अरुणाचल प्रदेश पुलिस ने नामसाई जिले में एक घर में हुई डकैती की सनसनीखेज घटना का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को दबोच लिया है। पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्रवाई के दौरान एक विदेशी निर्मित पिस्तौल, जिंदा कारतूस और डकैती में लूटे गए संदिग्ध आभूषण भी बरामद किए गए हैं। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस अपराध में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
यह पूरी कार्रवाई सिमोलबारी इलाके में नामसाई निवासी ओमनाथ धनुक के घर पर 30 अक्टूबर को हुई सशस्त्र डकैती की जांच के बाद शुरू की गई थी। शिकायत के अनुसार, घटना के दिन सात सशस्त्र हमलावर जबरन घर में घुस आए थे और वहां मौजूद लोगों, जिनमें एक बच्चा भी शामिल था, के साथ मारपीट करने के साथ ही उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद बदमाश करीब 10 लाख रुपये नकद, चार मोबाइल फोन और सोने के गहने लेकर मौके से फरार हो गए थे।
पुलिस में मामला दर्ज और आरोपियों की पहचान
नामसाई के पुलिस उप अधीक्षक केगो डिरची ने मीडिया को बताया कि इस संबंध में 31 अक्टूबर को नामसाई थाने में भारतीय न्याय संहिता, 2023 और शस्त्र अधिनियम, 1959 की सुसंगत धाराओं के तहत एक औपचारिक मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने तकनीकी और जमीनी सुरागों के आधार पर जाल बिछाया और पांचों आरोपियों को धर दबोचा।
गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों की पहचान लातुल बरुआ (प्रेमनगर), दिनेश गोगोई और मिनेश्वर दिहिंगिया (नामसाई जिले के भोगमुर), चाउ क्यापेंग मानलोंग (नोंगटो खामती) और सोफियो मेपो उर्फ कालोसो मेपो (पड़ोसी लोहित जिले के मेपो) के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इन सभी की संलिप्तता इस आपराधिक कृत्य में पाई गई है।
हथियारों और वाहनों की बरामदगी
छापेमारी और पूछताछ के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तुर्की में बनी 7.65 एमएम की एक पिस्तौल, एक मैगजीन जिसमें दो जिंदा कारतूस लोड थे, लूटे गए गहनों में से एक सोने का मंगलसूत्र, दो मोबाइल फोन और दो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इनमें से एक मोटरसाइकिल का इस्तेमाल इस वारदात को अंजाम देने के लिए किया गया था।
पुलिस की शुरुआती जांच से संकेत मिलता है कि यह डकैती आपसी रंजिश के चलते एक सोची-समझी साजिश का नतीजा थी। डकैतों ने घटना को अंजाम देने से पहले पीड़ित के घर की रेकी की थी और वहां आने-जाने के रास्तों की पूरी योजना तैयार की थी ताकि वे आसानी से फरार हो सकें।
आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से मिनेश्वर दिहिंगिया और सोफियो मेपो नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (NSCN) के पूर्व काडर रह चुके हैं और उनके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। चाउ क्यापेंग मानलोंग के खिलाफ भी पहले से कई मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या का प्रयास, जबरन वसूली और शस्त्र अधिनियम तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत लगे आरोप शामिल हैं। इसके अलावा, दिनेश गोगोई को पहले नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोटरोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के तहत एक मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि मामले की आगे की जांच अभी जारी है।





















