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त्रिची से सिंगापुर जा रही इंडिगो उड़ान में आई तकनीकी खराबी, 2.5 घंटे तक हवा में चक्कर काटने के बाद 127 यात्रियों की सुरक्षित लैंडिंगतमिलनाडु
22 अग॰ 2026, 6:13 am (66 दिन पहले)· 1

त्रिची से सिंगापुर जा रही इंडिगो उड़ान में आई तकनीकी खराबी, 2.5 घंटे तक हवा में चक्कर काटने के बाद 127 यात्रियों की सुरक्षित लैंडिंग

तमिलनाडु के त्रिची एयरपोर्ट से सिंगापुर के लिए उड़ान भरने के तुरंत बाद इंडिगो के विमान में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके बाद ईंधन कम करने के लिए ढाई घंटे तक हवा में मंडराने के बाद 127 यात्रियों के साथ रात 9 बजे सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग कराई गई।

तमिलनाडु के त्रिची स्थित तिरुचिरापल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सिंगापुर के लिए रवाना हुई इंडिगो की एक व्यावसायिक उड़ान को हवा में टेकऑफ के कुछ ही समय बाद आपातकालीन स्थिति का सामना करना पड़ा। विमान में अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण पायलट को सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत उड़ान बीच में ही रोककर वापस लौटने का निर्णय लेना पड़ा। हालांकि, हवाई अड्डे पर तुरंत उतरने के बजाय विमान को लगभग 2.5 घंटे तक आसमान में चक्कर लगाना पड़ा। ऐसा इसलिए किया गया ताकि सुरक्षित लैंडिंग के लिए तय मानक वजन हासिल करने की खातिर विमान के ईंधन को जलाकर कम किया जा सके। रात करीब 9 बजे विमान को त्रिची एयरपोर्ट पर पूरी सुरक्षा के साथ उतार लिया गया, जिससे उसमें सवार सभी 127 यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने राहत की सांस ली।

त्रिची से सिंगापुर उड़ान का घटनाक्रम और 2.5 घंटे का होल्डिंग पैटर्न

इंडिगो की यह अंतरराष्ट्रीय उड़ान त्रिची अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से शाम 6:40 बजे सिंगापुर के गंतव्य के लिए रवाना हुई थी। टेकऑफ करने के थोड़ी देर बाद जब विमान ऊंचाई की ओर बढ़ रहा था, तब कॉकपिट में पायलटों को ऑनबोर्ड प्रणालियों में किसी तकनीकी गड़बड़ी का संकेत मिला। स्थिति को भांपते हुए पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल और हवाई अड्डा अधिकारियों के साथ संपर्क स्थापित किया और आपातकालीन वापसी की प्रक्रिया शुरू की। चूंकि लंबी दूरी की इस उड़ान में ईंधन की मात्रा काफी अधिक थी, इसलिए टेकऑफ के तुरंत बाद उतरना बेहद खतरनाक साबित हो सकता था। अत्यधिक वजन के साथ लैंडिंग करने से विमान के लैंडिंग गियर और ढांचे पर भारी दबाव पड़ता है।

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इसी सुरक्षा जोखिम को टालने के लिए पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों के बीच लगातार बातचीत बनी रही और विमान को त्रिची के ऊपर आसमान में ही चक्कर लगाने का निर्देश दिया गया। करीब ढाई घंटे तक हवा में चक्कर काटते हुए विमान ने अपने अतिरिक्त ईंधन को सुरक्षित रूप से खत्म किया। जब विमान का वजन सुरक्षित लैंडिंग सीमा के भीतर आ गया, तब पायलट ने रात करीब 9 बजे त्रिची एयरपोर्ट के रनवे पर विमान की सफल लैंडिंग कराई। त्रिची हवाई अड्डा निदेशक गोपालकृष्णन ने पुष्टि की कि 127 यात्रियों को लेकर आया यह विमान सुरक्षित रूप से उतर गया है और सभी यात्री पूरी तरह सकुशल हैं। निदेशक ने यह भी बताया कि एयरलाइन प्रबंधन ने प्रभावित यात्रियों की यात्रा जारी रखने के लिए तुरंत एक वैकल्पिक विमान की व्यवस्था कर दी है। यद्यपि एयरलाइन ने खराबी के सटीक तकनीकी पहलू का खुलासा नहीं किया है, लेकिन विमान को विस्तृत जांच के लिए बे में भेज दिया गया है।

