4

सुरक्षा बलों पर हमले के आरोप में मणिपुर से दो भाई गिरफ्तार, काकचिंग से केवाईकेएल कैडर भी चढ़ा हत्थे

मणिपुर पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने सीआरपीएफ व एसएसबी जवानों पर गोलीबारी करने वाले एनआरएफएम संगठन के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। काकचिंग जिले से केवाईकेएल का एक कैडर भी पकड़ा गया है।

मणिपुर में सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने प्रतिबंधित संगठन नेशनल रिवोल्यूशनरी फ्रंट मणिपुर (एनआरएफएम) से जुड़े दो भाइयों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक ये दोनों आरोपी सुरक्षाकर्मियों पर हुए कई गोलीबारी के मामलों में शामिल थे। इसके अलावा, राज्य के एक अन्य जिले में चलाए गए तलाशी अभियान के तहत केवाईकेएल (कांगलेई यावोल कन्ना लुप) के एक सक्रिय कैडर को भी पकड़ा गया है।

सुरक्षाबलों पर हमले के आरोपी दो सगे भाई गिरफ्तार

सीआरपीएफ एम एंड एन सेक्टर से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर इम्फाल ईस्ट व इम्फाल वेस्ट के कमांडो दल और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने इम्फाल ईस्ट जिले के कांगपाल कांगखाम लेइकाई इलाके में छापेमारी की। इस दौरान शेलैबाम तोमतिन मैतेई उर्फ तोम्बा (उम्र 27 वर्ष) और उसके भाई शेलैबाम जगतश्याम मैतेई (उम्र 35 वर्ष) को दबोच लिया गया। मणिपुर पुलिस द्वारा एक्स पर साझा जानकारी के अनुसार, ये दोनों एनआरएफएम के सक्रिय सदस्य हैं।

पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों भाइयों ने सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाकर दो अलग-अलग हमले किए थे। 22 अगस्त को लामलोंग बाजार के पास सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों पर हुई गोलीबारी में इनकी संलिप्तता पाई गई थी। इसके बाद 10 सितंबर को खोंगहामपात में तैनात सीआरपीएफ जवानों पर हुए हमले में भी ये शामिल थे। इस मामले में इनके पिता शेलैबाम याइमा को खोंगहामपात हमले के सिलसिले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

हथियार बरामद और काकचिंग में एक अन्य चरमपंथी गिरफ्तार

गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा बलों ने आरोपियों के पास से हथियारों का जखीरा बरामद किया। जब्त किए गए सामान में एक एके-47 राइफल और उसके 43 कारतूस तथा तीन कारतूस के साथ एक 9 मिमी की पिस्टल शामिल है।

वहीं एक अन्य कार्रवाई के तहत 15 सितंबर को काकचिंग जिले के हियांगलाम वराखोंग मानुंग इलाके में सुरक्षा बलों ने छापेमारी की। काकचिंग कमांडो, 43 असम राइफल्स और 46 असम राइफल्स की संयुक्त टीम ने हियांगलाम पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले इस क्षेत्र से 27 वर्षीय एलंगबाम लांगम सिंह को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार दिवंगत ई. रंजन सिंह का पुत्र लांगम सिंह प्रतिबंधित संगठन कांगलेई यावोल कन्ना लुप (केवाईकेएल) का सक्रिय कैडर है।

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सवाल-जवाब

मणिपुर में किन दो भाइयों को गिरफ्तार किया गया है?
सुरक्षा बलों ने 27 वर्षीय शेलैबाम तोमतिन मैतेई और उसके 35 वर्षीय भाई शेलैबाम जगतश्याम मैतेई को गिरफ्तार किया है।
ये आरोपी किस प्रतिबंधित संगठन से जुड़े हैं?
गिरफ्तार किए गए दोनों भाई नेशनल रिवोल्यूशनरी फ्रंट मणिपुर (एनआरएफएम) के सक्रिय सदस्य हैं।
इन दोनों आरोपियों पर क्या आरोप हैं?
इन पर 22 अगस्त को लामलोंग बाजार में एसएसबी जवानों और 10 सितंबर को खोंगहामपात में सीआरपीएफ जवानों पर गोलीबारी करने के आरोप हैं।
आरोपियों के पास से कौन से हथियार बरामद किए गए?
सुरक्षा बलों ने उनके पास से एक एके-47 राइफल, 43 जीवित कारतूस, एक 9 मिमी की पिस्टल और तीन गोलियां बरामद की हैं।
काकचिंग जिले से किसे गिरफ्तार किया गया है?
काकचिंग जिले से केवाईकेएल संगठन के 27 वर्षीय सक्रिय कैडर एलंगबाम लांगम सिंह को गिरफ्तार किया गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Sophie Laurent@sophie-laurent·41 दिन पहले

