भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान कूटनीतिक शिष्टाचार और पारंपरिक साधनों से हटकर एक अनूठा रास्ता अपनाया। उन्होंने नई दिल्ली से चंडीगढ़ तक की दूरी ट्रेन से तय की। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने भारतीय रेल के माहौल का लुत्फ उठाया और सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए अपने यादगार अनुभव जाहिर किए। उन्होंने बताया कि रेल यात्रा का यह निर्णय उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के एक सुझाव से प्रेरित होकर लिया था, जिसमें भारतीय जीवनशैली और संस्कृति को गहराई से समझने के लिए ट्रेनों के सफर को सबसे कारगर माध्यम माना गया है।
प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज का सुझाव और रेल यात्रा का अनुभव
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के माध्यम से उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने अपनी इस विशेष यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि उनके प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज अक्सर यह कहते आए हैं कि भारत को वास्तविक मायनों में जानने का सबसे अच्छा रास्ता यहां की ट्रेनों में सफर करना है। इसी सलाह का पालन करते हुए उन्होंने चंडीगढ़ पहुंचने के लिए ट्रेन का विकल्प चुना। फिलिप ग्रीन ने अपने इस सफर को बेहद आनंददायक और अविस्मरणीय करार दिया।
पंजाब और हरियाणा में नई संभावनाओं की तलाश
अपनी चंडीगढ़ यात्रा के दौरान ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त ने पंजाब और हरियाणा राज्यों में विभिन्न अवसरों को तलाशने के प्रति अपनी उत्सुकता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इन राज्यों के साथ आर्थिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक सहयोग बढ़ने से ऑस्ट्रेलिया और भारत के द्विपक्षीय रिश्ते और अधिक प्रगाढ़ होंगे। वे क्षेत्रीय स्तर पर साझेदारी के नए आयाम स्थापित करने और दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध दिखे।
शिक्षा, व्यापार और रक्षा क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग
इससे पहले भी एक सार्वजनिक मंच पर फिलिप ग्रीन ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच बहुआयामी संबंधों पर अपने विचार व्यक्त कर चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया था कि दोनों देश रक्षा, व्यापार और शिक्षा सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में एक-दूसरे के साथ गहराई से जुड़े हुए हैं। इनमें से शिक्षा एक ऐसा प्रमुख स्तंभ है जो दोनों देशों के बीच भविष्य के संबंधों की दिशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
किफायती और उच्च गुणवत्ता वाली ऑस्ट्रेलियाई शिक्षा का महत्व
फिलिप ग्रीन ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया उचित लागत पर विश्वस्तरीय और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने में सक्षम है। भारत अपने विकास के अगले चरण में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसे गति देने के लिए व्यापक स्तर पर कुशल और रोजगारपरक मानव संसाधन की आवश्यकता होगी। ऑस्ट्रेलिया की आधुनिक शिक्षा प्रणाली भारतीय छात्रों को उच्च शिक्षा देने के साथ-साथ आने वाले समय की तकनीकी और व्यावसायिक जरूरतों के अनुसार तैयार करने में मदद करती है, जिससे द्विपक्षीय साझेदारी को नई ऊर्जा मिलती है।



















