21 साल के नए गेंदबाज रजाउल्लाह का एजबेस्टन में धमाका और नौवें नंबर पर उतरकर बनाया अनोखा विश्व रिकॉर्डअमेरिकी डॉलर की मजबूती से कमजोर पड़ा चीनी युआन का रुख, महंगाई के आंकड़ों से ग्लोबल करेंसी मार्केट में बड़ी हलचलडीबीएस का अनुमान: दिसंबर में बढ़ोतरी से पहले ताइवान का केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को रखेगा स्थिर, वैश्विक बाजारों में हलचल तेजसफर के लिए शानदार वाई-फाई 7 पॉकेट राउटर: घर पर कमजोर लेकिन यात्रा में बेहद दमदार है टीपी-लिंक रोम 7अमेरिकी महंगाई का असर छंटा तो येन ने संभाली रफ्तार, यूएसडी/जेपीवाई 153.76 के करीबद ऑफिस की याद सताने पर जरूर देखें ये 6 बेहतरीन ऑफिस कॉमेडी फिल्में, मिलेगा भरपूर मनोरंजनअफगानिस्तान टी20 सीरीज से पहले टीम इंडिया की बढ़ी परेशानी, नेट प्रैक्टिस के दौरान चोटिल हुए ईशान किशननई दिल्ली में रूसी राष्ट्रपति का बिना प्रोटोकॉल वाला इशारा, अजित डोभाल से पुतिन की मुलाकात के क्या हैं कूटनीतिक मायने?राजनाथ सिंह ने स्वामी विवेकानंद के साल 1893 के ऐतिहासिक शिकागो भाषण को भारतीय सभ्यता का निर्णायक मोड़ बतायाहॉर्मुज जलडमरूमध्य में कूटनीतिक पहल से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, महंगाई के दबाव के बीच वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव
तीन साल के लंबे इंतजार के बाद मणिपुर में फिर शुरू हुई अंतरराज्यीय बस सेवामणिपुर
21 अग॰ 2026, 7:18 pm (21 दिन पहले)· 1

तीन साल के लंबे इंतजार के बाद मणिपुर में फिर शुरू हुई अंतरराज्यीय बस सेवा

इम्फाल-दीमापुर-गुवाहाटी मार्ग पर तीन साल से अधिक समय बाद सार्वजनिक बस सेवा फिर से शुरू हो गई है, जिससे मणिपुर में जनजीवन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को पटरी पर लाने में मदद मिलेगी।

मणिपुर को पड़ोसी राज्यों से जोड़ने वाली अंतरराज्यीय सार्वजनिक बस सेवा तीन साल से भी अधिक समय के लंबे स्थगन के बाद शुक्रवार को आधिकारिक रूप से फिर से शुरू हो गई है। इम्फाल, दीमापुर और गुवाहाटी मार्ग पर यात्री वाहनों की आवाजाही की बहाली को राज्य में सामान्य जनजीवन पटरी पर लाने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने की दिशा में एक बेहद अहम कदम माना जा रहा है।

सेवाओं की बहाली और पहले दिन यात्रियों की संख्या

यह महत्वपूर्ण अंतरराज्यीय बस मार्ग 3 मई 2023 को मैतेई और कुकी समुदायों के बीच भड़की जातीय हिंसा के बाद पूरी तरह से ठप कर दिया गया था। इसके बाद से ही राज्य सरकार सार्वजनिक परिवहन को फिर से चालू करने और नागरिकों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के प्रयासों में जुटी हुई थी। शुक्रवार को सेवा के पहले दिन कुल 125 यात्रियों ने इस मार्ग पर यात्रा की। परिवहन विभाग ने इस शुरुआत के लिए दो बड़ी बसों और पांच विंगर गाड़ियों को सड़क पर उतारा, जिससे अंतरराज्यीय सीमा के पार यात्रियों का आवागमन सुचारू रूप से शुरू हो सका।

