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उत्तर प्रदेश विधानपरिषद चुनाव: नए चेहरों के जुड़ते ही दो सीटों पर बदले उम्मीदवार, शिक्षा और कानून व्यवस्था पर तीखे वारउत्तर प्रदेश
3 अक्तू॰ 2026, 4:32 pm (25 दिन पहले)· 1

उत्तर प्रदेश विधानपरिषद चुनाव: नए चेहरों के जुड़ते ही दो सीटों पर बदले उम्मीदवार, शिक्षा और कानून व्यवस्था पर तीखे वार

समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानपरिषद की 11 सीटों के लिए अपने दो प्रत्याशी बदलते हुए डॉक्टर आकाश अग्रवाल और डॉक्टर संजय त्रिपाठी को मैदान में उतारा है। अखिलेश यादव ने उम्मीदवारों के फेरबदल के साथ शिक्षा, कानून व्यवस्था और किसान कर्जमाफी के मुद्दों पर सरकार को घेरा।

उत्तर प्रदेश में विधानपरिषद की 11 सीटों पर प्रस्तावित मतदान से पहले समाजवादी पार्टी के चुनावी समीकरणों में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। संगठन में शामिल होते ही पार्टी ने दो नए चेहरों को चुनावी समर में उतारने का फैसला किया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस रणनीतिक बदलाव की घोषणा करते हुए साफ किया कि संगठन के भीतर सर्वसम्मति और आपसी समझ के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। जिन नेताओं ने नए चेहरों के लिए अपनी उम्मीदवारी छोड़ी है, उनके योगदान को रेखांकित करते हुए संगठन ने उन्हें भविष्य में सम्मानजनक भूमिका देने का भरोसा दिलाया है।

नए प्रत्याशियों का स्वागत और त्याग करने वालों का आभार

पार्टी नेतृत्व ने साफ किया कि पूर्व एमएलसी डॉक्टर आकाश अग्रवाल और डॉक्टर संजय त्रिपाठी के पार्टी में शामिल होने के तुरंत बाद उन्हें उच्च सदन के लिए प्रत्याशी बनाने की सहमति बनी। दोनों नेता अब पार्टी के बैनर तले अपनी चुनावी ताल ठोकेंगे। अखिलेश यादव ने कहा कि जिन साथियों ने पहले टिकट मिलने के बाद भी संगठन हित में अपनी दावेदारी वापस ली, वे विशेष आभार के पात्र हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उचित समय आने पर ऐसे समर्पित सहयोगियों को उचित सम्मान और दायित्व सौंपा जाएगा। संगठन की प्राथमिक रणनीति यह सुनिश्चित करना है कि सभी 11 सीटों पर कार्यकर्ता एकजुट होकर काम करें और इन दोनों सीटों समेत सभी क्षेत्रों में ऐतिहासिक जीत हासिल की जा सके।

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आगरा और गोरखपुर-फैजाबाद निर्वाचन क्षेत्रों के बदले समीकरण

इस ताजा सूची के मुताबिक आगरा निर्वाचन क्षेत्र से डॉक्टर आकाश अग्रवाल को चुनावी मैदान में उतारा गया है। वहीं गोरखपुर-फैजाबाद मंडल सीट पर पहले से घोषित प्रत्याशी कमलेश यादव की जगह अब डॉक्टर संजय त्रिपाठी समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे। नए प्रत्याशियों के नाम सामने आने के साथ ही पार्टी ने चुनावी अभियान को धार देना शुरू कर दिया है। संगठन का मानना है कि इन क्षेत्रों में नए समीकरणों के जरिए जमीनी स्तर पर मतदाताओं को एकजुट करना और अधिक प्रभावी होगा।

शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और गिरोहों पर कड़ा प्रहार

प्रत्याशियों के ऐलान के साथ ही अखिलेश यादव ने प्रदेश की वर्तमान व्यवस्थाओं पर तीखे राजनीतिक सवाल खड़े किए। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षा और परीक्षा प्रणाली की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि मौजूदा शासनकाल में परीक्षाओं की शुचिता पूरी तरह नष्ट हो चुकी है और लगातार पर्चा लीक होने की घटनाएं सामने आई हैं। स्कूली स्तर की पढ़ाई चरमरा गई है और कई शिक्षण संस्थानों के आसपास नकल व गड़बड़ी कराने वाले गिरोह सक्रिय हो चुके हैं। इस अव्यवस्था का सीधा नुकसान आम छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को उठाना पड़ रहा है।

