मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित पवित्र तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी के तट पर एक बेहद दुखद हादसा सामने आया है। यहां आस्था की डुबकी लगाने पहुंचे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी दो युवकों की गहरे पानी में डूबने के कारण जान चली गई। यह हृदयविदारक घटना तीर्थनगरी के प्रसिद्ध गोमुख घाट पर घटित हुई, जहां स्नान करते वक्त अचानक संतुलन बिगड़ने से दोनों युवक तेज धारा और गहरे पानी की चपेट में आ गए। घाट पर मौजूद अन्य श्रद्धालुओं ने जब युवकों को पानी में संघर्ष करते देखा, तो वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
गोमुख घाट पर पैर फिसलने से हुआ हादसा
नर्मदा नदी के गोमुख घाट पर हुए इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले दोनों युवकों की शिनाख्त सौरभ और अमन के तौर पर की गई है। दोनों युवक उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से ओंकारेश्वर दर्शन और नर्मदा स्नान के उद्देश्य से पहुंचे थे। घाट पर स्नान के दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया। सीढ़ियों और पत्थरों पर फिसलन होने की वजह से वे संभल नहीं सके और सीधे नदी के गहरे हिस्से में चले गए। जब तक आसपास के लोग कुछ समझ पाते या उनकी मदद के लिए आगे बढ़ते, दोनों पानी के तेज बहाव और गहराई में पूरी तरह समा गए। अचानक घटे इस हादसे से घाट किनारे मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में हड़कंप फैल गया।
गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद निकाले शव
हादसे की सूचना मिलते ही ओंकारेश्वर थाना प्रभारी अनोख सिंह सिंधिया अपनी पूरी पुलिस टीम के साथ तुरंत गोमुख घाट पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने बिना समय गंवाए स्थानीय गोताखोरों को नदी में तलाशी अभियान चलाने के निर्देश दिए। गोताखोरों की टीम ने तत्काल गहरे पानी में उतरकर दोनों युवकों की खोजबीन शुरू की। कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोर दोनों युवकों को पानी से बाहर निकालने में सफल रहे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर वैधानिक प्रक्रिया पूरी की और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया, जहां आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
नर्मदा के घाटों पर सुरक्षा को लेकर उठते सवाल
ओंकारेश्वर में नर्मदा स्नान के दौरान हुए इस नए हादसे ने एक बार फिर नदी के खतरनाक और गहरे जलक्षेत्रों में उतरने के जोखिम को उजागर कर दिया है। पवित्र नगरी में इस प्रकार की घटनाएं पहले भी कई मर्तबा सामने आ चुकी हैं, जो श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। इससे पूर्व भी ओंकारेश्वर में गोमुख घाट के ठीक सामने नर्मदा नदी में चलती नाव के इंजन में अचानक भीषण आग लग गई थी। उस वक्त भी लपटें उठते ही नाव सवार यात्रियों के बीच भारी अफरा-तफरी मच गई थी। नदी तटों पर हादसों का सिलसिला केवल यहीं तक सीमित नहीं है, बल्कि जबलपुर जिले में 27 जून 2026 को तिलवारा इलाके के दद्दा घाट पर भी नर्मदा नदी में नहाते समय तीन युवकों के डूबने की बेहद दुखद घटना सामने आ चुकी है। पुलिस फिलहाल गाजियाबाद के दोनों युवकों के मामले में जरूरी कानूनी कदम उठा रही है।





