ये भी पढ़ें

NH-2 और NH-37 की सामरिक अहमियत

मणिपुर में सड़क मार्ग ही आवाजाही का मुख्य जरिया हैं, जहां नेशनल हाईवे 2 (NH-2) और नेशनल हाईवे 37 (NH-37) राज्य की मुख्य जीवन रेखा माने जाते हैं। NH-2 इम्फाल को दीमापुर से जोड़ता है और दूरी कम होने के कारण यह आम यात्रियों व माल ढुलाई करने वाले चालकों की पहली पसंद बना रहता है। दूसरी तरफ NH-37 मणिपुर को बराक घाटी के रास्ते दक्षिणी असम से जोड़ता है। हालांकि NH-37 पर विभिन्न स्थानीय संगठनों द्वारा अवैध वसूली की मांग और सुरक्षा संबंधी समस्याओं के कारण वाहनों की आवाजाही अक्सर बाधित होती रही है।

सरकारी घोषणा और पिछली सुरक्षा चुनौतियां

राष्ट्रीय राजमार्गों को खोलने का यह फैसला 8 अगस्त को मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के कांगपोकपी दौरे के दौरान की गई घोषणा के अनुरूप है। अपने दौरे पर उन्होंने सभी समुदायों के लोगों की स्वतंत्र आवाजाही के लिए राजमार्गों को तुरंत खोलने की बात कही थी। इससे पहले भी परिवहन बहाल करने की कोशिशें की गई थीं। पिछले साल मार्च में केंद्र सरकार द्वारा राजमार्गों पर यातायात शुरू करने के प्रयास के दौरान विरोध प्रदर्शन भड़क उठे थे। उस दौरान कांगपोकपी में एक हिंसक भीड़ ने मणिपुर स्टेट ट्रांसपोर्ट की बस पर हमला कर दिया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।

जनता की प्रतिक्रिया और आधिकारिक बयान

अंतरराज्यीय यातायात की वापसी पर मणिपुर सरकार द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि इस सेवा की शुरुआत सामान्य जीवन की बहाली और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगी, जिसका आम जनता ने खुले दिल से स्वागत किया है। इसके अलावा थोउबल जिले के एक यात्री ने राज्य सरकार की इस पहल की सराहना की। यात्री ने उम्मीद जताई कि साझा सड़कों पर फिर से शुरू हुई यह यात्रा सभी समुदायों के बीच आपसी प्यार, शांति और भाईचारे को बढ़ावा देगी और लोग बीते समय की हिंसा को भुलाकर आगे बढ़ेंगे।

सवाल-जवाब

मणिपुर में किस रूट पर सार्वजनिक बस सेवा फिर से शुरू हुई है?
मणिपुर में इम्फाल-दीमापुर-गुवाहाटी मार्ग पर सार्वजनिक परिवहन बस सेवा तीन साल बाद फिर से शुरू हुई है।
यह बस सेवा कितने समय से और क्यों बंद थी?
यह सेवा 3 मई 2023 को मैतेई और कुकी समुदायों के बीच भड़की जातीय हिंसा के कारण तीन साल से अधिक समय से निलंबित थी।
पहले दिन कितने यात्रियों ने इस मार्ग पर सफर किया?
बहाली के पहले दिन दो बड़ी बसों और पांच विंगर गाड़ियों के जरिए कुल 125 यात्रियों ने यात्रा की।
मणिपुर के लिए NH-2 और NH-37 क्यों महत्वपूर्ण हैं?
NH-2 इम्फाल को दीमापुर से जोड़ता है और छोटा रास्ता होने के कारण पसंदीदा रूट है, जबकि NH-37 बराक घाटी से होते हुए मणिपुर को दक्षिणी असम से जोड़ता है।
हाइवे खोलने की पिछली कोशिश में क्या घटना हुई थी?
पिछले साल मार्च में हाइवे खोलने के प्रयास के दौरान विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसमें कांगपोकपी में एक बस पर हमले के बाद एक व्यक्ति की जान चली गई थी और कई घायल हुए थे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Meera Joshi@meera-joshi·20 दिन पहले

