असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की एक फर्जी और छेड़छाड़ की गई तस्वीर सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। इस मनगढ़ंत तस्वीर को आधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI तकनीक के जरिए तैयार किया गया था, जिसका मकसद आम जनता को भ्रमित करना था। इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
मुख्यमंत्री कार्यालय का सख्त बयान
मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच X पर इस संबंध में औपचारिक जानकारी साझा की। बयान में स्पष्ट किया गया कि प्रशासन ने मनगढ़ंत तस्वीर के जानबूझकर किए जा रहे प्रसार का कड़ा संज्ञान लिया है। अधिकारियों ने कहा कि इस तस्वीर का वास्तविकता से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है और यह पूरी तरह से झूठी और निराधार है। मुख्यमंत्री की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने और लोगों में भ्रम फैलाने के उद्देश्य से यह दुष्प्रचार अभियान चलाया गया था।
कार्यालय ने कड़े शब्दों में कहा कि कृत्रिम तकनीक से बनाई गई यह सामग्री सच का खुला अपमान है। बयान में आगे कहा गया कि ऐसी मनगढ़ंत सामग्री तैयार करना और उसे फैलाना सोशल मीडिया मंचों का घोर दुरुपयोग है। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि इस फर्जी अभियान में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी दोषियों के खिलाफ कठोरतम वैधानिक कदम उठाए जाएंगे।
दोषियों की पहचान और कानूनी शिकंजा
जांच अधिकारियों ने इस फर्जीवाड़े में शामिल तत्वों की पहचान करने में प्रगति हासिल की है। आधिकारिक बयान के अनुसार, फर्जी तस्वीर को बनाने और उसे विभिन्न हैंडलों से आगे बढ़ाने वाले व्यक्तियों को चिह्नित कर लिया गया है। इस सिलसिले में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने अपनी पड़ताल तेज कर दी है ताकि इस षड्यंत्र से जुड़े हर पहलू को सामने लाया जा सके।
प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया कि दुर्भावनापूर्ण अभियान चलाने वाले किसी भी साजिशकर्ता को जवाबदेही से बचने की छूट नहीं मिलेगी। इसके साथ ही इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को भी सतर्क किया गया है कि वे बिना पुष्टि किए ऐसी फर्जी सामग्री को आगे न बढ़ाएं और दुर्भावनापूर्ण प्रचार का माध्यम बनने से बचें। ऑनलाइन माध्यमों पर प्रसारित होने वाली सूचनाओं की सत्यता परखने को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई है।



