दिल्ली से मंगलुरु जाने वाली इंडिगो फ्लाइट 6E-6456 में 3 घंटे की देरी

त्रिची में हुई इस घटना के अलावा, गुरुवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी इंडिगो की एक अन्य उड़ान में तकनीकी समस्या देखने को मिली। दिल्ली से मंगलुरु जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6E-6456 में टैक्सी करते समय अचानक आई खराबी की वजह से यात्रियों को करीब 3 घंटे की भारी देरी झेलनी पड़ी। एयरबस A320 एयरक्राफ्ट द्वारा संचालित इस उड़ान का निर्धारित समय शाम 5:30 बजे था। हालांकि, शुरुआती कारणों से यह फ्लाइट पहले ही लगभग 20 मिनट देरी से चल रही थी। शाम करीब 5:50 बजे जब विमान टैक्सीवे पर धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा था, तब पायलट को विमान में किसी गड़बड़ी का अहसास हुआ।

पायलट ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तुरंत टैक्सी रोक दी। लगभग 8 से 10 मिनट तक बहुत धीमी गति से चलने के बाद विमान पूरी तरह रुक गया और पायलट ने इसे वापस पार्किंग बे की ओर मोड़ने का फैसला किया। इसके बाद करीब 5 मिनट के भीतर पायलट ने अनाउंसमेंट कर यात्रियों को जानकारी दी कि एक तकनीकी समस्या की वजह से विमान को वापस बे पर ले जाया जा रहा है। बे पर विमान के पहुंचते ही उसके दरवाजे खोले गए और 5 से 10 मिनट के भीतर एयरलाइन के विशेषज्ञ इंजीनियर जांच के लिए कॉकपिट और अंदरूनी हिस्सों में पहुंचे। गहन जांच के बाद क्रू ने यात्रियों को सूचित किया कि इस विमान से यात्रा संभव नहीं है और उन्हें नीचे उतरने को कहा गया। यात्रियों को टर्मिनल में रुकने की सलाह दी गई, जबकि उनके लिए वैकल्पिक विमान का प्रबंध किया गया। फ़्लाइटराडार24 के डेटा के मुताबिक, नया एयरक्राफ्ट मिलने के बाद फ्लाइट ने आखिरकार रात 8:28 बजे मंगलुरु के लिए उड़ान भरी।

हाल के महीनों में इंडिगो की उड़ानों में सामने आईं अन्य आपात स्थितियां

इंडिगो की उड़ानों में तकनीकी और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां हाल के महीनों में कई बार देखने को मिली हैं। इससे पहले जून महीने में अगरतला जाने वाली इंडिगो की एक उड़ान पर हवा में अचानक बिजली गिर गई थी। उस वक्त विमान में 141 यात्री सवार थे। हालांकि, बिजली टकराने के बावजूद पायलट की सतर्कता से विमान को सुरक्षित लैंड कराया गया और एक बड़ा हादसा होने से टल गया।

इसके अतिरिक्त, 17 जुलाई को बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी इंडिगो के एक विमान में उस समय हड़कंप मच गया जब अहमदाबाद जाने वाली फ्लाइट के शौचालय से एक धमकी भरा पत्र मिला। उस पत्र में साफ तौर पर लिखा था कि जहाज में बम है। इस तरह के बम थ्रेट और हालिया तकनीकी गड़बड़ियों ने इंडिगो की परिचालन सुरक्षा और विमान रखरखाव प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े किए हैं, जबकि एयरलाइन प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सवाल-जवाब

त्रिची से सिंगापुर जा रही इंडिगो की उड़ान को वापस क्यों उतरना पड़ा?
टेकऑफ के तुरंत बाद विमान में तकनीकी खराबी का पता चला था, जिसके बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत पायलट ने त्रिची एयरपोर्ट पर लौटने का फैसला किया।
लैंडिंग से पहले विमान हवा में ढाई घंटे तक क्यों चक्कर लगाता रहा?
सुरक्षित लैंडिंग वजन हासिल करने और अत्यधिक ईंधन के खतरे को कम करने के लिए विमान ने करीब 2.5 घंटे तक हवा में चक्कर लगाकर ईंधन कम किया।
विमान में कितने यात्री सवार थे और क्या सभी सुरक्षित हैं?
विमान में कुल 127 यात्री सवार थे और रात करीब 9 बजे हुई सुरक्षित लैंडिंग के बाद सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।
त्रिची एयरपोर्ट पर उतरे 127 यात्रियों के आगे के सफर के लिए क्या इंतजाम किए गए?
त्रिची हवाई अड्डा निदेशक गोपालकृष्णन के अनुसार, सभी 127 यात्रियों को सिंगापुर पहुंचाने के लिए एयरलाइन द्वारा एक वैकल्पिक फ्लाइट की व्यवस्था की गई।
दिल्ली से मंगलुरु जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6E-6456 में क्या समस्या हुई थी?
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर टैक्सी करते समय एयरबस A320 विमान में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसके कारण यात्रियों को दूसरे विमान से रात 8:28 बजे रवाना किया गया और कुल 3 घंटे की देरी हुई।
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