फर्जी वोटिंग के आरोप और हर क्षेत्र में 27 हजार वोट बढ़ाने का संकल्प

मतदाता सूची के निर्माण को लेकर भी पार्टी ने सत्ताधारी दल पर गंभीर धांधली के आरोप लगाए हैं। अखिलेश यादव के अनुसार हर क्षेत्र में लगभग 27 हजार वोटों की गड़बड़ी की गई है और शिक्षक न होने के बावजूद कई लोगों के नाम शिक्षक मतदाता सूची में जोड़ दिए गए हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे हर निर्वाचन क्षेत्र में 27 हजार वैध वोट जोड़कर इस पक्षपात का मुंहतोड़ जवाब दें। इसके अलावा राज्य की पुलिस कार्यप्रणाली पर न्यायिक टिप्पणियों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अदालतों की लगातार टिप्पणियां साबित करती हैं कि व्यवस्था में गंभीर खामियां आ चुकी हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि बीजेपी अपने सहयोगी दलों की राजनीतिक मोलभाव की ताकत खत्म करने की रणनीति पर काम कर रही है ताकि वे किसी दूसरी दिशा में न जा सकें।

किसानों की कर्जमाफी और चुनावी घोषणा पत्र का वादा

संबोधन के दौरान ग्रामीण अर्थव्यवस्था और अन्नदाताओं की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। समाजवादी पार्टी प्रमुख ने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी हमेशा से किसानों के अधिकारों और राहत के पक्ष में खड़ी रही है। आगामी घोषणा पत्र में किसानों से जुड़े कई बड़े बिंदुओं को शामिल किया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बड़े-बड़े उद्योगपतियों के अरबों रुपये के कर्ज आसानी से माफ किए जा सकते हैं, तो संकट से जूझ रहे किसानों को कर्ज से मुक्ति क्यों नहीं दी जा सकती। उन्होंने पहले दिए गए उस संदेश को भी दोहराया जिसमें सहयोगियों से पुराने गिले-शिकवे भुलाकर साथ आने का आह्वान किया गया था।

सवाल-जवाब

समाजवादी पार्टी ने किन सीटों पर अपने प्रत्याशी बदले हैं?
पार्टी ने आगरा निर्वाचन क्षेत्र और गोरखपुर-फैजाबाद मंडल सीट पर अपने उम्मीदवार बदले हैं।
नए घोषित प्रत्याशी कौन हैं?
पार्टी में शामिल होते ही पूर्व एमएलसी डॉक्टर आकाश अग्रवाल को आगरा से और डॉक्टर संजय त्रिपाठी को गोरखपुर-फैजाबाद से प्रत्याशी बनाया गया है।
गोरखपुर-फैजाबाद सीट पर पहले कौन प्रत्याशी घोषित थे?
इस सीट पर पहले कमलेश यादव को समाजवादी पार्टी का उम्मीदवार बनाया गया था, जिनकी जगह अब डॉक्टर संजय त्रिपाठी लड़ेंगे।
उत्तर प्रदेश विधानपरिषद की कितनी सीटों पर चुनाव होना है?
उत्तर प्रदेश में विधानपरिषद की कुल 11 सीटों पर यह चुनाव आयोजित होने जा रहा है।
वोटर लिस्ट को लेकर समाजवादी पार्टी ने क्या आरोप लगाए हैं?
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि गैर-शिक्षकों के नाम जोड़कर हर क्षेत्र में लगभग 27 हजार वोटों की धांधली की गई है, जिसका जवाब कार्यकर्ता 27 हजार नए वोट जोड़कर देंगे।
अखिलेश यादव ने शिक्षा और पुलिस व्यवस्था को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि लगातार पेपर लीक होने से शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है और अदालतों की लगातार टिप्पणियों से साबित होता है कि पुलिस प्रणाली में गंभीर खामियां हैं।
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टिप्पणियाँ 5

Yuki Tanaka@yuki-tanaka·25 दिन पहले

चुनाव से ठीक पहले टिकट बदलना हमेशा जोखिम भरा होता है, पर लगता है सपा इस बार रणनीति पर पूरा जोर दे रही है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·25 दिन पहले

जब मैं आगरा गया था, तब वहाँ के युवाओं में पढ़ाई और पेपर लीक को लेकर भारी गुस्सा देखा था। अखिलेश का यह दांव शायद उसी नाराजगी को भुनाने के लिए है।

Ravikash Gupta@ravikash·25 दिन पहले

अर्जुन, आपकी बात सही है, पर क्या इन नए उम्मीदवारों के आने से वाकई ज़मीनी स्तर पर वो गुस्सा कम हो पाएगा?

Rohan Verma@rohan-verma·25 दिन पहले

टिकट बदलने से समीकरण सुधरते तो दिखते हैं, पर अंत में सब ज़मीनी कार्यकर्ताओं की मेहनत पर टिकता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·25 दिन पहले

रोहन जी, बात तो सही है आपकी। पर अखिलेश यादव के इन नए चेहरों को उतारने से वाकई उन सीटों पर जीत पक्की हो पाएगी क्या?

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