तेलंगाना और आंध्र प्रदेश को आपस में जोड़ने वाला पहला नियंत्रित-प्रवेश (एक्सेस-कंट्रोल्ड) ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (NH-365BG) अब वाहन चालकों की आवाजाही के लिए अनौपचारिक रूप से शुरू कर दिया गया है। रविवार, 2 अगस्त से ही वाहनों को इस नए और आधुनिक मार्ग पर जाने की अनुमति दे दी गई है। सड़क परिवहन अधिकारियों द्वारा अगले एक सप्ताह के भीतर इसका औपचारिक और भव्य उद्घाटन किए जाने की पूरी संभावना है।
परियोजना की कुल लागत और टोल टैक्स की व्यवस्था
भारतमाला परियोजना के अंतर्गत निर्मित इस 162.04 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे को तैयार करने में कुल 4,609 करोड़ रुपये का खर्च आया है। NHAI की परियोजना अधिकारी के दिव्या के अनुसार, औपचारिक उद्घाटन संपन्न होते ही इस पूरे राजमार्ग पर तय की गई दूरी के आधार पर टोल टैक्स की वसूली प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। वर्तमान समय में इस नए राजमार्ग पर निर्मित रेलवे ओवरब्रिज की सुरक्षा और भार वहन क्षमता का आकलन करने के लिए लोड टेस्टिंग का कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है।
निर्माण में देरी की वजह और नया रूट ढांचा
यह महत्वपूर्ण राजमार्ग कई महीनों की समय सीमा बीत जाने के बाद बनकर तैयार हुआ है। इस परियोजना में देरी का मुख्य कारण धमसालापुरम में बनने वाले रेलवे ओवरब्रिज का काम अधूरा रहना था, जबकि एक्सप्रेसवे के बाकी बड़े हिस्से का निर्माण लगभग एक वर्ष पहले ही पूरा कर लिया गया था। अब ओवरब्रिज का निर्माण कार्य संपन्न हो जाने के बाद, वाहन चालक तेलंगाना के खम्मम जिले में स्थित तल्लमपाडु गांव से सीधे इस नए राजमार्ग पर प्रवेश कर सकते हैं और बिना किसी रुकावट के आंध्र प्रदेश के देवरापल्ली तक की यात्रा आसानी से पूरी कर सकते हैं।
यात्रा समय में बचत और प्रमुख शहरों को लाभ
इस एक्सप्रेसवे के खुलने से हैदराबाद और विशाखापत्तनम के बीच यात्रा करने वाले लोगों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। इस नए एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर के कारण दोनों बड़े शहरों के बीच की कुल दूरी में लगभग 60 किलोमीटर की कमी आ जाएगी, जिससे यात्रा के समय में 1 से 2 घंटे तक की सीधी बचत होगी। यह नया मार्ग खम्मम शहर के व्यस्त और भीड़भाड़ वाले इलाके को पूरी तरह बाईपास कर देता है। सूर्यापेट की ओर से आने वाली गाड़ियां अब तल्लामपाडु से इस कॉरिडोर में प्रवेश करेंगी और सीधे देवरापल्ली जाकर बाहर निकलेंगी। इससे न केवल आंध्र प्रदेश के शहरों बल्कि ओडिशा, कोलकाता, राजामहेंद्रवरम और नुजविद की ओर जाने वाले यात्रियों की राह भी बेहद सुगम और तेज हो जाएगी।
गति सीमा, सुरक्षा इंतजाम और पार्किंग सुविधाएं
यातायात को सुरक्षित और सुचारू बनाए रखने के लिए इस एक्सप्रेसवे पर यात्री कारों के लिए अधिकतम गति सीमा 100 किमी/घंटा और भारी व्यावसायिक वाहनों के लिए 80 किमी/घंटा निर्धारित की गई है। सड़क सुरक्षा की निगरानी के लिए पूरे 162.04 किलोमीटर लंबे मार्ग पर प्रति किलोमीटर की दूरी पर उच्च तकनीक वाले CCTV कैमरे लगाए गए हैं। आसपास के स्थानीय कस्बों और बस्तियों तक लोगों की आसान पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पूरे रास्ते में 9 इंटरचेंज निर्मित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, वंदनम और चौडावरम स्थानों पर भारी ट्रकों के विश्राम और पार्किंग के लिए विशेष स्थल विकसित किए गए हैं। इस मार्ग पर हैदराबाद आउटर रिंग रोड की तर्ज पर केवल उतनी ही दूरी का टोल शुल्क लागू होगा जितनी दूरी कोई वाहन तय करेगा। इस पूरे 162.04 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे में से लगभग 105 किलोमीटर हिस्सा तेलंगाना राज्य के खम्मम जिले की सीमा में आता है।



