आंतरिक सुरक्षा और उग्रवाद विरोधी रणनीतियों के दृष्टिकोण से, खुफिया जानकारी पर आधारित यह संयुक्त कार्रवाई अंतर-एजेंसी समन्वय के बढ़ते महत्व को रेखांकित करती है। अशांत और संवेदनशील क्षेत्रों में भारी हथियारों की बरामदगी तथा सक्रिय उग्रवादी तंत्रों का पर्दाफाश यह दर्शाता है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लक्षित और त्वरित अभियान बेहद प्रभावी साबित हो रहे हैं। दीर्घकालिक स्थिरता के लिए सुरक्षा बलों के बीच सूचना के त्वरित आदान-प्रदान और मजबूत खुफिया ढांचे को निरंतर बनाए रखना अनिवार्य होगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·41 दिन पहले

मणिपुर में असम राइफल्स, सीआरपीएफ और राज्य पुलिस की यह संयुक्त कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर होते खुफिया समन्वय को दर्शाती है। प्रतिबंधित संगठनों जैसे NRFM और KYKL के सक्रिय कैडरों की गिरफ्तारी और हथियारों की बरामदगी से यह साफ है कि राज्य में शांति बहाली के लिए लक्षित अभियान तेज हो रहे हैं। सुरक्षा बलों को निशाना बनाने वाले तत्वों पर यह त्वरित और ठोस कार्रवाई राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने तथा सार्वजनिक विश्वास बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·41 दिन पहले

अर्जुन की बात सही है, लेकिन पारिवारिक संरचना और पीढ़ीगत प्रभाव के दृष्टिकोण से देखें तो इस मामले में पिता और दोनों बेटों का एक ही उग्रवादी नेटवर्क से जुड़ा होना गहरा सामाजिक-आध्यात्मिक संकट दर्शाता है। जब हिंसा एक ही परिवार की कई पीढ़ियों में जड़ें जमा लेती है, तो केवल सैन्य या कानूनी कार्रवाई पर्याप्त नहीं होती। सुरक्षा बलों की यह त्वरित सफलता सराहनीय है, पर दीर्घकालिक शांति के लिए उग्रवाद की ओर झुकते परिवारों की समग्र काउंसिलिंग, पुनर्वास और आध्यात्मिक-मानसिक उपचार प्रक्रियाओं पर ध्यान देना होगा ताकि युवाओं का सही मार्गदर्शन हो सके।

Rohan Verma@rohan-verma·41 दिन पहले

सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस के बीच ऐसा सटीक खुफिया समन्वय उग्रवाद-प्रभावित क्षेत्रों में लक्षित हमलों को रोकने के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस रिपोर्टिंग से स्पष्ट है कि पिता और दोनों बेटों का एक ही प्रतिबंधित संगठन से जुड़ा होना स्थानीय स्तर पर गहरे उग्रवादी नेटवर्क की ओर इशारा करता है। ऐसे में केवल तात्कालिक गिरफ्तारियों और हथियारों की जब्ती तक सीमित न रहकर सुरक्षा एजेंसियों को इन कैडरों को मिलने वाली लॉजिस्टिक्स और कैडर नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने के प्रयास तेज करने होंगे।

Ravikash Gupta@ravikash·41 दिन पहले

पूर्वोत्तर के सीमावर्ती राज्यों में उग्रवादी समूहों द्वारा फैलाया जाने वाला भय और अवैध वसूली नेटवर्क स्थानीय व्यापार, रसद आपूर्ति और आर्थिक विकास को सबसे अधिक नुकसान पहुँचाता है। एके-47 जैसे हथियारों की जब्ती और सक्रिय कैडरों पर यह कार्रवाई न केवल कानून-व्यवस्था बहाल करने में मददगार है, बल्कि क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों और ढांचागत परियोजनाओं के लिए सुरक्षा जोखिम को भी कम करती है। अगर सुरक्षा एजेंसियां उग्रवादियों के वित्तीय और लॉजिस्टिक तंत्र को ध्वस्त करती हैं, तो इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में स्थिरता आएगी और निवेश का माहौल मजबूत होगा।

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