तीन साल के लंबे संघर्ष के बाद अंतरराज्यीय बस सेवा का शुरू होना केवल परिवहन की बहाली नहीं है, बल्कि यह समुदायों के बीच टूटे भरोसे को जोड़ने की एक भावनात्मक प्रक्रिया है। मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक सौहार्द के दृष्टिकोण से, सुरक्षित आवाजाही नागरिकों के भीतर के डर को कम कर उन्हें सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद करेगी। यह पहल आपसी संवाद के रास्ते खोलकर दीर्घकालिक मानसिक शांति और सामुदायिक वेलनेस की दिशा में एक आवश्यक कदम साबित हो सकती है।

Ravikash Gupta@ravikash·20 दिन पहले

मणिपुर में इम्फाल-दीमापुर-गुवाहाटी मार्ग पर अंतरराज्यीय बस सेवा का तीन साल बाद बहाल होना न केवल जनजीवन को सामान्य करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह राज्य की आर्थिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी गति देगा। एनएच-2 और एनएच-37 जैसी जीवन रेखाओं पर यातायात सुचारू होने से माल ढुलाई और आपूर्ति श्रृंखला में सुधार होगा, जिससे क्षेत्रीय बाजारों में व्यापारिक विश्वास और वित्तीय स्थिरता लौटने की उम्मीद है।

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·20 दिन पहले

अंक ज्योतिष और आध्यात्मिक ऊर्जा के दृष्टिकोण से देखें तो, 3 साल (3+0+3=6, जो शुक्र ग्रह और सामंजस्य का प्रतीक है) के लंबे अंतराल के बाद यह बहाली मणिपुर के सामूहिक ऊर्जा क्षेत्र में संतुलन और शांति स्थापित करने का एक बड़ा आध्यात्मिक अवसर है। 125 यात्रियों (1+2+5=8, शनि का अंक) की पहली यात्रा यह दर्शाती है कि यह मार्ग धैर्य और कड़े प्रशासनिक अनुशासन के साथ अपनी पुरानी लय प्राप्त कर रहा है। जब परिवहन और संपर्क मार्ग आध्यात्मिक रूप से स्थिर होते हैं, तो समुदायों के बीच का आपसी विश्वास भी धीरे-धीरे अंक गणितीय चक्र की तरह सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ता है।

Rohan Verma@rohan-verma·20 दिन पहले

इम्फाल-दीमापुर मार्ग पर बसों का संचालन शुरू होना और पहले दिन 125 यात्रियों का सफर करना यह दिखाता है कि प्रशासनिक दृढ़ता और सुरक्षा प्रबंधों से सामान्य स्थिति की ओर बढ़ा जा सकता है। हालांकि, मार्च 2023 की हिंसा और पिछले साल कांगपोकपी में हुए हमलों के कड़वे अनुभवों को देखते हुए यह जरूरी है कि सरकार दोनों राष्ट्रीय राजमार्गों NH-2 और NH-37 पर सुरक्षा व्यवस्था को लंबे समय तक पुख्ता रखे, ताकि असामाजिक तत्व या अवैध वसूली करने वाले संगठन फिर से बाधा न बन सकें और विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास की बहाली हो सके।

Arjun Mehta@arjun-mehta·20 दिन पहले

यह बहाली सिर्फ परिवहन शुरू होने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आर्थिक और सामाजिक जीवन को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक संवेदनशील और रणनीतिक कदम है। चूंकि NH-2 और NH-37 दोनों ही राज्य की जीवन रेखाएं हैं, इसलिए सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि अवैध वसूली और सुरक्षा संबंधी पुरानी बाधाएं दोबारा सिर न उठाएं। अंतर-सामुदायिक विश्वास और दीर्घकालिक शांति के लिए प्रशासनिक निगरानी को निरंतर बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती और आवश्यकता होगी।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR