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तवांग के पास मंगलवार तड़के डोली धरती, जानें कितनी थी भूकंप की तीव्रताअरुणाचल प्रदेश
8 सित॰ 2026, 8:51 am (23 दिन पहले)· 2

तवांग के पास मंगलवार तड़के डोली धरती, जानें कितनी थी भूकंप की तीव्रता

अरुणाचल प्रदेश के बिछोम इलाके में मंगलवार सुबह 5:44 बजे 2.9 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र तवांग के पास बताया जा रहा है।

मंगलवार को सूरज पूरी तरह निकलने से पहले ही अरुणाचल प्रदेश के बिछोम इलाके में धरती हल्के से डोल गई, जिससे सुबह जल्दी उठने वाले कई लोग चौंक गए। यह इसी हफ्ते इलाके में लगातार महसूस हो रहे झटकों की कड़ी में ताजा वाकया है, इससे पहले अफगानिस्तान और तिब्बत में भी भूकंप दर्ज हो चुके हैं।

तीव्रता, गहराई और सही समय क्या रहा

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के मुताबिक यह झटका रिक्टर पैमाने पर 2.9 तीव्रता का था और ठीक सुबह 5 बजकर 44 मिनट 15 सेकंड पर दर्ज हुआ। भूकंप का केंद्र बिंदु 27.540 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 92.817 डिग्री पूर्वी देशांतर पर मिला, जो जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे था। इन निर्देशांकों के आधार पर माना जा रहा है कि झटकों का स्रोत तवांग के आसपास के इलाके में रहा।

भूकंप को लेकर अपडेट एएनआई के एक्स पोस्ट पर भी सामने आया, जो झटके के तुरंत बाद शेयर किया गया।

एक दिन पहले अफगानिस्तान में आया था इससे बड़ा झटका

बिछोम के इस झटके से एक दिन पहले सोमवार तड़के अफगानिस्तान की धरती भी हिली थी। NCS के अनुसार वहां तीव्रता 4.1 रिक्टर मापी गई और यह घटना सुबह 5 बजकर 36 मिनट पर हुई। बिछोम के उथले झटके के उलट, यह भूकंप जमीन के काफी अंदर, करीब 130 किलोमीटर की गहराई पर पैदा हुआ। इतनी गहराई पर उठने वाले झटके आमतौर पर एक बड़े दायरे में फैलते हैं, इसीलिए इन्हें एक साथ कई जगहों पर महसूस किया जा सकता है।

तिब्बत में गुरुवार को आया झटका, नुकसान की कोई खबर नहीं

अफगानिस्तान की घटना से भी पहले, गुरुवार दोपहर तिब्बत में इससे भी बड़ा 5.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। NCS के मुताबिक यह दोपहर 1 बजकर 46 मिनट पर आया और इसका केंद्र जमीन से महज 14 किलोमीटर नीचे था। इसके निर्देशांक 31.479 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 80.370 डिग्री पूर्वी देशांतर दर्ज किए गए। अब तक इस भूकंप से किसी जनहानि या संपत्ति के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

आखिर जमीन के नीचे इतनी हलचल क्यों होती है?

भूकंप असल में धरती की सतह पर होने वाला एक अचानक कंपन है, जो जमीन के भीतर चल रही हलचल की वजह से पैदा होता है। धरती की सबसे ऊपरी परत यानी क्रस्ट कई बड़े-बड़े हिस्सों में बंटी है, जिन्हें टेक्टोनिक प्लेट्स कहा जाता है, और ये प्लेट्स हमेशा धीरे-धीरे खिसकती रहती हैं। जब दो प्लेटें आपस में टकराती हैं, एक-दूसरे से रगड़ खाती हैं या एक-दूसरे के नीचे-ऊपर धंसती हैं, तो उनके किनारों पर जबरदस्त दबाव जमा हो जाता है। एक समय ऐसा आता है जब यह दबाव झेला नहीं जाता और वह एक झटके के तौर पर बाहर छूट जाता है। यही अचानक निकला दबाव धरती को हिला देता है और लोगों को भूकंप के रूप में महसूस होता है। यह प्रक्रिया दुनियाभर में लगातार चलती रहती है, यही वजह है कि NCS जैसी एजेंसियां हर दिन कई छोटे-बड़े झटकों पर नजर रखती हैं, जिनमें से ज्यादातर इतने हल्के होते हैं कि सतह पर किसी को पता भी नहीं चलता।

बिछोम, अफगानिस्तान और तिब्बत, तीनों जगह चंद दिनों के भीतर दर्ज हुए ये झटके बताते हैं कि हिमालय और उससे सटे इलाकों में निगरानी एजेंसियां कितनी बार भूकंपीय हलचल दर्ज कर रही हैं।

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सवाल-जवाब

मंगलवार का भूकंप कहां महसूस किया गया?
अरुणाचल प्रदेश के बिछोम इलाके में, जो तवांग के आसपास का क्षेत्र है।
भूकंप की तीव्रता कितनी थी?
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के मुताबिक यह रिक्टर पैमाने पर 2.9 तीव्रता का था।
भूकंप ठीक कितने बजे आया?
यह मंगलवार सुबह 5 बजकर 44 मिनट 15 सेकंड पर आया।
इस भूकंप का केंद्र कितनी गहराई पर था?
जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे।
क्या इसी हफ्ते और भी भूकंप आए थे?
हां, सोमवार को अफगानिस्तान में 4.1 तीव्रता का और गुरुवार को तिब्बत में 5.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज हुआ था।
अफगानिस्तान का भूकंप कितनी गहराई पर था?
करीब 130 किलोमीटर की गहराई पर।
क्या तिब्बत के भूकंप से कोई नुकसान हुआ?
अब तक उससे किसी जनहानि या संपत्ति के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
भूकंप आमतौर पर क्यों आते हैं?
टेक्टोनिक प्लेटों के टकराने, खिसकने या रगड़ खाने से जमा हुआ दबाव अचानक एक झटके के रूप में बाहर निकलता है, इसे ही भूकंप कहा जाता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·22 दिन पहले

अरुणाचल प्रदेश के बिछोम में दर्ज 2.9 तीव्रता का यह भूकंप भले ही कम तीव्रता का हो, लेकिन तवांग जैसे सामरिक रूप से संवेदनशील पहाड़ी इलाके में मात्र 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर हलचल होना भूवैज्ञानिक और सुरक्षा दोनों दृष्टियों से सतर्क रहने का संकेत है। यद्यपि इससे किसी प्रकार के नुकसान की तत्काल पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी इस तरह की लगातार टेक्टोनिक गतिविधियां आधारभूत ढांचों और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए एक चेतावनी हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·22 दिन पहले

अरुणाचल प्रदेश के तवांग और बिछोम क्षेत्र में 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर आया यह 2.9 तीव्रता का भूकंप भले ही छोटा लगे, लेकिन हिमालयी बेल्ट में टेक्टोनिक प्लेटों का यह दबाव भविष्य के बड़े भूगर्भीय जोखिमों की ओर इशारा करता है। इस रणनीतिक और पर्वतीय क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सिस्मिक माइक्रोज़ोनेशन और सख्त बिल्डिंग कोड्स का पालन करना बेहद आवश्यक है ताकि किसी भी संभावित आपदा से बचा जा सके।

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