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ट्विशा शर्मा मामला: जेल में बंद रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की कोर्ट से अनोखी गुहार, बोलीं पूरा अखबार पढ़ने दिया जाएमध्य प्रदेश
17 जून 2026, 3:37 am (88 दिन पहले)· 2

ट्विशा शर्मा मामला: जेल में बंद रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की कोर्ट से अनोखी गुहार, बोलीं पूरा अखबार पढ़ने दिया जाए

भोपाल की जिला अदालत ने रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 30 जून तक बढ़ा दी, जबकि गिरिबाला ने कोर्ट में बिना कटा अखबार और वकीलों से ज्यादा मुलाकात का समय मांगा।

ट्विशा शर्मा की रहस्यमयी मौत के मामले में आरोपी रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। भोपाल की एक जिला अदालत ने दोनों की न्यायिक हिरासत 30 जून तक के लिए आगे बढ़ा दी है। यह आदेश तब आया जब मां-बेटे की 14 दिन की न्यायिक हिरासत की अवधि पूरी हो चुकी थी और उन्हें दोबारा अदालत के सामने पेश किया जाना था।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी, दो हफ्ते और हिरासत

हिरासत की मियाद खत्म होने पर दोनों आरोपियों को भोपाल सेंट्रल जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में हाजिर किया गया। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकील अदालत में मौजूद रहे और जज ने दोनों तरफ की दलीलें सुनीं। इसके बाद कोर्ट ने तय किया कि दोनों आरोपी अगले दो हफ्ते तक न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे। सुनवाई में ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा और उनके भाई मेजर हर्षित शर्मा भी पहुंचे।

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गिरिबाला सिंह ने कोर्ट के सामने रखी अपनी परेशानियां

पेशी के मौके पर आरोपी गिरिबाला सिंह ने जज के सामने अपनी कई शिकायतें रखीं। उन्होंने कहा कि जेल में उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों के अखबार तो मिल रहे हैं, लेकिन उनसे उनके अपने केस से जुड़ी खबरें काट दी जाती हैं। उनकी मांग थी कि उन्हें बिना कटा हुआ पूरा अखबार पढ़ने को दिया जाए।

इसके साथ ही गिरिबाला ने वकीलों से मिलने का समय बढ़ाने की भी गुजारिश की। उनका कहना था कि मामले को समझने के लिए महज 20 मिनट का वक्त बहुत कम पड़ता है। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि उन्हें अपने बेटे समर्थ के साथ मिलकर वकीलों से बात करने की इजाजत दी जाए।

12 मई को संदिग्ध हालात में हुई थी ट्विशा की मौत

इस पूरे मामले की शुरुआत 12 मई को हुई, जब भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका पहला पोस्टमार्टम भोपाल के एम्स में कराया गया था, मगर परिवार ने उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया। परिजनों की आपत्ति के बाद अदालत के आदेश पर ट्विशा का दूसरी बार पोस्टमार्टम कराया गया।

ट्विशा के परिवार का आरोप है कि शादी के बाद उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। परिवार ने उसकी मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। दूसरी तरफ, आरोपियों ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को नकार दिया है।

केस सीबीआई के पास, घर पर क्राइम सीन रिक्रिएशन

दूसरा पोस्टमार्टम होने के बाद ट्विशा के परिवार ने उनका अंतिम संस्कार किया और नोएडा लौट गया। आगे चलकर यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया, जिसके बाद सास गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की गिरफ्तारी हुई। जांच को आगे बढ़ाते हुए सीबीआई की टीम गिरिबाला के घर पहुंची और वहां क्राइम सीन को दोबारा रचकर देखा। इस दौरान घटनाक्रम को समझने के लिए एक वजनदार डमी का इस्तेमाल किया गया।

ग्रेटर नोएडा में दर्ज हुए बयान, कई पहलुओं की जांच

ट्विशा के परिवार की ओर से पैरवी कर रहे वकील अंकुर पांडे के मुताबिक, सीबीआई के अधिकारी ग्रेटर नोएडा भी गए और वहां परिवार के सदस्यों समेत मामले से जुड़े अन्य लोगों के बयान दर्ज किए। पांडे के अनुसार, एजेंसी इस वक्त फोरेंसिक सबूतों, डिजिटल रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन और गवाहों के बयानों की बारीकी से पड़ताल कर रही है।

सवाल-जवाब

गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की हिरासत कब तक बढ़ाई गई है?
भोपाल की जिला अदालत ने दोनों की न्यायिक हिरासत 30 जून तक बढ़ा दी है।
गिरिबाला सिंह ने कोर्ट से क्या मांग की?
उन्होंने बिना कटा हुआ पूरा अखबार पढ़ने और वकीलों से मिलने का समय बढ़ाने की मांग की, क्योंकि 20 मिनट उन्हें कम लगते हैं।
ट्विशा शर्मा की मौत कब और कहां हुई?
ट्विशा शर्मा की मौत 12 मई को भोपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी।
मामले की जांच अभी कौन कर रहा है?
यह मामला सीबीआई के पास है, जो फोरेंसिक सबूतों, डिजिटल रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन और गवाहों के बयानों की जांच कर रही है।
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