त्योहारी सीजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के उद्देश्य से अहमदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शहर भर में एक बड़ा तलाशी अभियान चलाया है। इस विशेष कार्रवाई के तहत बिना वैध दस्तावेजों के अवैध रूप से रह रहे 61 विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया। पकड़े गए लोगों में ज्यादातर नागरिक बांग्लादेश के रहने वाले बताए गए हैं। प्रशासन अब इन सभी व्यक्तियों की पृष्ठभूमि और शहर में मौजूदगी के कारणों की गहन पड़ताल कर रहा है, जिसके बाद उन्हें वापस उनके देश भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
त्योहारों के मद्देनजर चलाया गया तलाशी अभियान
आगामी दिवाली के त्योहार को देखते हुए शहर के बाजारों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर आम दिनों की तुलना में भारी भीड़ जुटने की संभावना है। इसी स्थिति को ध्यान में रखकर अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने संभावित सुरक्षा जोखिमों की रोकथाम और अनधिकृत रूप से रह रहे प्रवासियों की पहचान करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से यह मुहिम चलाई। क्राइम ब्रांच की अलग-अलग टीमों ने अहमदाबाद के कई चिन्हित इलाकों में एक साथ दबिश दी और संदिग्ध रूप से रह रहे लोगों की पहचान की पुष्टि करने के बाद 61 व्यक्तियों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया।
दस्तावेजों की गहन छानबीन और कानूनी प्रक्रिया
हिरासत में लिए गए इन सभी नागरिकों के पहचान पत्र, नागरिकता से जुड़े कागजात और शहर में ठहरने संबंधी प्रमाणों की बारीकी से जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ये सभी विदेशी नागरिक भारत में रहने के लिए जरूरी वैध अनुमति या वैध दस्तावेजों के बिना ही अहमदाबाद में निवास कर रहे थे। अधिकारियों का स्पष्ट रुख है कि जरूरी कानूनी औपचारिकताएं और विस्तृत जांच पूरी होने के बाद इन सभी व्यक्तियों को डिपोर्ट करने यानी उनके वतन वापस भेजने की औपचारिक प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
अन्य संपर्कों और नेटवर्क की पड़ताल
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच केवल पकड़े गए लोगों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि जांच का दायरा बढ़ाते हुए यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या ये लोग यहां अकेले रह रहे थे या इनके परिजन और रिश्तेदार भी साथ मौजूद हैं। इसके अलावा पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि इन लोगों के नेटवर्क या जान-पहचान वाले व्यक्ति देश के किन-किन अन्य राज्यों में फैले हुए हैं। इस पड़ताल का मुख्य मकसद अन्य स्थानों पर अवैध रूप से रह रहे ऐसे ही प्रवासियों की पहचान करना और पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें भी वापस भेजने का मार्ग प्रशस्त करना है।



















