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तमिलनाडु में रोजगार योजना के तहत मिलेंगे 150 दिन, मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का बड़ा फैसलातमिलनाडु
20 अक्तू॰ 2026, 3:02 pm (7 दिन पहले)· 5

तमिलनाडु में रोजगार योजना के तहत मिलेंगे 150 दिन, मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का बड़ा फैसला

तमिलनाडु सरकार ने VB-G RAM G योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को मिलने वाले रोजगार के दिनों को 125 से बढ़ाकर 150 करने की मंजूरी दे दी है।

तमिलनाडु की सी. जोसेफ विजय सरकार ने ग्रामीण परिवारों के हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए रोजगार के दिनों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, राज्य कोष से सहायता प्रदान करते हुए अब वीबी-जीरामजी योजना के तहत 125 दिनों का काम पूरा करने वाले पात्र परिवारों को 25 अतिरिक्त दिनों का सवैतनिक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इस तरह इन परिवारों को अब कुल 150 दिनों का रोजगार मिल सकेगा।

मनरेगा की जगह आई VB-G RAM G योजना

जारी आदेश के मुताबिक, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 यानी मनरेगा को निरस्त किए जाने के बाद केंद्र सरकार ने पूरे देश में 'विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)' यानी VB-G RAM G योजना की शुरुआत की थी। तमिलनाडु में इसे एक जुलाई 2026 से लागू किया गया था, जिसके जरिए शुरुआत में 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई थी।

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मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का निर्देश

इस योजना की प्रगति और कामकाज की समीक्षा करने के बाद मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सालभर में सहायता की इस अवधि को बढ़ाकर 150 दिन किया जाए। इसी कड़ी में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (आरडी-पीआरडी) ने प्रशासनिक मंजूरी प्रदान करते हुए आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं, जिसमें कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के परिवारों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है।

किसे मिलेगा अतिरिक्त रोजगार का लाभ?

नए प्रावधानों के तहत मिलने वाले अतिरिक्त 25 दिनों के रोजगार में उन परिवारों को सबसे पहले मौका दिया जाएगा जिनकी मुखिया महिलाएं हैं। इसके अलावा अकेली महिलाओं, दिव्यांग सदस्यों वाले परिवारों, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के परिवारों के साथ-साथ अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वनवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 के तहत आने वाले लाभार्थियों को भी इसमें प्राथमिकता दी जाएगी।

धन वितरण और योजना का दायरा

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के आयुक्त को यह अधिकार दिया गया है कि वे चेन्नई को छोड़कर राज्य के बाकी सभी जिलों में इस योजना के तहत राशि का सुचारू वितरण सुनिश्चित करें। विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के साधनों को मजबूत करना, रोजगार के नए अवसर पैदा करना और गांवों में बुनियादी विकास कार्यों को बढ़ावा देना है। इस प्रकार यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में अहम भूमिका निभा रही है।

सवाल-जवाब

तमिलनाडु में ग्रामीण रोजगार योजना के तहत अब कितने दिन काम मिलेगा?
पात्र ग्रामीण परिवारों को अब 125 दिनों के बजाय 150 दिन का रोजगार मिलेगा।
यह अतिरिक्त रोजगार किसके द्वारा वित्तपोषित किया जाएगा?
अतिरिक्त 25 दिनों के सवैतनिक रोजगार के लिए राशि राज्य कोष से प्रदान की जाएगी।
तमिलनाडु में VB-G RAM G योजना कब लागू की गई थी?
यह योजना तमिलनाडु में एक जुलाई 2026 से लागू की गई थी।
अतिरिक्त 25 दिन के रोजगार में किसे प्राथमिकता दी जाएगी?
इसमें महिला मुखिया वाले परिवारों, अकेली महिलाओं, दिव्यांग सदस्यों वाले परिवारों और एससी-एसटी परिवारों को प्राथमिकता मिलेगी।
किस विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है?
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (आरडी-पीआरडी) ने इस संबंध में प्रशासनिक मंजूरी दी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Yuki Tanaka@yuki-tanaka·6 दिन पहले

ग्रामीण इलाकों में रोजगार के दिन 150 करना और महिलाओं को प्राथमिकता देना बढ़िया कदम है, इससे गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

Ravikash Gupta@ravikash·6 दिन पहले

ग्रामीण इलाकों में रोजगार के दिन बढ़ाकर 150 करना परिवारों को बड़ी राहत दे सकता है, खासकर तब जब महिलाएं इसमें प्राथमिकता पर हैं। पर क्या राज्य सरकार इस बढ़े हुए खर्च के लिए पूरी तरह तैयार है?

Nyra Kaif@nyra-kaif·6 दिन पहले

रविकेश, खर्च का तो पता नहीं पर महिला मुखिया वाले परिवारों को पहले मौका मिलेगा, यह बात दिल को छू गई।

Rohan Verma@rohan-verma·6 दिन पहले

150 दिन का रोजगार तो अच्छा है, पर फंड समय पर मिल पाएगा या नहीं, इस पर थोड़ा शक है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·6 दिन पहले

रोहन भाई, फंड की बात तो सही है, पर क्या इसमें काम मिलने में भी सिफारिश या राजनीति चलेगी?

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